अजमेर नगर निगम की पार्षदों की बा डी बंदी कांग्रेस के पार्षद पहुंचे कर्नाटक 🔴विशेष ब्लॉग🔴 🟰🟰🟰🟰🟰 *‼️अजमेर कांग्रेस डरी हुई है या बहुत समझदार?‼️*🥺 _*कांग्रेसी पार्षद पहुँचे कर्नाटक?*_😱 _*किरण गढ़वाल होंगी मेयर?*_👍 *✍️सुरेन्द्र चतुर्वेदी* राधे श्याम दाधीच जैतारण *अजमेर कांग्रेस के चेहरे पर जीत की चमक कम और डर का पसीना ज़्यादा दिखाई दे रहा है। चुनाव में 37 पार्षद जिताकर सबसे बड़ा दल बनने के बाद कांग्रेस को जश्न मनाना चाहिए था, मगर जश्न की जगह बाड़ाबंदी हो रही है। पार्षदों को अजमेर से जयपुर और फिर जयपुर से कहीं और ले जाने की ख़बरें आ रही हैं। मतलब साफ़ है—कांग्रेस को अपने ही पार्षदों पर इतना भरोसा नहीं कि उन्हें खुली हवा में छोड़ सके!*🙁 *अजमेर की सियासत में यह दृश्य भी कम दिलचस्प नहीं है। जिस कांग्रेस ने 36 साल बाद भाजपा को पीछे छोड़कर सबसे बड़ा दल बनने का इतिहास रचा, वही अब अपने पार्षदों को ऐसे बचा रही है जैसे कोई बेशक़ीमती सामान बैंक के लॉकर में रख दिया गया हो। फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि बैंक के लॉकर की चाबी बैंक के पास होती है और राजनीति के लॉकर की चाबी कब किसके हाथ चली जाए, इसका भरोसा किसी को नहीं!*❌ *कांग्रेस को डर है कि उसके जीते हुए पार्षदों पर सियासी डोरे डाले जा रहे हैं। बाड़ाबंदी के बावजूद संपर्कों की ख़बरें हैं। उधर भाजपा बहुमत साबित करने के भरोसे में बैठी है। दोनों तरफ़ दावे हैं और दोनों तरफ़ गणित। मगर राजनीति में गणित की सबसे बड़ी ख़ूबी यही है कि जोड़ सबको आता है, घटाना किसी को नहीं आता और चुनाव के दिन अचानक किसी का गुणा-भाग ही बदल जाता है।*😜 *कांग्रेस की बेचैनी का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्षदों को अजमेर से बाहर कर दिया गया। अब ख़बर यह भी है कि उन्हें हवाई यात्रा से कर्नाटक ले जाया गया है और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ लंच का कार्यक्रम है। यानी अजमेर का मेयर चुनने के लिए अजमेर के पार्षदों को अजमेर से जितना दूर ले जाया जा सकता है, उतना दूर ले जाने की तैयारी है। शायद कांग्रेस को लगता है कि जितनी दूरी अजमेर से बढ़ेगी, उतनी ही दूरी ख़रीद-फ़रोख़्त से भी बढ़ जाएगी!🙋♂️* *मगर असली सवाल यहाँ से शुरू होता है।* *कल मेयर पद के लिए नामांकन है और मेयर प्रत्याशी तथा प्रस्तावक जयपुर में हैं। उधर रात के अँधेरे में नामों पर विचार-विमर्श चल रहा है।*😵💫 *छनकर आई ख़बर कहती है कि रात 11 बजे कांग्रेस की तरफ़ से किरण गढ़वाल नाम को हाईकमान की हरी झंडी मिली। इसके साथ करोड़ों के आर्थिक प्रबंधन का धुआँ भी उड़ रहा है। लेकिन यहाँ सावधानी ज़रूरी है—इस आर्थिक प्रबंधन की पुष्टि रत्ती भर भी नहीं हुई है। धुआँ दिखाई दे रहा है, मगर आग कहाँ है, यह अभी किसी को मालूम नहीं। राजनीति में धुआँ कई बार आग से निकलता है और कई बार सिर्फ़ चूल्हे की कहानी सुनाकर निकल जाता है।*🤪 *और फिर एक तस्वीर सामने आती है।*🥺 *कहा जा रहा है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कल रात माकड़वाली पेट्रोल पम्प पर एक स्थानीय नेता के साथ दिखाई दिए।