गुमला नगर परिषद के निर्वाचित सदस्यों ने 9 जुलाई से नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी कर दी है। यह कदम ठेकेदारी विवाद को लेकर जिला प्रशासन और विधायक की राजनीति के बीच विकास कार्यों में हो रही बाधाओं के विरोध में उठाया गया है। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि बाधा डालने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो नगर परिषद कार्यालय को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जा सकता है। दरअसल, गुमला से जेएमएम के विधायक भूषण तिर्की ने अपने लोगों को नगर परिषद से ठेका न मिलने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने विकास कार्यों की जांच कराने की मांग करते हुए सभी कार्यों को रुकवा दिया। विधायक की इस कार्यशैली से आक्रोशित नगर परिषद के सदस्यों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा है कि निर्माण कार्यों की जांच अवश्य हो, लेकिन विकास कार्यों को बाधित करना उचित नहीं है। सदस्यों ने तर्क दिया कि लंबे अंतराल के बाद नगर परिषद के चुनाव हुए हैं और जनता ने विकास की उम्मीदों के साथ उन्हें जीत दिलाई है, इसलिए विकास कार्यों को बाधित करना जनता के साथ अन्याय है। हालांकि, मामले के कई दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई पहल नहीं की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि क्या जिला प्रशासन विधायक के प्रभाव में आकर कोई निर्देश जारी नहीं कर पा रहा है या कोई अन्य वजह है। विधायक के विकास कार्यों को बाधित करने के इस फैसले से नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों में गहरा आक्रोश है, जिसके चलते उन्होंने नगर परिषद कार्यालय में तब तक ताला लगाने का फैसला किया है। नगर परिषद गुमला के पार्षदों ने खुद ही कार्यालय की तालाबंदी की है।
गुमला नगर परिषद के निर्वाचित सदस्यों ने 9 जुलाई से नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी कर दी है। यह कदम ठेकेदारी विवाद को लेकर जिला प्रशासन और विधायक की राजनीति के बीच विकास कार्यों में हो रही बाधाओं के विरोध में उठाया गया है। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि बाधा डालने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो नगर परिषद कार्यालय को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जा सकता है। दरअसल, गुमला से जेएमएम के विधायक भूषण तिर्की ने अपने लोगों को नगर परिषद से ठेका न मिलने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने विकास कार्यों की जांच कराने की मांग करते हुए सभी कार्यों को रुकवा दिया। विधायक की इस कार्यशैली से आक्रोशित नगर परिषद के सदस्यों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा है कि निर्माण कार्यों की जांच अवश्य हो, लेकिन विकास कार्यों को बाधित करना उचित नहीं है। सदस्यों ने तर्क दिया कि लंबे अंतराल के बाद नगर परिषद के चुनाव हुए हैं और जनता ने विकास की उम्मीदों के साथ उन्हें जीत दिलाई है, इसलिए विकास कार्यों को बाधित करना जनता के साथ अन्याय है। हालांकि, मामले के कई दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई पहल नहीं की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि क्या जिला प्रशासन विधायक के प्रभाव में आकर कोई निर्देश जारी नहीं कर पा रहा है या कोई अन्य वजह है। विधायक के विकास कार्यों को बाधित करने के इस फैसले से नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों में गहरा आक्रोश है, जिसके चलते उन्होंने नगर परिषद कार्यालय में तब तक ताला लगाने का फैसला किया है। नगर परिषद गुमला के पार्षदों ने खुद ही कार्यालय की तालाबंदी की है।
- गुमला जिले के डुमरी प्रखंड स्थित टंगरडीह सभागार में शिक्षा विभाग द्वारा मासिक गुरुगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रखंड के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, सीआरपी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। गुरुगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और उनके प्रभावी तथा समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर देना था। बैठक के दौरान विद्यार्थियों के अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण की प्रगति, विद्यालयों में छात्रों की नियमित उपस्थिति, ई-कल्याण योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति एवं अन्य लाभार्थी योजनाओं की स्थिति, अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के नियमित आयोजन तथा शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों के सोशल ऑडिट की विस्तार से समीक्षा की गई। इस अवसर पर बीपीओ तपेश्वर साहू, अकाउंटेंट मुकेश प्रसाद, बीआरपी राकेश मेहता, शिक्षक मोहर उरांव, राजेश कुमार, निर्मल असुर और स्मिता तिर्की सहित अन्य शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी प्रधानाध्यापकों और सीआरपी को विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, सरकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन तथा विद्यालयी अभिलेखों के अद्यतन संधारण पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और सभी विद्यालयों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कार्य करना होगा।1
- सिमडेगा जिले के कोलेबिरा क्षेत्र में भ्रष्ट बाबाओं के कृत्य को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह माँग की गई है कि ऐसे बाबाओं को सजा मिलनी चाहिए। इस विषय पर लोगों से अपनी राय साझा करने के लिए कहा गया है।1
