डोमचांच थाना क्षेत्र के पचगांवा मोड़ स्थित एक क्रशर में कार्यरत मजदूर के साथ कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में गया जिले के पहाड़पुर निवासी पीड़ित मजदूर आशीष, जो क्रशर में मिस्त्री का काम करता है, गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल आशीष का आरोप है कि क्रशर के सुपरवाइजर राजू ने उसके साथ मारपीट की है। डर के कारण पीड़ित ने अस्पताल के डॉक्टर को सच बताने के बजाय यह कह दिया कि वह पत्थर पर गिरकर घायल हुआ है। गंभीर रूप से घायल मजदूर के इलाज के लिए प्रबंधन की ओर से कोई मदद न मिलने पर साथ काम करने वाले मजदूरों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर उसका इलाज कराया। क्रशर में काम करने वाले अन्य मजदूरों का आरोप है कि क्रशर संचालकों द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जाता है और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट कर दबाव बनाया जाता है। वहीं, दूसरी तरफ क्रशर प्रबंधन ने मजदूरों द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया है। प्रबंधन का दावा है कि वहां मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है।
डोमचांच थाना क्षेत्र के पचगांवा मोड़ स्थित एक क्रशर में कार्यरत मजदूर के साथ कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में गया जिले के पहाड़पुर निवासी पीड़ित मजदूर आशीष, जो क्रशर में मिस्त्री का काम करता है, गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल आशीष का आरोप है कि क्रशर के सुपरवाइजर राजू ने उसके साथ मारपीट की है। डर के कारण पीड़ित ने अस्पताल के डॉक्टर को सच बताने के बजाय यह कह दिया कि वह पत्थर पर गिरकर घायल हुआ है। गंभीर रूप से घायल मजदूर के इलाज के लिए प्रबंधन की ओर से कोई मदद न मिलने पर साथ काम करने वाले मजदूरों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर उसका इलाज कराया। क्रशर में काम करने वाले अन्य मजदूरों का आरोप है कि क्रशर संचालकों द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जाता है और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट कर दबाव बनाया जाता है। वहीं, दूसरी तरफ क्रशर प्रबंधन ने मजदूरों द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया है। प्रबंधन का दावा है कि वहां मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है।
- कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र के मधुबन, शिव मंदिर के पास के निवासी देवानंद सिंह (पिता– विनोद सिंह) 9 जुलाई 2026 से लापता हैं। बताया गया है कि वे डोमचांच बाजार से अचानक लापता हो गए हैं, जिसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल पाया है। इस घटना से परेशान परिजनों ने आम लोगों से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने अपील की है कि यदि किसी को भी देवानंद सिंह के बारे में कोई जानकारी मिले या वे कहीं दिखाई दें, तो तुरंत मोबाइल नंबर 9939759834, 7043985946 या 8088641152 पर संपर्क करें। परिजनों ने लोगों से इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करने का भी अनुरोध किया है।1
- झारखंड के कोडरमा में मनोज यादव ने कृषि विकास पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र के विकास और इसकी उन्नति की आवश्यकता को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया है।1
- नवादा जिले के हिसुआ में सड़क और नाली की बदतर स्थिति को लेकर एक ग्रामीण ने भारी नाराजगी व्यक्त की है। पीड़ित का आरोप है कि सड़क केवल नाम की ही बनी हुई है और यहाँ एक नाली की समस्या के कारण सरकारी सेवा भी पूरी तरह से बंद पड़ी है। इस बदहाली की वजह से पीड़ित के घर के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। ग्रामीण ने स्थानीय मुखिया पर केवल दिखावा करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुखिया सिर्फ दिखावा करके चले गए, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।4
- हजारीबाग को नशामुक्त बनाने के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू की गई है। इस अभियान के तहत स्थानीय विधायक प्रदीप प्रसाद के साथ मिलकर हजारों युवाओं ने एकजुट होकर हुंकार भरी है।1
- हजारीबाग को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में नगर निगम ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में हजारीबाग के बाबू वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में महापौर अरविंद कुमार राणा के नेतृत्व में पिछले एक सप्ताह से व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्टेडियम परिसर और उसके बाहरी हिस्से में उगी झाड़ियां, घास और अवांछित वनस्पतियों को साफ किया जा रहा है। महापौर ने जानकारी दी है कि इस स्वच्छता अभियान को 19 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही स्टेडियम के बाहर लगभग 800 मीटर के दायरे को विकसित कर एक पाथवे बनाया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों, मॉर्निंग वॉकर और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि हजारीबाग को स्वच्छ, हरा-भरा और व्यवस्थित बनाना ही नगर निगम की प्राथमिकता है, जिसमें जिला खेल पदाधिकारी का भी सहयोग मिल रहा है।1
- गढ़वा जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान गणना प्रपत्र भरने के नाम पर एक बीएलओ (BLO) पर मतदाताओं से ₹100 मांगने के आरोप लगे हैं। वहीं, संबंधित बीएलओ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।1