एक तस्वीर मुझे भेजी गई है। अगर तस्वीर सचमुच कल रात की ही है तो कहानी में एक नया अध्याय जुड़ता है। फिर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या डोटासरा अजमेर में थे❓क्या मेयर पद के उम्मीदवार के चयन में उनकी भूमिका रही❓क्या पार्षदों की बाड़ाबंदी और उन्हें बाहर भेजने की रणनीति भी उसी राजनीतिक प्रबंधन का हिस्सा थी❓*😨 *लेकिन तस्वीर की तारीख़ और स्थान की स्वतंत्र पुष्टि हुए बिना तस्वीर को प्रमाण मान लेना भी पत्रकारिता नहीं, अफ़वाह को प्रमाणपत्र देना होगा।*🙄 *इस पूरे घटनाक्रम में जिन नामों की चर्चा है—धर्मेन्द्र राठौड़, राजकुमार जयपाल और महेंद्र चौधरी—उनके इर्द-गिर्द निर्णयों का सारा ताना-बाना बुना गया बताया जा रहा है। रलावता सहित दूसरे नेताओं और यहाँ तक कि पार्षदों को भी भनक न लगने की चर्चा है। अगर यह सच है तो कांग्रेस ने अपने सबसे बड़े चुनावी फ़ैसले को भी ऐसी गुप्तचर शैली में अंजाम दिया है कि पार्टी के लोग ही पूछ रहे होंगे—भाई, हम कांग्रेस में हैं या किसी अंडरकवर मिशन में❓😱* *और भाजपा❓* *भाजपा ख़ामोश है। ख़ामोशी भी ऐसी कि कभी-कभी लगता है जैसे उसके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है और कभी लगता है कि बोलने की ज़रूरत ही नहीं समझ रही। कांग्रेस पाँच निर्दलीयों को अपने साथ होने का दावा कर चुकी है, जबकि भाजपा क़ो 41 का आँकड़ा पार करने के लिए अभी भी गणित पूरा करना है।*🤨 *यही वह जगह है जहाँ अजमेर की मेयर की कुर्सी कुर्सी कम और कैलकुलेटर ज़्यादा हो गई है।*😇 *कांग्रेस कह रही है कि उसके सारे वोट उसके पास हैं। भाजपा बहुमत का भरोसा जता रही है। कोई क्रॉस-वोटिंग की बात कर रहा है, कोई हॉर्स ट्रेडिंग का दावा कर रहा है।*😯 *मगर इन दावों में से कौन राजनीतिक आत्मविश्वास है और कौन राजनीतिक धुआँ-इसका फ़ैसला न जयपुर करेगा, न कर्नाटक का लंच, न माकड़वाली का पेट्रोल पम्प। फ़ैसला होगा मतपेटी के भीतर! 21 सितंबर को।*👍
अजमेर नगर निगम की पार्षदों की बा डी बंदी कांग्रेस के पार्षद पहुंचे कर्नाटक 🔴विशेष ब्लॉग🔴 🟰🟰🟰🟰🟰 *‼️अजमेर कांग्रेस डरी हुई है या बहुत समझदार?‼️*🥺 _*कांग्रेसी पार्षद पहुँचे कर्नाटक?*_😱 _*किरण गढ़वाल होंगी मेयर?*_👍 *✍️सुरेन्द्र चतुर्वेदी* राधे श्याम दाधीच जैतारण *अजमेर कांग्रेस के चेहरे पर जीत की चमक कम और डर का पसीना ज़्यादा दिखाई दे रहा है। चुनाव में 37 पार्षद जिताकर सबसे बड़ा दल बनने के बाद कांग्रेस को जश्न मनाना चाहिए था, मगर जश्न की जगह बाड़ाबंदी हो रही है। पार्षदों को अजमेर से जयपुर और फिर जयपुर से कहीं और ले जाने की ख़बरें आ रही हैं। मतलब साफ़ है—कांग्रेस को अपने ही पार्षदों पर इतना भरोसा नहीं कि उन्हें खुली हवा में छोड़ सके!*🙁 *अजमेर की सियासत में यह दृश्य भी कम दिलचस्प नहीं है। जिस कांग्रेस ने 36 साल बाद भाजपा को पीछे छोड़कर सबसे बड़ा दल बनने का इतिहास रचा, वही अब अपने पार्षदों को ऐसे बचा रही है जैसे कोई बेशक़ीमती सामान बैंक के लॉकर में रख दिया गया हो। फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि बैंक के लॉकर की चाबी बैंक के पास होती है और राजनीति के लॉकर की चाबी कब किसके हाथ चली जाए, इसका भरोसा किसी को नहीं!*❌ *कांग्रेस को डर है कि उसके जीते हुए पार्षदों पर सियासी डोरे डाले जा रहे हैं। बाड़ाबंदी के बावजूद संपर्कों की ख़बरें हैं। उधर भाजपा बहुमत साबित करने के भरोसे में बैठी है। दोनों तरफ़ दावे हैं और दोनों तरफ़ गणित। मगर राजनीति में गणित की सबसे बड़ी ख़ूबी यही है कि जोड़ सबको आता है, घटाना किसी को नहीं आता और चुनाव के दिन अचानक किसी का गुणा-भाग ही बदल जाता है।