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प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सुनबरसा गांव के एक 16 वर्षीय किशोर की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब तीन बच्चे भेड़ धोने के लिए लेहड़ी गांव स्थित बावन बीघा तालाब पर गए थे। नहाने के दौरान, विजयप्रकाश पाल के 16 वर्षीय पुत्र मुकेश पाल गहरे पानी में चले गए और डूब गए। उनके साथ मौजूद ओमप्रकाश के पुत्र विवेक पाल (15) और विशाल पाल (12) को समय रहते बचा लिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और मुकेश को रामनगर सीएचसी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस इस मामले में विधिक कार्रवाई कर रही है।
Rohit Sharma
प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सुनबरसा गांव के एक 16 वर्षीय किशोर की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब तीन बच्चे भेड़ धोने के लिए लेहड़ी गांव स्थित बावन बीघा तालाब पर गए थे। नहाने के दौरान, विजयप्रकाश पाल के 16 वर्षीय पुत्र मुकेश पाल गहरे पानी में चले गए और डूब गए। उनके साथ मौजूद ओमप्रकाश के पुत्र विवेक पाल (15) और विशाल पाल (12) को समय रहते बचा लिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और मुकेश को रामनगर सीएचसी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस इस मामले में विधिक कार्रवाई कर रही है।
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- प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र स्थित चपारो गाँव में 50 वर्षीय सुरेश धरकार का शव एक खेत में मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सुबह खेत पर नज़र पड़ने के बाद इस घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँचे परिजनों ने सुरेश धरकार की हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने गाँव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप भी लगाया है।1
- प्रयागराज में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने पीडब्ल्यूडी और नहर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जन आंदोलन छेड़ दिया। हाथों में तख्तियां लिए ये किसान पैदल मार्च करते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले, जिसमें इन विभागों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। किसान नेता क मिश्रा ने 'सड़क घोटाला' बताते हुए आरोप लगाया कि कई सड़कों के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसके कारण घटिया सामग्री के इस्तेमाल से सड़कें महीने भर में ही उखड़ने लगी हैं। वहीं, नहर विभाग पर यह आरोप है कि वह सिल्ट सफाई के नाम पर फर्जी बिल बनाकर किसानों को धोखा दे रहा है और नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंचा रहा है, जिससे किसानों की फसलें सूख रही हैं। इसके अतिरिक्त, ठेकेदारों से 30% कमीशन लेकर बिना काम के ही भुगतान करने की कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया गया है। किसानों ने मांग की है कि खराब सड़कों की तत्काल जांच कराई जाए, दोषी जेई-एई को निलंबित किया जाए, नहरों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग ने पीडब्ल्यूडी और नहर विभाग द्वारा किए जा रहे इन भ्रष्टाचारी कृत्यों के खिलाफ अपना विरोध इन कार्यालयों के घेराव के माध्यम से मजबूती से दर्ज कराया है।1
- प्रयागराज से मिली जानकारी के अनुसार, मां गंगा और जमुना नदियों का जलस्तर लगातार तेज़ी से कम हो रहा है। यह स्थिति बारिश न होने के कारण पैदा हुई है, जिससे इन नदियों में पानी सूखता जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के अंतर्गत छोटी कांटी मंदिर में राधा कृष्ण की मूर्ति को तोड़ दिया गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल मौके पर पहुँच गया है और स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहा है।1
- देशभर के साथ ही आज संगम नगरी प्रयागराज में भी नीट की परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रयागराज में कुल 47 परीक्षा केंद्रों पर 23,104 परीक्षार्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं, जिन्हें सघन चेकिंग के बाद ही केंद्र के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी केंद्र सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं और उनकी निगरानी का दायरा बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त, स्टैटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के जवान भी केंद्रों पर मुस्तैद हैं। गड़बड़ी को रोकने के लिए, एलआईयू और एसटीएफ की टीमें भी परीक्षा केंद्रों के आस-पास सक्रिय रहकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं।1
- यह जानकारी साझा की गई है कि दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज का प्रसारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से किया जा रहा है। दर्शक इस समाचार सेवा को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश से देख रहे हैं।1
- Post by Raju Yadav1
- भारतीय यूनियन किसान संगम ने तहसील दिवस के अवसर पर बारा तहसील में बड़ी संख्या में पहुंचकर वन विभाग के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग गरीब किसानों को परेशान करता है और उनकी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करता है। संगठन ने यह भी दावा किया कि एक ओर जहाँ विभाग गरीबों पर अत्याचार करता है, वहीं दूसरी ओर वह अमीर और उद्योगपतियों को अपनी जमीन बेच देता है। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने बताया कि गढ़वा किला के पास लखनौती में वन विभाग ने अपनी जमीन से रास्ता बनाकर गोल्ड प्लेस जैसी कंपनियों को आवागमन की सुविधा दी है। किसानों ने इस बात पर भी जोर दिया कि जबकि ये खदानें चित्रकूट जिले में स्थित हैं, इसके बावजूद शंकरगढ़ वन विभाग उन कंपनियों पर मेहरबान है। भारतीय यूनियन किसान संगम ने अपना यह ज्ञापन एसडीएम बारा को दिया।1