लखीमपुर खीरी जनपद के नकहा और चहमलपुर मार्ग पर जानलेवा स्टंटबाजी का एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ युवक चलती कार की खिड़कियों से बाहर निकलकर खतरनाक स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं। यह दुस्साहस न केवल स्टंट करने वाले युवकों की जान को खतरे में डाल रहा है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कार सड़क पर दौड़ रही है और उसमें सवार युवक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ अंदाज में स्टंट कर रहे हैं, जिनकी जरा सी चूक एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। एक जागरूक राहगीर ने इस घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो के वायरल होते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस मार्ग पर ऐसी लापरवाही देखी गई है; लोगों का आरोप है कि नकहा-चहमलपुर मार्ग पर तेज रफ्तार और इस तरह की स्टंटबाजी के कारण पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। घटना के बाद, सोशल मीडिया पर लोग पुलिस और प्रशासन से सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि इन स्टंटबाजों पर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। फिलहाल, लोग इस वायरल वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान कर संबंधित युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि सड़क पर अनुशासन कायम हो सके।
लखीमपुर खीरी जनपद के नकहा और चहमलपुर मार्ग पर जानलेवा स्टंटबाजी का एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ युवक चलती कार की खिड़कियों से बाहर निकलकर खतरनाक स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं। यह दुस्साहस न केवल स्टंट करने वाले युवकों की जान को खतरे में डाल रहा है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कार सड़क पर दौड़ रही है और उसमें सवार युवक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ अंदाज में स्टंट कर रहे हैं, जिनकी जरा सी चूक एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। एक जागरूक राहगीर ने इस घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो के वायरल होते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस मार्ग पर ऐसी लापरवाही देखी गई है; लोगों का आरोप है कि नकहा-चहमलपुर मार्ग पर तेज रफ्तार और इस तरह की स्टंटबाजी के कारण पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। घटना के बाद, सोशल मीडिया पर लोग पुलिस और प्रशासन से सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि इन स्टंटबाजों पर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। फिलहाल, लोग इस वायरल वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान कर संबंधित युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि सड़क पर अनुशासन कायम हो सके।
- संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक पैदल गश्त और वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, थाना महुली पुलिस टीम ने कस्बा महुली और उसके आसपास के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, बैंक, एटीएम, प्रतिष्ठानों तथा संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई, साथ ही यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए वाहन चालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। गश्त के दौरान पुलिस ने व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया और उन्हें अपने प्रतिष्ठानों व घरों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे अपराध की रोकथाम और अपराधियों की पहचान में बेहद सहायक सिद्ध होते हैं, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए अज्ञात लिंक, फोन कॉल, संदेश अथवा किसी भी लालचपूर्ण ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की सलाह दी गई। उन्हें अपने बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारियां किसी के साथ साझा न करने के लिए भी आगाह किया गया। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। थाना महुली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित सूचना की तत्काल पुलिस को जानकारी दें। पुलिस का मानना है कि जनसहयोग और पुलिस की सतर्कता से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। थाना महुली पुलिस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और आमजन की सुरक्षा हेतु लगातार ऐसे जागरूकता और चेकिंग अभियान चलाती रहेगी, जिससे 'आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता' के संकल्प को साकार किया जा सके।4
- संतकबीरनगर में ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन ने खाली ट्रकों के लिए सुरक्षित पार्किंग स्थल और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने जनपद में ट्रक मालिकों और चालकों द्वारा सामना की जा रही गंभीर समस्याओं को उजागर किया। यूनियन का कहना है कि जनपद में बड़ी संख्या में ट्रक संचालित होते हैं, लेकिन खाली ट्रकों को खड़ा करने के लिए कोई निर्धारित और सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है। इस मजबूरी के कारण, ट्रकों को अक्सर सड़क किनारे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खड़ा करना पड़ता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। इसके अतिरिक्त, ट्रक चालकों और मालिकों को सुरक्षा की कमी के साथ-साथ शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का भी सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से, यूनियन ने प्रशासन से अपील की है कि जनपद में ट्रकों के लिए एक सुरक्षित पार्किंग स्थल चिन्हित किया जाए, जहाँ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। यूनियन का मानना है कि इस कदम से ट्रक मालिकों और चालकों को बड़ी राहत मिलेगी और साथ ही सड़क सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। यूनियन ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगा।1