*😜 *कांग्रेस की बेचैनी का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्षदों को अजमेर से बाहर कर दिया गया। अब ख़बर यह भी है कि उन्हें हवाई यात्रा से कर्नाटक ले जाया गया है और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ लंच का कार्यक्रम है। यानी अजमेर का मेयर चुनने के लिए अजमेर के पार्षदों को अजमेर से जितना दूर ले जाया जा सकता है, उतना दूर ले जाने की तैयारी है। शायद कांग्रेस को लगता है कि जितनी दूरी अजमेर से बढ़ेगी, उतनी ही दूरी ख़रीद-फ़रोख़्त से भी बढ़ जाएगी!🙋♂️* *मगर असली सवाल यहाँ से शुरू होता है।* *कल मेयर पद के लिए नामांकन है और मेयर प्रत्याशी तथा प्रस्तावक जयपुर में हैं। उधर रात के अँधेरे में नामों पर विचार-विमर्श चल रहा है।*😵💫 *छनकर आई ख़बर कहती है कि रात 11 बजे कांग्रेस की तरफ़ से किरण गढ़वाल नाम को हाईकमान की हरी झंडी मिली। इसके साथ करोड़ों के आर्थिक प्रबंधन का धुआँ भी उड़ रहा है। लेकिन यहाँ सावधानी ज़रूरी है—इस आर्थिक प्रबंधन की पुष्टि रत्ती भर भी नहीं हुई है। धुआँ दिखाई दे रहा है, मगर आग कहाँ है, यह अभी किसी को मालूम नहीं। राजनीति में धुआँ कई बार आग से निकलता है और कई बार सिर्फ़ चूल्हे की कहानी सुनाकर निकल जाता है।*🤪 *और फिर एक तस्वीर सामने आती है।*🥺 *कहा जा रहा है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कल रात माकड़वाली पेट्रोल पम्प पर एक स्थानीय नेता के साथ दिखाई दिए।एक तस्वीर मुझे भेजी गई है। अगर तस्वीर सचमुच कल रात की ही है तो कहानी में एक नया अध्याय जुड़ता है। फिर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या डोटासरा अजमेर में थे❓क्या मेयर पद के उम्मीदवार के चयन में उनकी भूमिका रही❓क्या पार्षदों की बाड़ाबंदी और उन्हें बाहर भेजने की रणनीति भी उसी राजनीतिक प्रबंधन का हिस्सा थी❓*😨 *लेकिन तस्वीर की तारीख़ और स्थान की स्वतंत्र पुष्टि हुए बिना तस्वीर को प्रमाण मान लेना भी पत्रकारिता नहीं, अफ़वाह को प्रमाणपत्र देना होगा।*🙄 *इस पूरे घटनाक्रम में जिन नामों की चर्चा है—धर्मेन्द्र राठौड़, राजकुमार जयपाल और महेंद्र चौधरी—उनके इर्द-गिर्द निर्णयों का सारा ताना-बाना बुना गया बताया जा रहा है। रलावता सहित दूसरे नेताओं और यहाँ तक कि पार्षदों को भी भनक न लगने की चर्चा है। अगर यह सच है तो कांग्रेस ने अपने सबसे बड़े चुनावी फ़ैसले को भी ऐसी गुप्तचर शैली में अंजाम दिया है कि पार्टी के लोग ही पूछ रहे होंगे—भाई, हम कांग्रेस में हैं या किसी अंडरकवर मिशन में❓😱* *और भाजपा❓* *भाजपा ख़ामोश है। ख़ामोशी भी ऐसी कि कभी-कभी लगता है जैसे उसके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है और कभी लगता है कि बोलने की ज़रूरत ही नहीं समझ रही। कांग्रेस पाँच निर्दलीयों को अपने साथ होने का दावा कर चुकी है, जबकि भाजपा क़ो 41 का आँकड़ा पार करने के लिए अभी भी गणित पूरा करना है।*🤨 *यही वह जगह है जहाँ अजमेर की मेयर की कुर्सी कुर्सी कम और कैलकुलेटर ज़्यादा हो गई है।*😇 *कांग्रेस कह रही है कि उसके सारे वोट उसके पास हैं। भाजपा बहुमत का भरोसा जता रही है। कोई क्रॉस-वोटिंग की बात कर रहा है, कोई हॉर्स ट्रेडिंग का दावा कर रहा है।*😯 *मगर इन दावों में से कौन राजनीतिक आत्मविश्वास है और कौन राजनीतिक धुआँ-इसका फ़ैसला न जयपुर करेगा, न कर्नाटक का लंच, न माकड़वाली का पेट्रोल पम्प। फ़ैसला होगा मतपेटी के भीतर! 21 सितंबर को।*👍
