छिंदवाड़ा जिला जेल में सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन का एक संवेदनशील मामला सामने आया है। समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने जेल महानिदेशक (भोपाल), राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (दिल्ली), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जेल विभाग (मंत्रालय), जिला एवं सत्र न्यायाधीश और छिंदवाड़ा जिला कलेक्टर को शिकायत भेजकर जिला जेल अधीक्षक को निलंबित करने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत से संगीन अपराधों के आरोपियों और मानव अंग तस्करी जैसे जघन्य मामलों के संदिग्धों को जेल में न केवल अवैध प्रवेश दिया गया, बल्कि उन्हें 'वी.आई.पी. सुलभता' भी प्रदान की गई। शिकायती पत्र के अनुसार, थाना परासिया में लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल परासिया के सात पदाधिकारियों (हरिशंकर साहू, पूरन राजलानी, पिंकेश पटोरीया, अनिल जैन, आलोक जैन, जगजीत बिल्लू मान, और कन्हैया राजलानी) के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज है। यह एफ.आई.आर. राष्ट्रीय अंधत्वमुक्त निवारण मिशन के फंड में गबन के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने दर्ज करवाई है। सूचना के अधिकार (RTI) से यह खुलासा हुआ है कि यह संस्था जिला, प्रदेश या केंद्र सरकार से पंजीकृत नहीं है और इसके पास नेत्र निकालने व प्रत्यारोपण का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है, बावजूद इसके यह पिछले 25 वर्षों से अवैध रूप से नेत्रदान का कार्य कर रही थी। इन आरोपियों पर अवैध नेत्र निष्कासन, प्रत्यारोपण और मानव अंग तस्करी जैसे संगीन आरोप हैं, जिसका संज्ञान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी लिया है। वर्तमान में स्वास्थ्य आयुक्त के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। आरोप है कि बहुचर्चित 'परासिया कोल्ड ड्रिंक कांड' के आरोपी, जिनमें डॉ. प्रवीण सोनी पत्नी सहित, डॉ. एस.एस. ठाकुर, और डॉ. अमन सिद्दीकी शामिल हैं, वर्तमान में छिंदवाड़ा जेल में बंद हैं। डॉ. प्रवीण सोनी का साला प्रदीप सोनी, लायंस क्लब के आरोपियों को लेकर जेल के भीतर दाखिल हुआ था। इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां और बैठकें जेल के भीतर वर्तमान SIT की निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने और साक्ष्यों को दबाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही हैं, जिसमें जिला जेल अधीक्षक की पूरी मिलीभगत बताई गई है। इतने संवेदनशील मामलों के संदिग्धों को जेल अधीक्षक द्वारा जेल में प्रवेश देना और उन्हें 'सकारात्मक मोटिवेशन' के नाम पर मंच व खुली छूट देना जेल मैनुअल का खुला उल्लंघन है, जो अधिकारियों की बड़ी साठगांठ की ओर इशारा करता है। समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की मुख्य मांग है कि दोषी जिला जेल अधीक्षक को तत्काल निलंबित किया जाए और इस पूरे षड्यंत्र की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। रिंकू रितेश चौरसिया ने बयान दिया है कि आर.टी.आई. से संस्था की अवैधता सिद्ध हो चुकी है और एसआईटी की जांच को प्रभावित करने के लिए यह खेल जेल अधीक्षक के संरक्षण में खेला गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने पर सभी पदाधिकारी जेल की सलाखों के पीछे होंगे। शिकायतकर्ता ने एफ.आई.आर. की प्रति, आर.टी.आई. दस्तावेज़, समाचार पत्रों की कतरनें और टीवी समाचारों की डीवीडी भी साक्ष्य के रूप में उच्च कार्यालयों को भेजी हैं, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनैतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
