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राजस्थान में शनिवार का दिन 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के सक्रिय होने के बाद तबाही और खौफ लेकर आया, जब प्रदेश के नौ जिलों में आए भीषण धूल के बवंडर और तूफानी हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। धूल के गुबार से आसमान इतना काला हो गया कि दोपहर में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, अलवर और सीकर में हवा की रफ्तार 102 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिसने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस करने की कोशिश की। इस दौरान कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल गिर गए, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति चरमरा गई तथा लोगों को जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशने पड़े। तबाही का सबसे भयानक दृश्य जयपुर के चौमूं इलाके में रामपुरा पुलिया के पास देखने को मिला, जहां आंधी की तीव्रता इतनी थी कि एक दुकान पर लगा भारी-भरकम टीन शेड उखड़कर सर्विस रोड पर आ गिरा, हालांकि गनीमत रही कि वहां से गुजर रहा एक बुजुर्ग बाल-बाल बच गया। यह खौफनाक मंजर पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। इसके अलावा, चूरू जिले के रतनगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की छत पर बनी पानी की टंकी चकनाचूर हो गई और दीवारें ढह गईं, वहीं जयपुर के ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ ओलों की मार से फसलें भी प्रभावित हुईं। अजमेर और जोधपुर में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। इस बेमौसम बरसात और तूफान ने भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन प्रशासन और मौसम विभाग के लिए चिंता बढ़ा दी है, साथ ही बुनियादी ढांचे की मजबूती पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और 'नौतपा' के इस दौर में स्वास्थ्य तथा सुरक्षा दोनों पर ध्यान देने की अपील की है।

7 hrs ago
user_Khemraj Joshi
Khemraj Joshi
Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
7 hrs ago
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राजस्थान में शनिवार का दिन 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के सक्रिय होने के बाद तबाही और खौफ लेकर आया, जब प्रदेश के नौ जिलों में आए भीषण धूल के बवंडर और तूफानी हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। धूल के गुबार से आसमान इतना काला हो गया कि दोपहर में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, अलवर और सीकर में हवा की रफ्तार 102 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिसने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस करने की कोशिश की। इस दौरान कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल गिर गए, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति चरमरा गई तथा लोगों को जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशने पड़े। तबाही का सबसे भयानक दृश्य जयपुर के चौमूं इलाके में रामपुरा पुलिया के पास देखने को मिला, जहां आंधी की तीव्रता इतनी थी कि एक दुकान पर लगा भारी-भरकम टीन शेड उखड़कर सर्विस रोड पर

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आ गिरा, हालांकि गनीमत रही कि वहां से गुजर रहा एक बुजुर्ग बाल-बाल बच गया। यह खौफनाक मंजर पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। इसके अलावा, चूरू जिले के रतनगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की छत पर बनी पानी की टंकी चकनाचूर हो गई और दीवारें ढह गईं, वहीं जयपुर के ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ ओलों की मार से फसलें भी प्रभावित हुईं। अजमेर और जोधपुर में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। इस बेमौसम बरसात और तूफान ने भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन प्रशासन और मौसम विभाग के लिए चिंता बढ़ा दी है, साथ ही बुनियादी ढांचे की मजबूती पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और 'नौतपा' के इस दौर में स्वास्थ्य तथा सुरक्षा दोनों पर ध्यान देने की अपील की है।

