SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त — मुआवज़ा वापसी, 5 लाख जुर्माना, और कड़ी चेतावनी 👇 हाल के एक महत्वपूर्ण फैसले में Allahabad High Court ने साफ संकेत दिया है कि कानून का गलत इस्तेमाल किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। केस Rameshwar Singh @ Rameshwar Pratap Singh vs State of U.P. न्यायमूर्ति Justice Shekhar Kumar Yadav की बेंच ने मामले की परिस्थितियों, बदली हुई गवाहियों और रिकॉर्ड को देखते हुए कड़ी टिप्पणियाँ कीं। इस मामले में SC/ST एक्ट के तहत दर्ज शिकायत पर सरकार से शिकायतकर्ताओं—रामकली और उनकी दो बहुओं—को कुल ₹4.5 लाख मुआवज़ा मिला था। बाद में गवाहियों में बदलाव और तथ्यों के उलझने से कोर्ट को संदेह हुआ कि या तो केस की नींव कमजोर थी या न्याय प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। अदालत ने निर्देश दिया कि लिया गया मुआवज़ा सरकार को वापस किया जाए। साथ ही, अपील दायर करने वाले 19 लोगों पर ₹5 लाख का हर्जाना (cost) लगाया गया। कोर्ट का मानना था कि गवाहों को प्रभावित कर न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है। फैसले में यह भी कहा गया कि यदि जांच में साबित हो जाए कि FIR केवल मुआवज़ा पाने या निजी रंजिश में झूठी दर्ज कराई गई थी, तो पुलिस IPC/BNS की धारा 182 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर सकती है। अदालत ने इस स्थिति को “राज्य के साथ धोखाधड़ी” और SC/ST एक्ट के उदार प्रावधानों का “घोर दुरुपयोग” बताया। यह फैसला स्पष्ट करता है कि कानून पीड़ितों की सुरक्षा के लिए है, लेकिन उसके दुरुपयोग पर भी सख्ती संभव है। Disclaimer: यह पोस्ट न्यायालय के आदेश के सार पर आधारित है। उद्देश्य किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं है। #अधिवक्ता #advocatemoni #हाइकोर्ट #इलाहाबाद #LegalUpdate
SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त — मुआवज़ा वापसी, 5 लाख जुर्माना, और कड़ी चेतावनी 👇 हाल के एक महत्वपूर्ण फैसले में Allahabad High Court ने साफ संकेत दिया है कि कानून का गलत इस्तेमाल किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। केस Rameshwar Singh @ Rameshwar Pratap Singh vs State of U.P. न्यायमूर्ति Justice Shekhar Kumar Yadav की बेंच ने मामले की परिस्थितियों, बदली हुई गवाहियों और रिकॉर्ड को देखते हुए कड़ी टिप्पणियाँ कीं। इस मामले में SC/ST एक्ट के तहत दर्ज शिकायत पर सरकार से शिकायतकर्ताओं—रामकली और उनकी दो बहुओं—को कुल ₹4.5
लाख मुआवज़ा मिला था। बाद में गवाहियों में बदलाव और तथ्यों के उलझने से कोर्ट को संदेह हुआ कि या तो केस की नींव कमजोर थी या न्याय प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। अदालत ने निर्देश दिया कि लिया गया मुआवज़ा सरकार को वापस किया जाए। साथ ही, अपील दायर करने वाले 19 लोगों पर ₹5 लाख का हर्जाना (cost) लगाया गया। कोर्ट का मानना था कि गवाहों को प्रभावित कर न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है। फैसले में यह भी कहा गया कि यदि जांच में साबित हो
जाए कि FIR केवल मुआवज़ा पाने या निजी रंजिश में झूठी दर्ज कराई गई थी, तो पुलिस IPC/BNS की धारा 182 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर सकती है। अदालत ने इस स्थिति को “राज्य के साथ धोखाधड़ी” और SC/ST एक्ट के उदार प्रावधानों का “घोर दुरुपयोग” बताया। यह फैसला स्पष्ट करता है कि कानून पीड़ितों की सुरक्षा के लिए है, लेकिन उसके दुरुपयोग पर भी सख्ती संभव है। Disclaimer: यह पोस्ट न्यायालय के आदेश के सार पर आधारित है। उद्देश्य किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं है। #अधिवक्ता #advocatemoni #हाइकोर्ट #इलाहाबाद #LegalUpdate
- गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी ने छठा बच्चा पैदा करने वाले सीमा हैदर व सचिन मीणा को करेंगे सम्मानित।1
- विधायक रमेश सिंह ने विधानसभा में केवट,बिंद,निषाद,मल्लाह के आरक्षण की आवाज मजबूती से उठाया2
- *मेरठ:- एंटी करप्शन यूनिट ने विकास नगर बिजलीघर से लाइनमैन सरफराज पुत्र अब्दुल वाहिद को 6 हजार रुपयों की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उसने यह रुपये मीटर उतारने के नाम पर मांगे थे।*1
- बसपा के पूर्व कद्दावर नेता ने थामा सपा का दामन मायावती के करीबी रहे सिद्दीकी अब अखिलेश संग पीडीए फार्मूले को मजबूती देने की रणनीति मानी जा रही1
- मुरादनगर के चित्रा तालाब में बुधवार को एक गाय अचानक फिसलकर तालाब में गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गाय की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता जावेद अल्वी ने बिना समय गंवाए साहस का परिचय दिया और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। रस्सियों और अन्य साधनों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के बाद गाय की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इस सराहनीय कार्य के लिए स्थानीय लोगों ने जावेद अल्वी और उनकी टीम की जमकर प्रशंसा की। घटना ने एक बार फिर मानवता और पशु-प्रेम की मिसाल पेश की।1
- धन्यवाद छोटा भाई मंजीत और तत्कालीन प्रधान नितिन जी व बिजनेस मैन शिवम जी के द्वारा सम्मान... गाजियाबाद पहुंचने पर..2
- मदापुर मुस्ताफाबाद में हाफीज मोहम्मद रिजवान एडवोकेट का भव्य स्वागत, ग्राम प्रधान चुनाव में बढ़ी हलचल।#Hapur #Pilkhuwa #MadapurMustafabad #GramPradhanChunav #VillageElection2026 #HafizMohammadRizwan #RizwanAdvocate #PanchayatElection #GaonKiRajneeti #UPNews #LocalNews #ElectionCampaign #VillageDevelopment #GaonKiAwaaz #SocialMediaNews1
- गाजियाबाद: यह ऑडियो वायरल है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते, आरोप थाना शालीमार गार्डन प्रभारी पर है ऑडियो के अनुसार 25 की माँग की गई है। और ये वीडियो कब की है। हम इसबात की भी पुष्टि नहीं करते।1