अमरोहा के तहसील क्षेत्र में एक ही युवक से शादी करने वाली तीन सगी बहनों का मामला अब नए विवाद में घिर गया है। मामले में सबसे छोटी दुल्हन की उम्र 15 वर्ष बताए जाने और नाबालिग होने के आरोप के बाद बाल कल्याण समिति ने पुलिस से तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की है। इस बीच तीनों बहनों ने एक वीडियो जारी कर पुलिस-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो वे अपने पति के साथ जान दे देंगी। वीडियो में बहनों का कहना है कि उनकी शादी उनकी अपनी मर्जी से हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि वे शिकायत करने पर उतर आईं तो गांव के आधे से अधिक परिवार कानूनी कार्रवाई की जद में आ जाएंगे, क्योंकि गांव में कई लड़कियों की कम उम्र में शादी हुई है और अब उनके बच्चे भी हैं। फिलहाल पुलिस और बाल कल्याण समिति पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
अमरोहा के तहसील क्षेत्र में एक ही युवक से शादी करने वाली तीन सगी बहनों का मामला अब नए विवाद में घिर गया है। मामले में सबसे छोटी दुल्हन की उम्र 15 वर्ष बताए जाने और नाबालिग होने के आरोप के बाद बाल कल्याण समिति ने पुलिस से तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की है। इस बीच तीनों बहनों ने एक वीडियो जारी कर पुलिस-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो वे अपने पति के साथ जान दे देंगी। वीडियो में बहनों का कहना है
कि उनकी शादी उनकी अपनी मर्जी से हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि वे शिकायत करने पर उतर आईं तो गांव के आधे से अधिक परिवार कानूनी कार्रवाई की जद में आ जाएंगे, क्योंकि गांव में कई लड़कियों की कम उम्र में शादी हुई है और अब उनके बच्चे भी हैं। फिलहाल पुलिस और बाल कल्याण समिति पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
- अमरोहा में नगर पालिका अध्यक्ष शशि जैन ने विकास कार्यों को नई रफ्तार दी है। उनकी अगुवाई में लगातार हो रहे कार्यों के चलते शहर की पूरी सूरत बदल गई है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमरोहा के निवर्तमान सांसद कुँवर दानिश अली ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफा कोई त्याग नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी का इकरारनामा है। उन्होंने इसे देश के लाखों युवाओं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष द्वारा किए गए संघर्ष की जीत करार दिया। अपने वीडियो बयान में कुँवर दानिश अली ने आरोप लगाया कि देशभर के युवा लंबे समय से निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके आंदोलन को राष्ट्रविरोधी बताकर छात्रों का अपमान किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निष्पक्ष परीक्षा की मांग करना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं। उन्होंने मांग की कि सरकार को युवाओं की आवाज़ सुननी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। दानिश अली ने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत का प्रतीक है और युवाओं के अधिकारों की अनदेखी अब नहीं की जा सकती।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने छात्र एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक पर रोक लगाने जैसी गंभीर मांगें उठाई गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और छात्रों ने शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाई।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक रिहाइशी मकान के पास चल रही अवैध नमकीन फैक्ट्री से स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। इस फैक्ट्री से हर वक्त धुआं निकलता रहता है और जनरेटर का तेज शोर बना रहता है। इसके अलावा, फैक्ट्री में नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए छोटे-छोटे बच्चों से काम कराया जा रहा है। पीड़ितों का कहना है कि मामले की शिकायत आला अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। आरोप है कि नमकीन फैक्ट्री के मालिक का लड़का खुलेआम पैसे के बल पर पुलिस, फूड सेफ्टी विभाग और प्रदूषण विभाग को खरीदने की बात करता है, जिसका असर भी दिख रहा है और अधिकारी खामोश बैठे हैं। फैक्ट्री में माल लादकर आने-जाने वाले टेम्पो के कारण गली में छोटे बच्चों और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। परेशान निवासियों ने इस अवैध नमकीन फैक्ट्री को तुरंत बंद कराने की मांग की है।2
- संभल हिंसा के मुख्य आरोपी एडवोकेट जफर अली ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ज्वाइन कर ली है। ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा के इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए एडवोकेट जफर अली अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ जुड़ गए हैं।1
- महाप्रभु के दिव्य राजराजेश्वरी वेश ने सभी का मन मोह लिया है। उनके इस अलौकिक और भव्य स्वरूप को देखकर लोग पूरी तरह भाव-विभोर हो गए।1
- अमरोहा नगर थाना पुलिस ने हत्या के मामले में फरार चल रहे एक नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने 23 जुलाई को कार्रवाई करते हुए हत्या के मुकदमे में नामजद फैज पुत्र मतलूब, निवासी मौहल्ला सट्टी/हक्कानी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वादी द्वारा 24 जुलाई को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त ने गुस्से में आकर वादी की बहन शबाना की हत्या कर दी थी। इस संबंध में थाना अमरोहा नगर में मुकदमा पंजीकृत था। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से मृतका शबाना का आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल खरीद की रसीद भी बरामद की है।1
- असदुद्दीन ओवैसी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बयान देते हुए इसे कुर्बानी की बड़ी जीत करार दिया है। मुरादाबाद से मिली ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, ओवैसी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे के घटनाक्रम को अपनी बड़ी सफलता और जीत के रूप में रेखांकित किया है।1
- एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुरादाबाद के ऐतिहासिक जामा मस्जिद पार्क में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। बहराइच और सहारनपुर के दौरों के बाद मुरादाबाद पहुंचे ओवैसी ने हजारों समर्थकों की मौजूदगी में चुनावी तैयारियों का शंखनाद किया। अपने संबोधन में ओवैसी ने वर्ष 1980 में मुरादाबाद ईदगाह में हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना में बड़ी संख्या में मुसलमानों की जान गई थी और आज भी न्याय की मांग कायम है। उन्होंने ऐलान किया कि एआईएमआईएम पूरी मजबूती के साथ 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी। ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई दल समान विचारधारा के साथ गठबंधन करना चाहता है, तो उनकी पार्टी बातचीत के लिए तैयार है। जनसभा में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने एआईएमआईएम की राजनीतिक सक्रियता का संकेत दिया है।1