- सिमडेगा नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा के निर्देश पर सामटोली रोड के विभिन्न स्थानों पर बने गड्ढों में डस्ट भरवाकर मरम्मत का कार्य कराया गया है। यह कार्रवाई लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के बाद की गई थी, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही थी। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद नगर परिषद ने त्वरित कदम उठाते हुए गड्ढों को डस्ट से भरकर सड़क को समतल बना दिया। इस मरम्मत कार्य के परिणामस्वरूप, सामटोली रोड पर आवागमन अब पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है। नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा ने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां भी आवश्यकता होगी, तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाएगा ताकि लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की इस त्वरित पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की है कि सामटोली रोड की स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में बरसात के दौरान उन्हें ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।1
- JLKM पार्टी ने अपने संगठनात्मक कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल के अंतर्गत, पार्टी ने राज्य के पाँच जिलों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की है।1
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की गुमला जिला कमेटी ने पार्टी को मजबूत करने के संबंध में अपनी बात रखी है। इस दौरान यह सवाल उठाया गया है कि क्या आगामी चुनावों में जयराम महतो मुख्यमंत्री बनेंगे, जिसके साथ आदिवासी समाज की ओर से एक बड़ा दावा भी किया गया है।1
- गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में कल्याण विभाग ने छात्र-छात्राओं के लिए एक साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना और दूरदराज के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए विद्यालय तक पहुंच को आसान बनाना था। कार्यक्रम के दौरान कुल बासठ छात्र-छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं, जिससे बच्चों के चेहरों पर साफ खुशी दिखाई दी। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वितरित की गई कुल बासठ साइकिलों में से उनतीस साइकिल छात्रों को और तैंतीस साइकिल छात्राओं को प्रदान की गईं। इस योजना का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, जिनमें सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा, जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी पूर्ण शंकर भगत और बीपीओ सतेंद्र कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से विद्यालय आने, शिक्षा को जीवन का आधार बनाने तथा मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की ऐसी योजनाओं का मकसद बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना और शिक्षा के प्रति उनके उत्साह को बढ़ाना है। साइकिल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने सरकार और कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- उपायुक्त सिमडेगा के निर्देशानुसार समाहरणालय परिसर में अपर समाहर्ता श्री गिरिजा शंकर महतो ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। अपर समाहर्ता ने प्रत्येक फरियादी से बारी-बारी से संवाद कर उनकी शिकायतों की विस्तृत जानकारी ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन मामलों के त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जनता दरबार में कई तरह की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें भूमि विवाद, जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल जल योजना और जलकर वसूली में आ रही कठिनाइयाँ, खराब ट्रांसफार्मर की मरम्मत, दीदी बगिया योजना के अंतर्गत इमारती पौधों के वितरण की लंबित राशि का भुगतान, गंभीर रूप से बीमार पुत्र एवं पुत्री के इलाज के लिए आर्थिक सहायता, ऑनलाइन लगान रसीद निर्गत करने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, रोजगार उपलब्ध कराने, जर्जर एवं ध्वस्त मकान के पुनर्निर्माण, चिकित्सा अनुदान, मृत माता के बैंक खाते में जमा राशि के हस्तांतरण, रास्ता अवरुद्ध करने, प्रतिबंधित सूची से प्लॉट को मुक्त कराने, बिजली बिल भुगतान में कथित धोखाधड़ी, भूमि बंटवारा और केरया पंचायत में पेशा नियमावली से संबंधित शिकायतें प्रमुख थीं। इन विषयों के अतिरिक्त अन्य कई मुद्दों पर भी आवेदन प्राप्त हुए। जनता दरबार में लगभग 30 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें नियमानुसार संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई और शीघ्र निष्पादन के लिए भेजा गया। इस अवसर पर नजारत उप समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक भी उपस्थित रहे।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंबाटांड़ तालाब में नहाने के दौरान आठ वर्षीय छात्र फरहान अंसारी की डूबने से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, फरहान झगरी उत्क्रमित विद्यालय में दूसरी कक्षा का छात्र था। वह सुबह विद्यालय तो पहुँचा, लेकिन कक्षा में किसी को बताए बिना दो अन्य बच्चों के साथ तालाब में नहाने चला गया। नहाने के दौरान फरहान गहरे पानी में चला गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे तालाब से बाहर निकाला और सदर अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना सिर्फ फरहान के परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सदमा है। स्कूल समय के दौरान बच्चों का इस तरह से बाहर निकलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल देता है।1