#अलीगढ़ की धरती से उठी एक और आवाज़ ने व्यवस्था की सच्चाई को उजागर कर दिया।आईएएस अधिकारी #रिंकू सिंह राही का इस्तीफा सिर्फ एक पद छोड़ना नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर करारा तमाचा है जो आज भी जातिगत भेदभाव और अनदेखी की बीमारी से ग्रस्त है।जब देश के सबसे प्रतिष्ठित पद पर बैठा अधिकारी खुद को असमानता और भेदभाव का शिकार बताए, तो यह साफ हो जाता है कि “सबका साथ, सबका विकास” सिर्फ नारा बनकर रह गया है।सरकार की नीतियां अगर सच में निष्पक्ष होतीं, तो एक ईमानदार।अधिकारी को इस तरह मजबूर होकर इस्तीफा नहीं देना पड़ता।यह घटना बताती है कि—आज भी दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के अधिकारियों को बराबरी का हक नहीं मिल रहा सिस्टम में ऊंच-नीच की मानसिकता जिंदा है और सरकार इस सच्चाई पर पर्दा डालने में लगी है ।सवाल सीधा है:अगर एक आईएएस अधिकारी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या हाल होगा? यह इस्तीफा नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ एक विद्रोह है।अब वक्त आ गया है कि सरकार जवाब दे—क्यों एक सक्षम अधिकारी को न्याय नहीं मिला?क्यों भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ही सिस्टम से बाहर होना पड़ता है? 👉 चुप्पी अब अपराध है। 👉 हक और सम्मान की लड़ाई अब और तेज होगी।
#अलीगढ़ की धरती से उठी एक और आवाज़ ने व्यवस्था की सच्चाई को उजागर कर दिया।आईएएस अधिकारी #रिंकू सिंह राही का इस्तीफा सिर्फ एक पद छोड़ना नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर करारा तमाचा है जो आज भी जातिगत भेदभाव और अनदेखी की बीमारी से ग्रस्त है।जब देश के सबसे प्रतिष्ठित पद पर बैठा अधिकारी खुद को असमानता और भेदभाव का शिकार बताए, तो यह साफ हो जाता है कि “सबका साथ, सबका विकास” सिर्फ नारा बनकर रह गया है।सरकार की नीतियां अगर सच में निष्पक्ष होतीं, तो एक ईमानदार।अधिकारी को इस तरह मजबूर होकर इस्तीफा नहीं देना पड़ता।यह घटना बताती है कि—आज भी दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के अधिकारियों को बराबरी का हक नहीं मिल रहा सिस्टम में ऊंच-नीच की मानसिकता जिंदा है और सरकार इस सच्चाई पर पर्दा डालने में लगी है ।सवाल सीधा है:अगर एक आईएएस अधिकारी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या हाल होगा? यह इस्तीफा नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ एक विद्रोह है।अब वक्त आ गया है कि सरकार जवाब दे—क्यों एक सक्षम अधिकारी को न्याय नहीं मिला?क्यों भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ही सिस्टम से बाहर होना पड़ता है? 👉 चुप्पी अब अपराध है। 👉 हक और सम्मान की लड़ाई अब और तेज होगी।
- Post by KRANTKARI Khabar1
- ग्राहक ने HP गैस एजेंसी के सेल्समैन पर लगाए गंभीर आरोप, अलग-अलग ग्राहक कोई ढाई साल से तो कोई तीन साल से कनेक्शन के बावजूर सिलेंडर लेने के लिए लगा रहे चक्कर, गैस एजेंसी ने सिलेंडर बुक तो कर लिया लेकिन, सिलेंडर ग्राहक को नहीं दिया, हुआ हंगामा, अलीगढ़ के पालीमुकीमपुर थाना इलाके के अतरौली रोड HP गैस एजेंसी का मामला.1
- सासनी। बसगोई क्षेत्र के गाँव बसगोई में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन (HT) लाइन का तार अचानक टूटकर खेत में गिर गया। इस हादसे में किसान राकेश तोमर की लगभग 6 बीघा तैयार फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। दिल दहला देने वाली इस घटना में खेत में मौजूद दो नीलगायों की भी झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई। शॉर्ट सर्किट से भड़की आग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,आज दोपहर लगभग 12:00 बजे की घटना है बिजली की लाइन में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के कारण तार टूटकर सूखे खेत में गिरा। चिंगारी उठते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पीड़ित किसान राकेश तोमर पुत्र तेजपाल ने बताया कि उनकी मेहनत की पूरी फसल उनकी आंखों के सामने ही स्वाहा हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ भी बचाना संभव नहीं हो सका। अधिकारियों ने किया मौका मुआयना घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम और वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। वन विभाग: मृत नीलगायों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाई शुरू कर दी है। फायर विभाग: आग लगने के तकनीकी कारणों की जांच कर रही है। मुआवजे की मांग पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर तारों की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसान राकेश तोमर ने प्रशासन से उचित आर्थिक सहायता और बिजली विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है ताकि वह इस भारी आर्थिक संकट से उबर सकें।1
- अतरौली: किसानों को डरा रहा बिगड़ता मौसम, आसमान में छाए घने बादल अतरौली: किसानों को डरा रहा बिगड़ता मौसम, आसमान में छाए घने बादल1
- अतरौली: रामघाट रोड आखिर फोरलेन कब तक, ढीला चल रहा काम अतरौली: रामघाट रोड आखिर फोरलेन कब तक, ढीला चल रहा काम1
- इगलास भारतीय किसान यूनियन टिकैतगुट के प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में किसानों ने किया कोतवाली का घेराव. भारतीय किसान यूनियन टिकैतगुट के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा द्वारा जानकारी देते हुए बताया की भारतीय किसान यूनियन टिकैतगुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत किसान पंचायत को संबोधित करने उड़ीसा गए थे. जहाँ उन्हें उड़ीसा पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया. ज़ब तक राकेश टिकैत को रिहा नहीं किया जाएगा तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा. जिसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा.1
- Post by Vikram knmar Bra9
- *हसायन विकासखंड कार्यालय पर ग्राम पंचायत सचिवालय लाइब्रेरी के लिए किताबों का हुआ वितरण* हसायन विकासखंड कार्यालय पर उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं के लिए 'डिजिटल लाइब्रेरी' की नई पहल शुरू की है हसायन विकासखंड के 33 ग्राम पंचायतो में डिजिटल लाइब्रेरी खोली गई है उनके लिए सरकार के द्वारा आई गई NBT और Non NBT पुस्तक बाटी गई है पंचायत सचिवालयों की लाइब्रेरियों में किताबें, ई-बुक्स, स्मार्ट टीवी, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे ग्रामीण छात्र शहर जाए बिना प्रतियोगी परीक्षाओं (सिविल सर्विसेज आदि) की तैयारी कर सकें। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो युवा वर्ग को शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा।3