- संतकबीरनगर जिले में एक ओर जहाँ पुलिस ने लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों का पर्दाफाश कर अपनी सक्रियता का दावा किया, वहीं दूसरी ओर पुलिस अभिरक्षा में खड़े एक अपराधी की बेखौफ बॉडी लैंग्वेज ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना तब सामने आई जब पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी सफलता का ब्यौरा दिया, लेकिन अपराधियों में कानून का खौफ न दिखना चर्चा का विषय बन गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर एसओजी और मेंहदावल पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मुहिया पुल के पास घेराबंदी कर गोरखपुर निवासी मोहम्मद कामिल और मोहम्मद अहमद नामक दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, चार मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लूटी गई चेन बेचकर मिले 10 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ के दौरान मोहम्मद अहमद ने 2020 में चोरी के माल के बंटवारे को लेकर अपने ही साथी की गला रेतकर हत्या करने का खुलासा किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए शहर की बजाय ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाते थे और कैप व कपड़ों से चेहरा ढककर महिलाओं से पानी मांगने के बहाने चेन लूटते थे; विरोध करने पर मिर्च पाउडर का इस्तेमाल करते थे। इन बदमाशों ने 23 मई को मेंहदावल क्षेत्र में महिला से पानी मांगने के बहाने हुई चेन लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था। पुलिस की इस बड़ी सफलता के बावजूद, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक आरोपी का बार-बार अपनी मूंछों पर ताव देना चर्चा का केंद्र बन गया। पुलिस अधिकारियों और मीडिया कैमरों की मौजूदगी में अपराधी का यह अंदाज पश्चाताप या भय का नहीं, बल्कि खुली हेकड़ी और कानून को चुनौती देने जैसा प्रतीत हुआ। जिस मंच पर अपराधियों के चेहरे पर गिरफ्तारी की शिकन और कानून का खौफ दिखना चाहिए था, वहाँ एक शातिर बदमाश का यह दुस्साहस लोगों को हैरान कर गया। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस हिरासत में खड़ा अपराधी इतना बेखौफ कैसे दिखा? क्या अपराधियों के दिलों से खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर यह दृश्य कानून के इकबाल पर कमजोर पड़ती छाया का संकेत है? पुलिस ने भले ही अपराधियों को सलाखों तक पहुँचाने में सफलता पाई हो, लेकिन अपराधी की मूंछों पर ताव देती यह तस्वीर अब पुलिस की कामयाबी पर भी बहस छेड़ रही है और कानून के डर व अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर एक बड़ा सवाल बन गई है।2
- संतकबीरनगर जिले में, पकड़े गए कुछ बदमाशों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी मूंछों पर ताव देकर चुनौती पेश की। बदमाशों की इस अकड़ भरे रवैये के जवाब में, पुलिस ने तत्काल उनकी 'चाल' बदल दी।1
- सिद्धार्थनगर जिले के ड्रेनेज खंड में निविदा प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है, जहाँ ठेकेदार जयंती पांडेय समेत कई ठेकेदारों ने अधिशाषी अभियंता पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरतने और नियमों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के कारण विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि जिन कार्यों के लिए नियमानुसार ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी थी, उन्हें ऑफलाइन कराने की तैयारी की गई। इसके साथ ही, निविदा की सूचना ऐसे समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई जिनका स्थानीय स्तर पर सीमित प्रसार है, जिससे अधिकतर इच्छुक ठेकेदारों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया है कि नियमों के अनिवार्य होने के बावजूद विभागीय कार्यालय के सूचना पट्ट पर निविदा संबंधी कोई सूचना प्रदर्शित नहीं की गई। निविदा प्रपत्रों की बिक्री को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं; इच्छुक ठेकेदारों के मुताबिक, अंतिम तिथि 1 जून तक कई प्रयासों के बावजूद उन्हें फॉर्म उपलब्ध नहीं कराए गए। इन अनियमितताओं को लेकर ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके बाद निविदा निरस्त किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे ठेकेदारों के अनुसार स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस मामले में अधिशाषी अभियंता कृपाशंकर भारती का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। ठेकेदारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो यह मामला सरकारी निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।1
- गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र स्थित नवनीत विहार में प्रशासन ने सूर्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। इस दौरान, प्रशासन ने आरोपी के घर पर अवैध कब्जे को लेकर नोटिस चस्पा किया और ढोल-नगाड़ों तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे क्षेत्र में मुनादी कराते हुए आरोपी को कड़ा संदेश भी दिया। प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आरोपी असद के कब्जे वाली जमीन राजस्व अभिलेखों में 'शासकीय भूमि (बंजर श्रेणी)' के रूप में दर्ज है। यह नोटिस उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 135 के तहत जारी किया गया है। आरोपी को इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कब्जा नहीं हटाया जाता, तो प्रशासन वैधानिक कार्रवाई करते हुए इसे बलपूर्वक हटाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च भी आरोपी को ही उठाना होगा।1
- संतकबीरनगर में सभासद एसोसिएशन ने नगर पालिका परिषद के वार्डों में अधूरे पड़े विकास कार्यों को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ऋषि यादव और सदस्य जिला योजना समिति की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए नगर पालिका द्वारा स्वीकृत कई विकास कार्य अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों को आवागमन सहित विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अधूरे विकास कार्यों को जल्द पूरा करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस शिकायत पत्र के साथ अधूरे कार्यों की तस्वीरें भी संलग्न की गई हैं।1
- योगी बाबा ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है, जिसके चलते अब किसी भी तरह की गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने झपटमारी के एक मामले से संबंधित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के कब्जे से एक पीली धातु की चेन भी बरामद की है। इस पूरी कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा जानकारी प्रदान की गई है।2