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  • किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में संगठन द्वारा "जल यात्रा" निकाली जा रही है, जिसका केंद्रीय नारा है: "घर-घर अलग जगायेंगे -नहर का पानी लायेंगे"। यह यात्रा निवाई उपखंड के गांवों में चौथे दिन भी जारी रही, जिसने भांवता, भावती, चैनपुरा, मूंडिया, गुन्सी, सजीया, चनानी, गोपालपुरा, हनूतिया, सुरिया, राहोली, सुनारा, सुनारी, प्रतापपुरा, और आकोडिया जैसे कई गांवों को कवर किया। दिन के अंत में चतुर्भुजपुरा में रात्रि सभा और रंगारंग तेजाजी गायन का आयोजन किया जाएगा। रामपाल जाट ने बताया कि बिसलपुर बांध का निर्माण सिंचाई के उद्देश्य से किया गया था और इसमें निवाई के लिए सिंचाई तंत्र विकसित किया जाना था। हालांकि, सिंचाई परियोजना विकसित करने के लिए आवाज नहीं उठाई गई, जिसके परिणामस्वरूप बिसलपुर बांध से पानी जयपुर को पेयजल के नाम पर उपलब्ध कराया गया। इससे रामगढ़ बांध के साथ-साथ हजारों तालाब, तलाई और कुएं खत्म हो गए, जिससे टोंक जिले के किसानों को नुकसान हुआ। इसी प्रकार, वर्ष 2015 में आरंभ हुए ईसरदा बांध के निर्माण के समय, लालसोट और सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा को 3.57 टीएमसी पेयजल दिया जाना तय था। लेकिन, वर्ष 2025 के बजट घोषणा के माध्यम से जयपुर को पेयजल के लिए 4 टीएमसी पानी दिए जाने का निर्णय हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि 193 किलोमीटर दूर भरतपुर में एक सिंचाई परियोजना बनाई जा रही है। जाट ने कहावत का उल्लेख करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि "घर का पूत कंवारा डोल पाडो़ंसी का फैरा", क्योंकि निवाई के दोनों तरफ से पानी निकाला जा रहा है, और मोरेल बांध तक बहड़ की ओर से पानी लिया जा रहा है, जबकि रामगढ़ बांध से जोधपुरिया बांध के ऊपर से नहरें निकाली जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि "गांव हमारे उठेंगे - ज़मीन हमारी खत्म होगीं, बेरोजगार हम होंगे-बे-घर टोंक निवासी होंगे", फिर भी उन्हें खेतों और पीने के लिए नहर का पानी नहीं मिलेगा। निवाई उपखंड में कोई सिंचाई परियोजना नहीं होने के कारण, जल संसाधन विभाग का एईएन कार्यालय भी नहीं है। वर्ष 2025 में पंचायत राज संस्थाओं से जल संसाधन विभाग को मिले 14 तालाबों की दयनीय स्थिति में भी सुधार नहीं हो सकेगा। किसान महापंचायत की इस जल यात्रा को गांव-गांव में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, और लोग तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प ले रहे हैं। किसान महापंचायत ने मतदाताओं से अपील की कि सांसद, विधायक और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में मतदान करते समय वे मटकी खरीदने से पहले उसे दस बार बजाकर देखने की तरह, नेताओं के 15 वर्षों के कार्यों, चरित्र, किसानों के लिए संघर्ष, और उनकी पीड़ाओं में योगदान को भली-भांति जांच-परखकर ही वोट करें। किसानों ने कहा कि "वोट किसान बनकर देंगे तों फिर 5 वर्षों तक पछताने की जरूरत नहीं रहेंगी", और इससे किसानों के खिलाफ कार्य करने की हिम्मत भी किसी में नहीं होगी। इस यात्रा में प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, गोपीराम डबास, जिला अध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाडी सहित कई पदाधिकारी और ग्रामीण शामिल हैं, जिनका माला पहनाकर स्वागत भी किया जा रहा है। दशरथ सिंह चौहान जल यात्रा के संयोजक और किसान महापंचायत निवाई के तहसील अध्यक्ष हैं।
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    किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में संगठन द्वारा "जल यात्रा" निकाली जा रही है, जिसका केंद्रीय नारा है: "घर-घर अलग जगायेंगे -नहर का पानी लायेंगे"। यह यात्रा निवाई उपखंड के गांवों में चौथे दिन भी जारी रही, जिसने भांवता, भावती, चैनपुरा, मूंडिया, गुन्सी, सजीया, चनानी, गोपालपुरा, हनूतिया, सुरिया, राहोली, सुनारा, सुनारी, प्रतापपुरा, और आकोडिया जैसे कई गांवों को कवर किया। दिन के अंत में चतुर्भुजपुरा में रात्रि सभा और रंगारंग तेजाजी गायन का आयोजन किया जाएगा।

रामपाल जाट ने बताया कि बिसलपुर बांध का निर्माण सिंचाई के उद्देश्य से किया गया था और इसमें निवाई के लिए सिंचाई तंत्र विकसित किया जाना था। हालांकि, सिंचाई परियोजना विकसित करने के लिए आवाज नहीं उठाई गई, जिसके परिणामस्वरूप बिसलपुर बांध से पानी जयपुर को पेयजल के नाम पर उपलब्ध कराया गया। इससे रामगढ़ बांध के साथ-साथ हजारों तालाब, तलाई और कुएं खत्म हो गए, जिससे टोंक जिले के किसानों को नुकसान हुआ। इसी प्रकार, वर्ष 2015 में आरंभ हुए ईसरदा बांध के निर्माण के समय, लालसोट और सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा को 3.57 टीएमसी पेयजल दिया जाना तय था। लेकिन, वर्ष 2025 के बजट घोषणा के माध्यम से जयपुर को पेयजल के लिए 4 टीएमसी पानी दिए जाने का निर्णय हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि 193 किलोमीटर दूर भरतपुर में एक सिंचाई परियोजना बनाई जा रही है।

