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उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 71 शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव के बीच, आगरा में तेज बारिश के कारण आसमान काले बादलों से ढका रहा, जिससे ऐतिहासिक ताजमहल भी बादलों की ओट में छिपा हुआ दिखाई दिया। वहीं, प्रयागराज जिले में बारिश के दौरान हुई एक दुखद घटना में करंट लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बारिश के अलर्ट और वर्तमान मौसम की गंभीर परिस्थितियों के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
आशीष कुमार मिश्रा
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 71 शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव के बीच, आगरा में तेज बारिश के कारण आसमान काले बादलों से ढका रहा, जिससे ऐतिहासिक ताजमहल भी बादलों की ओट में छिपा हुआ दिखाई दिया। वहीं, प्रयागराज जिले में बारिश के दौरान हुई एक दुखद घटना में करंट लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बारिश के अलर्ट और वर्तमान मौसम की गंभीर परिस्थितियों के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
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- ककरौला क्षेत्र के अंबिका एंक्लेव में नागरिक सुविधाओं की अनदेखी एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ शिवानी एंक्लेव स्थित जीबीएम स्कूल के पास, शुक्रवार बाजार रोड पर पार्क के ठीक सामने रोज़ाना खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी संबंधित विभाग और मीडिया को इस समस्या से अवगत कराया था और चेतावनी दी थी कि समय पर कार्रवाई न होने पर यह स्थान स्थायी कूड़ाघर में बदल जाएगा। वर्तमान में स्थिति ठीक वैसी ही दिखाई दे रही है जैसी आशंका पहले जताई गई थी। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क पर लगातार कूड़ा डाले जाने से गंदगी, दुर्गंध और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। उनका दावा है कि न तो कूड़ा फेंकने वालों पर कोई रोक लगाई जा रही है और न ही संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई कर रहा है, जिससे उनकी नाराज़गी लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में, लोगों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांगों में इस स्थान पर नियमित सफाई सुनिश्चित करना, कूड़ा फेंकने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और पूरे क्षेत्र को गंदगी से मुक्त कराना शामिल है।1
- इंडोनेशिया में बोलते हुए, नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन पर महादेव का विशेष आशीर्वाद है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि महादेव ने ही उन्हें सोमनाथ मंदिर की सेवा करने के साथ-साथ काशी-विश्वनाथ और महाकाल मंदिर के लिए कॉरिडोर बनाने का अवसर प्रदान किया है। इस बयान को राजपथ न्यूज़ पर दिखाया गया।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) रहे ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर सतर्कता टीम (विजिलेंस टीम) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम को एआरटीओ के घर से अकूत दौलत का खजाना मिला है। इस खजाने में करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद शामिल है, जिसे दीवारों और पैकेटों में छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा, करीब 13 किलोग्राम सोना, नौ किलोग्राम चांदी, हीरे और अन्य कीमती ज्वेलरी भी बरामद की गई है। बरामद किए गए सोने-चांदी और ज्वेलरी की अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। आभूषणों में सोने के बिस्किट, ईंटें, चांदी की ईंटें और बिस्किट भी मिले हैं। इस कार्रवाई में 13 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का भी पता चला है, जिससे कुल चल-अचल संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब 35 करोड़ रुपये हो गया है।1
- दिल्ली में विज्ञापनों के बजाय शिक्षा में निवेश के माध्यम से भविष्य बदलने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में, दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इस पहल के तहत, जनकपुरी के विभिन्न विद्यालयों में 255 स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जा चुके हैं। सरकार ने इस वर्ष पूरे दिल्ली में 9,000 कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है, और आगामी वर्षों में कुल 38,000 कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में परिवर्तित करने की योजना है।1
- राजधानी दिल्ली के राजापार्क थाना क्षेत्र में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो सगे भाइयों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया गया। इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया, जिसमें एक भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, दूसरा भाई गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, इस खून-खराबे के पीछे पुरानी रंजिश एक मुख्य वजह बताई जा रही है। बताया गया है कि आरोपी और पीड़ित पक्ष एक ही इलाके के निवासी हैं और उनके बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। हैरान करने वाली बात यह भी है कि आरोपी पक्ष पहले भी दो बार पीड़ितों पर चाकू से हमला कर चुका था, लेकिन हर बार मामला किसी तरह दबा दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही राजापार्क थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू की, और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी भी कर रही है। इस जानलेवा हमले को लेकर मृतकों के भाई मुकेश, पत्नी संगीता और चाचा नरेश ने भी अपनी बात रखी है, और पुलिस के खिलाफ इलाके में आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है।1
- इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा। "ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है। इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है। भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है। निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।1
- इंडोनेशिया में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए इंडोनेशियन फाइटर जेट्स को हवा में तैनात किया गया था। यह दृश्य राजपथ न्यूज़ पर उपलब्ध है, जहाँ यह दिखाया गया है कि कैसे इंडोनेशियन फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री मोदी की हवाई सुरक्षा सुनिश्चित की।1
- केरल के वायनाड में मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट के पास हुए भूस्खलन का एक चौंकाने वाला सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। इस फुटेज में पहले सब कुछ सामान्य दिखाई देता है, लेकिन फिर अचानक ज़मीन खिसकने लगती है, जिसके बाद मौके पर तुरंत अफरा-तफरी मच जाती है। यह वीडियो दिखाता है कि कैसे मात्र कुछ ही सेकंड में पूरी स्थिति बदल गई और शांतिपूर्ण माहौल अचानक तबाही में बदल गया। सीसीटीवी में कैद हुए ये खौफनाक पल इस बात की गवाही देते हैं कि कैसे अचानक आई इस आपदा ने सब कुछ अस्त-व्यस्त कर दिया।1