छिंदवाड़ा जिला जेल में सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन का एक संवेदनशील मामला सामने आया है। समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने जेल महानिदेशक (भोपाल), राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (दिल्ली), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जेल विभाग (मंत्रालय), जिला एवं सत्र न्यायाधीश और छिंदवाड़ा जिला कलेक्टर को शिकायत भेजकर जिला जेल अधीक्षक को निलंबित करने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत से संगीन अपराधों के आरोपियों और मानव अंग तस्करी जैसे जघन्य मामलों के संदिग्धों को जेल में न केवल अवैध प्रवेश दिया गया, बल्कि उन्हें 'वी.आई.पी. सुलभता' भी प्रदान की गई। शिकायती पत्र के अनुसार, थाना परासिया में लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल परासिया के सात पदाधिकारियों (हरिशंकर साहू, पूरन राजलानी,
पिंकेश पटोरीया, अनिल जैन, आलोक जैन, जगजीत बिल्लू मान, और कन्हैया राजलानी) के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज है। यह एफ.आई.आर. राष्ट्रीय अंधत्वमुक्त निवारण मिशन के फंड में गबन के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने दर्ज करवाई है। सूचना के अधिकार (RTI) से यह खुलासा हुआ है कि यह संस्था जिला, प्रदेश या केंद्र सरकार से पंजीकृत नहीं है और इसके पास नेत्र निकालने व प्रत्यारोपण का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है, बावजूद इसके यह पिछले 25 वर्षों से अवैध रूप से नेत्रदान का कार्य कर रही थी। इन आरोपियों पर अवैध नेत्र निष्कासन, प्रत्यारोपण और मानव अंग तस्करी जैसे संगीन आरोप हैं, जिसका संज्ञान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी लिया है। वर्तमान में स्वास्थ्य आयुक्त के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल
(SIT) इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। आरोप है कि बहुचर्चित 'परासिया कोल्ड ड्रिंक कांड' के आरोपी, जिनमें डॉ. प्रवीण सोनी पत्नी सहित, डॉ. एस.एस. ठाकुर, और डॉ. अमन सिद्दीकी शामिल हैं, वर्तमान में छिंदवाड़ा जेल में बंद हैं। डॉ. प्रवीण सोनी का साला प्रदीप सोनी, लायंस क्लब के आरोपियों को लेकर जेल के भीतर दाखिल हुआ था। इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां और बैठकें जेल के भीतर वर्तमान SIT की निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने और साक्ष्यों को दबाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही हैं, जिसमें जिला जेल अधीक्षक की पूरी मिलीभगत बताई गई है। इतने संवेदनशील मामलों के संदिग्धों को जेल अधीक्षक द्वारा जेल में प्रवेश देना और उन्हें 'सकारात्मक मोटिवेशन' के नाम पर मंच व खुली छूट देना जेल मैनुअल का
खुला उल्लंघन है, जो अधिकारियों की बड़ी साठगांठ की ओर इशारा करता है। समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की मुख्य मांग है कि दोषी जिला जेल अधीक्षक को तत्काल निलंबित किया जाए और इस पूरे षड्यंत्र की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। रिंकू रितेश चौरसिया ने बयान दिया है कि आर.टी.आई. से संस्था की अवैधता सिद्ध हो चुकी है और एसआईटी की जांच को प्रभावित करने के लिए यह खेल जेल अधीक्षक के संरक्षण में खेला गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने पर सभी पदाधिकारी जेल की सलाखों के पीछे होंगे। शिकायतकर्ता ने एफ.आई.आर. की प्रति, आर.टी.आई. दस्तावेज़, समाचार पत्रों की कतरनें और टीवी समाचारों की डीवीडी भी साक्ष्य के रूप में उच्च कार्यालयों को भेजी हैं, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनैतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
- बैतूल जिले के विकासखंड भीमपुर में ढाई घंटे तक बारिश हुई, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। इस बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया है।1
