पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने नई दिल्ली में गवर्नेंस नाउ द्वारा आयोजित 11वें इंडिया पीएसयू आईटी फोरम एंड अवॉर्ड्स 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी पुरस्कार विजेताओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को बधाई दी। ठाकुर ने बताया कि यह मंच देश के प्रमुख नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाकर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है, जो भारत के पीएसयू और देश के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व जिन सार्वजनिक उपक्रमों को अर्थव्यवस्था पर बोझ और निष्प्रभावी संस्थाएं माना जाता था, वे आज लाभ कमाने वाले सशक्त संस्थान और भारत की आर्थिक प्रगति के प्रमुख प्रेरक के रूप में उभरे हैं। ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मई 2014 तक सार्वजनिक उपक्रमों की कुल परिसंपत्ति मूल्य लगभग 9 लाख करोड़ रुपये थी, जो आज बढ़कर 80 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। उन्होंने एनटीपीसी, इंडियन ऑयल, पावर ग्रिड, बीपीसीएल, गेल तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित अनेक उपक्रमों के बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख किया, जिसे उनकी कार्यकुशलता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय विकास में बढ़ते योगदान का प्रमाण बताया। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट, भू-राजनीतिक तनावों और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद, अनुराग ठाकुर ने सार्वजनिक उपक्रमों की असाधारण दृढ़ता और रणनीतिक क्षमता की सराहना की। उन्होंने पीएसयू को 'भारतीय अर्थव्यवस्था के कमांडो' बताते हुए ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने, वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात को रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचाने तथा अक्षय ऊर्जा क्षमता विस्तार में उनकी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और स्वदेशी स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है, जो ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सुदृढ़ करेगा। अनुराग ठाकुर ने विश्वास व्यक्त किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अपनी प्रतिबद्धता, नवाचार और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के बल पर आने वाले वर्षों में विकसित भारत के निर्माण में और भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक उपक्रम केवल आर्थिक संस्थान नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के मजबूत स्तंभ हैं, जिन पर देश को गर्व है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने नई दिल्ली में गवर्नेंस नाउ द्वारा आयोजित 11वें इंडिया पीएसयू आईटी फोरम एंड अवॉर्ड्स 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी पुरस्कार विजेताओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को बधाई दी। ठाकुर ने बताया कि यह मंच देश के प्रमुख नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाकर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है, जो भारत के पीएसयू और देश के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व जिन सार्वजनिक उपक्रमों को अर्थव्यवस्था पर बोझ और निष्प्रभावी संस्थाएं माना जाता था, वे आज लाभ कमाने वाले सशक्त संस्थान और भारत की आर्थिक प्रगति के प्रमुख प्रेरक के रूप में उभरे हैं। ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मई 2014 तक सार्वजनिक उपक्रमों की कुल परिसंपत्ति मूल्य लगभग 9 लाख करोड़ रुपये थी, जो आज बढ़कर 80 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। उन्होंने एनटीपीसी, इंडियन ऑयल,
पावर ग्रिड, बीपीसीएल, गेल तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित अनेक उपक्रमों के बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख किया, जिसे उनकी कार्यकुशलता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय विकास में बढ़ते योगदान का प्रमाण बताया। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट, भू-राजनीतिक तनावों और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद, अनुराग ठाकुर ने सार्वजनिक उपक्रमों की असाधारण दृढ़ता और रणनीतिक क्षमता की सराहना की। उन्होंने पीएसयू को 'भारतीय अर्थव्यवस्था के कमांडो' बताते हुए ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने, वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात को रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचाने तथा अक्षय ऊर्जा क्षमता विस्तार में उनकी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और स्वदेशी स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है, जो ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सुदृढ़ करेगा। अनुराग ठाकुर ने विश्वास व्यक्त किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अपनी प्रतिबद्धता, नवाचार और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के बल पर आने वाले वर्षों में विकसित भारत के निर्माण में और भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक उपक्रम केवल आर्थिक संस्थान नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के मजबूत स्तंभ हैं, जिन पर देश को गर्व है।
- पूर्व विधायक दविंद्र कुमार भुट्टो ने बंगाणा के SDM को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन पंचायत चुनावों में हुई कथित गड़बड़ियों के संबंध में है। इसमें विशेष रूप से पंचायती राज चुनावों के दौरान एक माह तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है।1
- शनिवार को ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल सभागार में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों के बारे में जागरूक करना और इसके नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करना था। इस अवसर पर कोटपा एक्ट 2003 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बताया गया कि इस एक्ट के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, नाबालिग बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना, शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू युक्त उत्पाद बेचना और इनसे संबंधित विज्ञापन देना दंडनीय अपराध हैं। कार्यक्रम में उपस्थित नंदा नर्सिंग संस्थान की नर्सिंग छात्राओं, अर्बन ऊना की आशा कार्यकर्ताओं और सभी प्रतिभागियों को तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने तथा एक नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए शपथ भी दिलाई गई।1
- ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने लोकतंत्र के महापर्व में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जलग्रांटबा में अपने पूरे परिवार के साथ मतदान किया।1
- बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के कोटधार क्षेत्र की ग्राम पंचायत भडोली कला के वार्ड नंबर एक भडोली खुर्द को जाने वाले सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष देखा जा रहा है।1
- बिलासपुर जिले में आज तीसरे चरण का मतदान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने दी है, जिसके बाद जिले में मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।1
- हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में आवारा पशुओं के आतंक से स्थानीय लोग बुरी तरह परेशान हैं। इन आवारा पशुओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, स्थानीय नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर नगर निगम इस पूरे मामले में क्यों सोया हुआ है।1
- ग्राम पंचायत तनोह से प्रधान पद के प्रत्याशी तरसेम के एक बयान के बाद पंचायती चुनावों में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। तरसेम ने पंचायती राज चुनावों के दौरान एक महीने तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने के संबंध में बात की है, जिससे यह जिज्ञासा बढ़ गई है कि आखिर इन चुनावों में कहां और किस तरह की गड़बड़ हुई।1
- हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर विधानसभा के जिला परिषद वार्ड ऊहल में स्थित पोलिंग बूथ बनालग में एक विवाद सामने आया है। सुजानपुर के विधायक द्वारा पोलिंग बूथ का निरीक्षण किए जाने पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार मंगलेश ठाकुर के पति ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच बहस बाजी शुरू हो गई।1