जाट ने कहावत का उल्लेख करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि "घर का पूत कंवारा डोल पाडो़ंसी का फैरा", क्योंकि निवाई के दोनों तरफ से पानी निकाला जा रहा है, और मोरेल बांध तक बहड़ की ओर से पानी लिया जा रहा है, जबकि रामगढ़ बांध से जोधपुरिया बांध के ऊपर से नहरें निकाली जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि "गांव हमारे उठेंगे - ज़मीन हमारी खत्म होगीं, बेरोजगार हम होंगे-बे-घर टोंक निवासी होंगे", फिर भी उन्हें खेतों और पीने के लिए नहर का पानी नहीं मिलेगा। निवाई उपखंड में कोई सिंचाई परियोजना नहीं होने के कारण, जल संसाधन विभाग का एईएन कार्यालय भी नहीं है। वर्ष 2025 में पंचायत राज संस्थाओं से जल संसाधन विभाग को मिले 14 तालाबों की दयनीय स्थिति में भी सुधार नहीं हो सकेगा।

किसान महापंचायत की इस जल यात्रा को गांव-गांव में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, और लोग तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प ले रहे हैं। किसान महापंचायत ने मतदाताओं से अपील की कि सांसद, विधायक और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में मतदान करते समय वे मटकी खरीदने से पहले उसे दस बार बजाकर देखने की तरह, नेताओं के 15 वर्षों के कार्यों, चरित्र, किसानों के लिए संघर्ष, और उनकी पीड़ाओं में योगदान को भली-भांति जांच-परखकर ही वोट करें। किसानों ने कहा कि "वोट किसान बनकर देंगे तों फिर 5 वर्षों तक पछताने की जरूरत नहीं रहेंगी", और इससे किसानों के खिलाफ कार्य करने की हिम्मत भी किसी में नहीं होगी। इस यात्रा में प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, गोपीराम डबास, जिला अध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाडी सहित कई पदाधिकारी और ग्रामीण शामिल हैं, जिनका माला पहनाकर स्वागत भी किया जा रहा है। दशरथ सिंह चौहान जल यात्रा के संयोजक और किसान महापंचायत निवाई के तहसील अध्यक्ष हैं।
    user_पत्रकार  : ‌ प्रकाश सैनी
    पत्रकार : ‌ प्रकाश सैनी
    Advertising agency लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • लालसोट में राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड और अनुराग सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निशुल्क समर कैंप में एक तंबाकू निषेध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 'तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो' विषय पर एक पोस्टर प्रतियोगिता हुई, जिसमें सृष्टि योगी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि निधि शर्मा द्वितीय रहीं। इस अवसर पर स्काउट सचिव श्रीकांत शर्मा, महेंद्र साहू और यूनिट लीडर अशोक पारीक ने विजेताओं को सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। समर कैंप में 'जिंदगी चुनें, तंबाकू नहीं' का संकल्प लेते हुए स्वस्थ जीवन अपनाने पर जोर दिया गया।
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    लालसोट में राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड और अनुराग सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निशुल्क समर कैंप में एक तंबाकू निषेध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 'तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो' विषय पर एक पोस्टर प्रतियोगिता हुई, जिसमें सृष्टि योगी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि निधि शर्मा द्वितीय रहीं। इस अवसर पर स्काउट सचिव श्रीकांत शर्मा, महेंद्र साहू और यूनिट लीडर अशोक पारीक ने विजेताओं को सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। समर कैंप में 'जिंदगी चुनें, तंबाकू नहीं' का संकल्प लेते हुए स्वस्थ जीवन अपनाने पर जोर दिया गया।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • दौसा जिले के भांवता गांव में एक सोते हुए व्यक्ति के पैर काटे जाने की भयावह घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद पूरे दौसा में हड़कंप मच गया है। घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीण लोग धरने पर बैठ गए हैं।
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    दौसा जिले के भांवता गांव में एक सोते हुए व्यक्ति के पैर काटे जाने की भयावह घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद पूरे दौसा में हड़कंप मच गया है। घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीण लोग धरने पर बैठ गए हैं।
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • संत रामपाल जी की अन्नपूर्णा मुहिम मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने पर केंद्रित है, जिसमें रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान जैसी बुनियादी ज़रूरतें शामिल हैं।
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    संत रामपाल जी की अन्नपूर्णा मुहिम मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने पर केंद्रित है, जिसमें रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान जैसी बुनियादी ज़रूरतें शामिल हैं।
    user_Anand kumar
    Anand kumar
    चाकसू, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • आज देर शाम दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र और आसपास के सभी गांवों में मौसम अचानक खराब हो गया। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और आसमान में काले-पीले बादल छा गए, साथ ही बिजली कड़कने की तेज़ आवाज़ें भी सुनाई दीं। सैंथल उपखंड क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदलने से धूल भरी आंधी भी चली, जिससे ग्रामीण जबरदस्त बारिश होने का अनुमान लगा रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश होने की भी चेतावनी दी गई है। इसे देखते हुए सभी ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के कारण अपने-अपने घरों में रहें, क्योंकि मौसम खराब होने से कभी भी कोई भी घटना घट सकती है। इसलिए, सभी को इस खराब मौसम में सतर्क रहने की आवश्यकता बताई गई है।
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    आज देर शाम दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र और आसपास के सभी गांवों में मौसम अचानक खराब हो गया। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और आसमान में काले-पीले बादल छा गए, साथ ही बिजली कड़कने की तेज़ आवाज़ें भी सुनाई दीं। सैंथल उपखंड क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदलने से धूल भरी आंधी भी चली, जिससे ग्रामीण जबरदस्त बारिश होने का अनुमान लगा रहे हैं।

