Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार के कहलगांव में 11 जुलाई को बाल विवाह के विरुद्ध एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ी मुहिम का आगाज़ होने वाला है। इस पहल के माध्यम से कहलगांव इतिहास रचने की तैयारी में है।
BHOLA KUMAR
बिहार के कहलगांव में 11 जुलाई को बाल विवाह के विरुद्ध एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ी मुहिम का आगाज़ होने वाला है। इस पहल के माध्यम से कहलगांव इतिहास रचने की तैयारी में है।
More news from Jamālpur and nearby areas
- बिहार में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ एक महिला को तांत्रिक ओझा के चक्कर में फंसाकर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। बताया गया है कि इस वारदात में एक टोटो चालक शामिल था, जिसने महिला को तांत्रिक ओझा के बहाने फंसाया था। इस जघन्य अपराध में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पाँच आरोपियों को पकड़ लिया है।1
- वीडियो में दर्शकों से 'अल्कामा के वीडियो' को पसंद करने और ऐसे ही और वीडियो देखने के लिए फॉलो करने का आग्रह किया गया है।1
- भागलपुर जिले के नौगछिया स्थित लत्तीपाकर से दरहरा तक की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। विशेष रूप से बारिश के बाद इस सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। बताया गया है कि पिछली बार वीडियो बनाने के बाद भी सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। इस समस्या को उजागर करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- उज्जैन में स्थित महाकाल के दिव्य रूप का दर्शन हुआ, जहाँ भक्तों ने उनके अलौकिक स्वरूप को निहारा। इस दौरान, मंदिर से गूँजती उनकी आरती की मनमोहक ध्वनि ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।1
- मंत्री दीपक प्रकाश कुशवाहा ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। इस घोषणा के अनुसार, राज्य की हर पंचायत को रोशन किया जाएगा।1
- महागामा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। इस घटना को पांच आरोपियों ने झाड़ू का बहाना बनाकर अंजाम दिया था। महागामा में महिला के साथ हुए यौन शोषण के इस मामले में, पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।1
- विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के अवसर पर, कहलगांव अनुमंडल ने बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण चंद्रगुप्त के नेतृत्व में, अनुमंडल के कुल 84 माध्यमिक विद्यालयों में 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं, अभिभावकों और समाज को बाल विवाह के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है, साथ ही महिलाओं की व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं पर खुलकर चर्चा कर उनके समाधान की ओर कदम बढ़ाना है। इस पहल के तहत, प्रत्येक विद्यालय में 11 कार्यक्रम प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। ये प्रभारी बाल विवाह रोकने से संबंधित कानूनों, सरकारी प्रावधानों और अन्य जागरूकता गतिविधियों का संचालन करेंगे। अनुमंडल प्रशासन का लक्ष्य है कि समाज की सक्रिय भागीदारी के साथ बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जाए। प्रशासन का यह मानना है कि शिक्षा, निरंतर संवाद और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से यह अभियान इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम साबित होगा।1