- प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (पीसीडब्लूजे) ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवमय दो सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भोपाल स्थित हिंदी भवन में एक पत्रकार संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन प्रदेश की राजधानी झीलों की नगरी भोपाल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब के संस्थापक डॉ. सैयद खालिद कैस साहब ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में मध्य प्रदेश स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) आईपीएस श्री हरि नारायण चारी मिश्र और पूर्व डीजीपी पीटीआरआई आईपीएस महान भारत सागर प्रमुख रूप से शामिल हुए, जिनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने डॉ. सैय्यद खालिद कैस साहब की तीसरी पुस्तक 'हिंदी पत्रकारिता लोकतंत्र की आधारशिला' का विमोचन भी किया। आयोजित पत्रकार संगोष्ठी में वक्ताओं ने 'आज के दौर में हिंदी पत्रकारिता क्यों जरूरी है' विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार मुन्ना वारसी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम आयोजक और प्रेस क्लब के प्रदेश सचिव इरशाद खान ने बताया कि बीस से अधिक पत्रकारों को 'हिंदी पत्रकारिता शिरोमणि सम्मान' से नवाजा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन मोहम्मद अफसर ने किया, जबकि अंत में इरशाद खान ने उपस्थित सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त किया।1
- Post by Namdev gujre Khabar bhart news1
- Post by Subhash tumbham1
- मध्यप्रदेश शासन में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त अनुसूचित आयोग के सदस्य बारेलाल अहिरवार अल्प प्रवास पर मुलताई पहुंचे, जहाँ नाका नंबर-1 पर समाजजनों और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। अपने आगमन पर बारेलाल अहिरवार ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए और उनके विचारों को स्मरण किया। इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष मुकेश झारे समेत बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित रहे। उन्होंने समाजजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा भी की। बताया गया है कि अनुसूचित आयोग सदस्य नियुक्त होने के बाद बारेलाल अहिरवार का प्रदेशभर में लगातार दौरा जारी है। वे विभिन्न जिलों में पहुंचकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। समाजजनों ने उनके मुलताई आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुष्पमालाओं से उनका स्वागत किया और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।1
- भैंसदेही के ठेमगांव में एक पैतृक जमीन पर कब्जा दिलाया गया है। यह कार्रवाई राजस्व विभाग भैंसदेही के पटवारी और SDM के निर्देश पर की गई, जिन्होंने जमीन का कब्जा सुनिश्चित कराया।3
- प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने अपने संचालक डॉ सैयद खालिद केश सहाब के मार्गदर्शन में भोपाल के हिंदी भवन में हिंदी पत्रकारिता दिवस की 200वीं वर्षगांठ को बड़ी धूमधाम से मनाया। इस आयोजन में बैतूल टीम ने सक्रिय योगदान दिया, जहाँ देश के विभिन्न हिस्सों से कई वरिष्ठ पत्रकार समारोह में शामिल होने पहुंचे।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित हिंदी भवन में प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (PCWJ) ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवमय दो सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक पत्रकार संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब के संस्थापक डॉक्टर सैयद खालिद कैस साहब ने की, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ऑफ एमपी आईपीएस श्री हरि नारायण चारी मिश्र और पूर्व डीजीपी पीटीआरआई आईपीएस महान भारत सागर प्रमुख रूप से शामिल हुए। इन गणमान्य अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने डॉक्टर सैयद खालिद कैस साहब की तीसरी पुस्तक 'हिंदी पत्रकारिता लोकतंत्र की आधारशिला' का विमोचन भी किया। आयोजित पत्रकार संगोष्ठी में 'आज के दौर में हिंदी पत्रकारिता क्यों जरूरी है' विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार मुन्ना वारसी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया, जबकि प्रेस क्लब के प्रदेश सचिव इरशाद खान ने बताया कि बीस से अधिक पत्रकारों को 'हिंदी पत्रकारिता शिरोमणि सम्मान' से नवाजा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन मोहम्मद अफसर ने किया और अंत में इरशाद खान ने सभी उपस्थित पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।4