नोएडा के थाना फेस वन पुलिस ने कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्टर-2 के डी-80 स्थित प्रथम तल से शनिवार को दो महिलाओं सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीती के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने ठगी के कार्य में इस्तेमाल होने वाले पांच मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, चेक बुक, पासबुक, कॉलिंग डाटा शीट, स्क्रिप्ट बुक, बिलिंग बुक और एक इंटरनेट राउटर बरामद किया है। इस फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत किया गया। इसके तहत थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध खातों के विभिन्न बैंकों को हॉटस्पॉट और रेड जोन के रूप में चिह्नित किया गया था, जिसमें 19 रेड जोन में करीब 2500 मोबाइल फोन और एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायतों की जांच के बाद यह सफलता मिली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोन की जरूरत रखने वाले लोगों को सस्ते ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ऐंठते थे। वे पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, ओटीपी और बैंक की डिटेल ले लेते थे, लेकिन प्रोसेसिंग फीस वसूलने के बाद न तो ग्राहकों को लोन दिलाया जाता था और न ही उनके रुपये वापस किए जाते थे। सस्ते लोन के नाम पर साइबर फ्रॉड करने वाले इस शातिर गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। इनके द्वारा अब तक कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
नोएडा के थाना फेस वन पुलिस ने कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्टर-2 के डी-80 स्थित प्रथम तल से शनिवार को दो महिलाओं सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीती के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने ठगी के कार्य में इस्तेमाल होने वाले पांच मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, चेक बुक, पासबुक, कॉलिंग डाटा शीट, स्क्रिप्ट बुक, बिलिंग बुक और एक इंटरनेट राउटर बरामद किया है। इस फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत किया गया। इसके तहत थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध खातों के विभिन्न बैंकों को हॉटस्पॉट और रेड जोन के रूप में चिह्नित किया गया था, जिसमें 19 रेड जोन
में करीब 2500 मोबाइल फोन और एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायतों की जांच के बाद यह सफलता मिली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोन की जरूरत रखने वाले लोगों को सस्ते ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ऐंठते थे। वे पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, ओटीपी और बैंक की डिटेल ले लेते थे, लेकिन प्रोसेसिंग फीस वसूलने के बाद न तो ग्राहकों को लोन दिलाया जाता था और न ही उनके रुपये वापस किए जाते थे। सस्ते लोन के नाम पर साइबर फ्रॉड करने वाले इस शातिर गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। इनके द्वारा अब तक कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
- गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नामचीन कंपनियों के सोलर ऊर्जा पैनल कम कीमत में लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो साइबर अपराधियों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अमन कुमार और अभिषेक शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने इन शातिर अपराधियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, एक चेकबुक और हरिधान फर्म का विजिटिंग कार्ड बरामद किया है। ये आरोपी नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर अपने ऑफिस खोलते थे। ये लोगों को सस्ती कीमत में सोलर पैनल लगवाने का लालच देकर एडवांस में पेमेंट ले लेते थे और बाद में सोलर पैनल नहीं लगाते थे। इन अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल आठ शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश से एक, बिहार से एक, महाराष्ट्र से तीन, दिल्ली से दो और राजस्थान से एक शिकायत शामिल है। इन आरोपियों द्वारा अब तक कुल 15.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की जा चुकी है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।2
- नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों को कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने का झांसा देते थे और फिर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते थे।2
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस ने दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।1
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- हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर में पुलिस की चेकिंग के दौरान एक बदमाश के साथ मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान भोले, पुत्र नेपाल, निवासी शेरा कृष्ण की मढैया, थाना गढ़मुक्तेश्वर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी पर 26 जून 2026 को दो नाबालिग किशोरियों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है, जिसके संबंध में थाना गढ़मुक्तेश्वर में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले पर थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- नोएडा में थोड़ी सी भी बारिश होने पर कई जगहों पर सड़कों पर भारी जलभराव हो जाता है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर इस तरह पानी जमा होने का मुख्य कारण सड़कों के किनारे बने डिवाइडर हैं, जिनमें पानी की निकासी के लिए सही से रास्ता नहीं बनाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से तो सही काम किया जाता है, लेकिन निचले स्तर पर जो अथॉरिटी मौजूद है, वह सही ढंग से काम नहीं करती है। अथॉरिटी की इसी लापरवाही की वजह से आम जनता को परेशान होना पड़ता है और इस परेशानी के चलते आखिरकार जनता सरकार को ही दोष देती है।1
- गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में थाना बिसरख पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की मदद से विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शनिवार को इस गिरोह के छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आकिब अमीन, चर्चित शर्मा, कृष्णा देव वर्मन, एंजल देव वर्मन, रंजना सुनार और रेखा के रूप में हुई है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल होने वाले छह लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, एक हेडफोन, अन्य उपकरण और 5200 रुपये की नकदी बरामद की है। ये अभियुक्त बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं जो गूगल पर वायरस ठीक करने, बग्स फिक्स करने और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े विज्ञापन चलाते हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान के लिए गूगल पर नंबर सर्च करता है, तो वह इनके द्वारा 'एक्सटाइल' ऐप पर दिए गए फर्जी नंबरों पर कॉल कर बैठता है। इसके बाद ये आरोपी खुद को सोशल सिक्योरिटी अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को कॉल करते हैं और उनके साथ ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।2
- Post by Praveen Kumar1