पश्चिमी सिंहभूम के बाल अधिकार सुरक्षा मंच ने चाईबासा में बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आगामी 23 जून 2026 को आयुक्त कार्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है। यह निर्णय तुईबीर पंचायत भवन में आयोजित एक समीक्षा बैठक में लिया गया, जहाँ मंच के पदाधिकारियों ने पिछले धरनों की समीक्षा करते हुए प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर मंथन किया। इस आंदोलन को "आर-पार की लड़ाई" बताया गया है। बैठक में वक्ताओं ने प्रमुखता से उठाया कि जिले के कई प्राथमिक और मध्य विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना असंभव हो गया है और शिक्षा का अधिकार कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मंच ने प्रशासन से तत्काल रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करने की पुरजोर मांग की है। शिक्षा के साथ-साथ मंच ने चाईबासा सदर अस्पताल की बदहाल स्थिति पर भी कड़ा रुख अपनाया। सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और बुनियादी दवाओं की कमी के कारण गरीब मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है, और इस स्थिति को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाल अधिकार सुरक्षा मंच ने जिले के सभी अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से इस महत्वपूर्ण आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
पश्चिमी सिंहभूम के बाल अधिकार सुरक्षा मंच ने चाईबासा में बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आगामी 23 जून 2026 को आयुक्त कार्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है। यह निर्णय तुईबीर पंचायत भवन में आयोजित एक समीक्षा बैठक में लिया गया, जहाँ मंच के पदाधिकारियों ने पिछले धरनों की समीक्षा करते हुए प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर मंथन किया। इस आंदोलन को "आर-पार की लड़ाई" बताया गया है। बैठक में वक्ताओं ने प्रमुखता से उठाया कि जिले के कई प्राथमिक और मध्य विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना असंभव हो गया है और शिक्षा का
अधिकार कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मंच ने प्रशासन से तत्काल रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करने की पुरजोर मांग की है। शिक्षा के साथ-साथ मंच ने चाईबासा सदर अस्पताल की बदहाल स्थिति पर भी कड़ा रुख अपनाया। सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और बुनियादी दवाओं की कमी के कारण गरीब मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है, और इस स्थिति को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाल अधिकार सुरक्षा मंच ने जिले के सभी अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से इस महत्वपूर्ण आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
- खुंटी जिले के कर्रा थाना परिसर में शनिवार को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर एक विशाल सफेद रंग की गाय की मौत हो गई। यह घटना थाना परिसर स्थित ट्रांसफार्मर के पास हुई, जहाँ गाय ट्रांसफार्मर के अर्थिंग तार में फंस गई। तार में फंसने के बाद गाय नीचे गिर गई, और गिरने के कारण उसे वहाँ पड़े लोहे के रॉड से चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृत गाय किस किसान की थी, इसकी जानकारी घटना के समय तक नहीं मिल पाई थी। कुछ लोगों का इस घटना के संबंध में कहना है कि किसान अक्सर अपने मवेशियों को लावारिस हालत में खुला छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी दुर्घटनाएँ होती हैं।1
- झारखंड की राजधानी रांची में 30 मई 2026 को Entrepreneurial Connect 3.0 (EC 3.0) का सफल आयोजन किया गया, जिसने राज्य के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को नई दिशा प्रदान की है। I-Hub Startup Jharkhand Foundation और JIIDCO के सहयोग से आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में 600 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप ग्रोथ, निवेश, MSME विकास, AI इनोवेशन, Entrepreneurship, Fundraising, Market Expansion और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चाएँ हुईं। इस आयोजन ने राज्य में उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया।1
- झारखंड के लातेहार स्थित रिचूघूटा से प्राप्त होने वाला बॉक्साइट पत्थर काफी कीमती है। यह महत्वपूर्ण खनिज झारखंड राज्य की सीमाओं से बाहर ले जाया जाता है।1
- ओरमांझी प्रखंड में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। सुबह लगभग 7 बजे से करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मौसम पूरी तरह सुहाना हो गया। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत महसूस की। तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान लोग बारिश का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि खेतों में नमी बढ़ने से उन्हें फायदा पहुंचा है। सुबह की बारिश के कारण सड़कों पर भी ठंडक महसूस हुई और पूरे इलाके का मौसम खुशनुमा बना रहा। हालांकि, कुछ इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने इस राहत भरी बारिश का स्वागत किया।1
- झारखंड की चर्चित आदिवासी अभिनेत्री जोशना केरकेट्टा के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान निशा भगत का नाम लेते हुए कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की, जिसके बाद यह चर्चा ज़ोर पकड़ गई है। जोशना केरकेट्टा के इस बयान के बाद विभिन्न वर्गों में लगातार बहस और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है, जिससे यह मामला राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।1
- डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में चलाए गए एक ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। इस सफल अभियान के परिणामस्वरूप, 29 विभिन्न मामलों में आरोपी रामदेव उरांव ने आत्मसमर्पण कर दिया है।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले में भालू का आतंक जारी है, जहाँ मंझगांव में शौच के लिए नदी जा रहे एक ग्रामीण पर पीछे से भालू ने हमला कर दिया। यह पश्चिमी सिंहभूम में ग्रामीणों पर भालू द्वारा हमला कर जख्मी करने की एक सप्ताह के भीतर सामने आई तीसरी घटना है। ताजा मामले में, मंझगांव के आसनपाट पंचायत के सदमसुइयां गांव निवासी 35 वर्षीय डुका पूर्ति सुबह शौच के लिए नदी गए थे, तभी उन पर हमला हुआ। घटना शनिवार को हुई, जब डुका पूर्ति शौच के लिए जा रहे थे। रास्ते में झाड़ी में छिपे एक भालू ने उन पर पीछे से हमला कर दिया और उनके चेहरे, छाती व हाथों को नोचकर लहूलुहान कर दिया। डुका की चीख-पुकार सुनकर भालू घटनास्थल से भाग गया। गंभीर रूप से जख्मी डुका किसी तरह अपने घर पहुंचे, जिसके बाद ग्रामीणों ने ऑटो की व्यवस्था कर उन्हें मझगांव अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। जख्मी व्यक्ति की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।1