कैमूर में जहरीले सांप के डंसने से महिला की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान, परिजनों ने मांगा मुआवजा हेडिंग: कैमूर में जहरीले सांप के डंसने से महिला की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान, परिजनों ने मांगा मुआवजा कैमूर बिहार रिपोर्ट साहिल राज आगाज टाइम कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र से अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शौच के लिए घर से बाहर गई एक महिला को जहरीले सांप ने डंस लिया। परिजन उसे पहले इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों की सलाह के बावजूद हायर सेंटर ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने चले गए। इस दौरान महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, दुर्गावती थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी श्री राम आधार की 49 वर्षीय पत्नी कलावती देवी शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे घर से बाहर शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया। किसी तरह घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें भभुआ सदर अस्पताल लाया गया। मृतका के पति श्री राम आधार ने बताया कि सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए बताया कि उनकी नाड़ी (पल्स) काफी कमजोर है और तत्काल बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाना आवश्यक है। लेकिन परिजन इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास में पड़कर महिला को झाड़-फूंक कराने अमवा स्थित सत्ती माता के स्थान पर ले गए। वहां कुछ ही देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गावती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दर्दनाक घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतका के पति ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है। यह घटना एक बार फिर सर्पदंश के मामलों में समय पर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता तथा अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज कराना ही जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
कैमूर में जहरीले सांप के डंसने से महिला की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान, परिजनों ने मांगा मुआवजा हेडिंग: कैमूर में जहरीले सांप के डंसने से महिला की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान, परिजनों ने मांगा मुआवजा कैमूर बिहार रिपोर्ट साहिल राज आगाज टाइम कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र से अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शौच के लिए घर से बाहर गई एक महिला को जहरीले सांप ने डंस लिया। परिजन उसे पहले इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों की सलाह के बावजूद हायर सेंटर ले जाने के बजाय झाड़-फूंक
कराने चले गए। इस दौरान महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, दुर्गावती थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी श्री राम आधार की 49 वर्षीय पत्नी कलावती देवी शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे घर से बाहर शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया। किसी तरह घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें भभुआ सदर अस्पताल लाया गया। मृतका के पति श्री राम आधार ने बताया कि सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते
हुए बताया कि उनकी नाड़ी (पल्स) काफी कमजोर है और तत्काल बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाना आवश्यक है। लेकिन परिजन इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास में पड़कर महिला को झाड़-फूंक कराने अमवा स्थित सत्ती माता के स्थान पर ले गए। वहां कुछ ही देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गावती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दर्दनाक घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतका के पति ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है। यह घटना एक बार फिर सर्पदंश के मामलों में समय पर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता तथा अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज कराना ही जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
- श्रावणी मेला से पहले कांवरिया पथ पर शुरू हुई सभी सुविधाएं, बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ तारापुर। श्रावणी मेला 2026 को लेकर तारापुर के 26 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेला शुरू होने से पहले ही स्वास्थ्य, पेयजल, सफाई और सूचना सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। 28 जुलाई की शाम से सभी स्वास्थ्य शिविर सक्रिय हैं, जहां चिकित्सक, एंबुलेंस और दवाओं की व्यवस्था की गई है। गोगाचक धर्मशाला स्थित स्वास्थ्य शिविर में बुधवार शाम तक 160 से अधिक कांवरियों का उपचार किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उद्घोषक खोए-बिछड़े कांवरियों को उनके जत्थे से मिलाने में जुटे हैं। पैदल पथ पर बालू बिछाई गई है तथा शौचालयों के बाहर पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। धर्मशाला परिसर में पहली बार सुधा पार्लर का स्टॉल भी लगाया गया है। हालांकि प्रतिबंधित पैदल मार्ग पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती नहीं होने से कुछ स्थानों पर वाहन चलते दिखे, जिससे कांवरियों को परेशानी हुई। प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है।1
- खेसारी का गाना बजते ही सन्नाटा! गुस्से में आग-बबूला हुए पवन सिंह, आखिर आगे क्या हुआ? #pawansingh #KhesariLalYadav #bhojpuri #paswanji #BJPGovernment #Bankipur1
- इस सावन नवगछिया अनुमंडल के इस शिव मंदिर में एक बार जरूर जाना #naugachia #bihar1
- मुंगेर में गर्भधारण पूर्व देखभाल कार्यक्रम की शुरुआत, स्वस्थ मातृत्व के लिए जागरूकता अभियान शुरू मुंगेर: महिलाओं एवं भावी माताओं के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के जन्म को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संग्रहालय सभागार, मुंगेर में शुक्रवार को गर्भधारण पूर्व देखभाल (प्री-प्रेग्नेंसी केयर) विषयक कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य में पहली बार इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मुंगेर और बेगूसराय जिले से की गई है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ समाज की आधारशिला स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु हैं। उन्होंने कहा कि गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य जांच, एनीमिया की जांच एवं उपचार, संतुलित पोषण, टीकाकरण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से गर्भावस्था के दौरान होने वाली कई जटिलताओं को रोका जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से इस अभियान को जिले के सभी प्रखंडों और गांवों तक पहुंचाया जाए तथा विवाह योग्य युवतियों और नवविवाहित दंपतियों को गर्भधारण पूर्व देखभाल के महत्व से अवगत कराया जाए। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने फोलिक एसिड के सेवन, एनीमिया की रोकथाम, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की समय पर पहचान, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्त जीवनशैली तथा सुरक्षित मातृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. राजू, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक फैज़ान अशरफी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।1
- फुलका काली मंदिर में धूमधाम से मना आषाढ़ी पूजा, श्रद्धालु भक्तों के बीच वितरित किया गया खीर का प्रसाद फुलका काली मंदिर में धूमधाम से मना आषाढ़ी पूजा, श्रद्धालु भक्तों के बीच वितरित किया गया खीर का प्रसाद1
- कैमूर में जहरीले सांप के डंसने से महिला की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान, परिजनों ने मांगा मुआवजा हेडिंग: कैमूर में जहरीले सांप के डंसने से महिला की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान, परिजनों ने मांगा मुआवजा कैमूर बिहार रिपोर्ट साहिल राज आगाज टाइम कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र से अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शौच के लिए घर से बाहर गई एक महिला को जहरीले सांप ने डंस लिया। परिजन उसे पहले इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों की सलाह के बावजूद हायर सेंटर ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने चले गए। इस दौरान महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, दुर्गावती थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी श्री राम आधार की 49 वर्षीय पत्नी कलावती देवी शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे घर से बाहर शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया। किसी तरह घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें भभुआ सदर अस्पताल लाया गया। मृतका के पति श्री राम आधार ने बताया कि सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए बताया कि उनकी नाड़ी (पल्स) काफी कमजोर है और तत्काल बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाना आवश्यक है। लेकिन परिजन इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास में पड़कर महिला को झाड़-फूंक कराने अमवा स्थित सत्ती माता के स्थान पर ले गए। वहां कुछ ही देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गावती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दर्दनाक घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतका के पति ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है। यह घटना एक बार फिर सर्पदंश के मामलों में समय पर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता तथा अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज कराना ही जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।4
- इलाज के दौरान तीसरे घायल युवक ने भी तोड़ा दम, एनएच-333 पर बाइक भिड़ंत में तीन युवकों की मौत1
- गंगा की लहरों को चीरती हुई नाव, आस्था और प्रकृति के अद्भुत संगम का नज़ारा। अगुवानी–सुल्तानगंज गंगा घाट। गंगा की लहरों को चीरती हुई नाव, आस्था और प्रकृति के अद्भुत संगम का नज़ारा। अगुवानी–सुल्तानगंज गंगा घाट।1