मौसम विभाग द्वारा तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश होने की भी चेतावनी दी गई है। इसे देखते हुए सभी ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के कारण अपने-अपने घरों में रहें, क्योंकि मौसम खराब होने से कभी भी कोई भी घटना घट सकती है। इसलिए, सभी को इस खराब मौसम में सतर्क रहने की आवश्यकता बताई गई है।
    user_Mukesh Kumar Saini
    Mukesh Kumar Saini
    Electrician सैंथल, दौसा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजस्थान के मेड़ता रोड़ में एक तूफान ने भारी तबाही मचाई है। जानकारी के अनुसार, मुखमली रेत की आंधी चलने के बाद तेज हवाओं के साथ ज़बरदस्त ओलावृष्टि भी हुई, जिससे क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ।
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    राजस्थान के मेड़ता रोड़ में एक तूफान ने भारी तबाही मचाई है। जानकारी के अनुसार, मुखमली रेत की आंधी चलने के बाद तेज हवाओं के साथ ज़बरदस्त ओलावृष्टि भी हुई, जिससे क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के अलवर जिले में शनिवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहाँ राजस्थान रोडवेज की एक स्लीपर बस नटनी का बारा के समीप ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में उतर गई। यह बस अलवर से जोधपुर जा रही थी, और इस दुर्घटना में लगभग 10 से 12 यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, बस चालक एक वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था तभी संतुलन बिगड़ गया और बस खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद बस में यात्रियों की चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि कई यात्री सीटों के बीच फंस गए थे। आसपास के ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए सबसे पहले मौके पर पहुँचकर बस के शीशे और दरवाजे खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही अकबरपुर पुलिस, एंबुलेंस और चिकित्सा दल घटनास्थल पर पहुँच गए। सभी घायल यात्रियों को तत्काल अकबरपुर और अलवर के अस्पतालों में पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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    राजस्थान के अलवर जिले में शनिवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहाँ राजस्थान रोडवेज की एक स्लीपर बस नटनी का बारा के समीप ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में उतर गई। यह बस अलवर से जोधपुर जा रही थी, और इस दुर्घटना में लगभग 10 से 12 यात्री घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, बस चालक एक वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था तभी संतुलन बिगड़ गया और बस खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद बस में यात्रियों की चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि कई यात्री सीटों के बीच फंस गए थे। आसपास के ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए सबसे पहले मौके पर पहुँचकर बस के शीशे और दरवाजे खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

हादसे की सूचना मिलते ही अकबरपुर पुलिस, एंबुलेंस और चिकित्सा दल घटनास्थल पर पहुँच गए। सभी घायल यात्रियों को तत्काल अकबरपुर और अलवर के अस्पतालों में पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
    user_VK News Rajasthan
    VK News Rajasthan
    Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    7 hrs ago
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