- बीजेपी ने खोले पते ब्यावर में पुष्पा बंल्लदुआ जैतारण से भेनाराम गहलोत अध्यक्ष पद के अधिकृत प्रत्याशी घोषित जैतारण राधेश्याम दाधीच1
- जैतारण (ब्यावर ) भाजपा के भैणाराम गेहलोत बने नगर पालिका जैतारण के अध्यक्ष भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने की नाम की घोषणा। भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता महेश पंचारिया की तरफ से भेणाराम जी गेहलोत के नगर पालिका जैतारण के अध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।2
- बर में गुर्जर समाज की पैदल यात्रा जैतारण से देवमाली पहुंचेगी जैतारण से देवमाली तक गुर्जर समाज की ओर से पैदल यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस 4दौरान आज बर से सैकड़ों समाजबंधु बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल होकर आस्था, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाजबंधुओं द्वारा यात्रियों का स्वागत किया जाएगा। यात्रा का उद्देश्य समाज में एकजुटता, भाईचारा और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करना है।1
- ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात वारदात का प्रयास, पड़ोसियों के जागने पर भागे संदिग्ध ब्यावर। शहर के नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात अज्ञात संदिग्धों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। मकान पिछले करीब 3-4 महीनों से बंद बताया जा रहा है और मकान मालिक बाहर रहते हैं। जानकारी के अनुसार, देर रात संदिग्ध चोर चोरी की बाइक पर सवार होकर बंद मकान के पास पहुंचे और वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। इस दौरान मकान के आसपास लगे CCTV कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां कैद हो गईं। इसी बीच पड़ोसियों को मकान के आसपास संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। पड़ोसियों के जागने और हलचल होने पर संदिग्ध चोर वारदात को अंजाम दिए बिना मौके से फरार हो गए। पड़ोसियों की सजगता के चलते चोरी की वारदात होने से टल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित केशव कंजानि ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- पुष्कर से रिजॉर्ट से कांग्रेस प्रत्याशियों को लेकर रिया बड़ी व लांपोलाई की तरफ जा रहे थे चुनावी माहौल को लेकर कांग्रेस के जीते हुए तीन पार्षद प्रत्याशियों पर हमला पुलिस प्रोटेक्शन के तहत रिया बड़ी अपने गंतव्य तक पहुंचाये गए। यह सुनिए आप बीती1
- झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे मायूस, मूंग की फसल पर मंडराया संकट रियां बड़ी क्षेत्र में खरीफ की फसल इस समय कटाई और पकने की स्थिति में है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है।3
- पीसांगन :नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए आज जीरो नामांकन,कल नामांकन की आखिरी तारीख... पीसांगन नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव के पहले दिन आज एक भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ। रिटर्निंग अधिकारी मोहन चौधरी के अनुसार नामांकन 15-16 सितंबर तक होना है। कल 16 सितंबर आखिरी तारीख है। 17 को जांच, आवश्यक हुआ तो 21 को होगा मतदान।2
- जैतारण नगर पालिका अध्यक्ष भे नाराम गहलोत का भाजपा द्वारा अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने के बाद जुलूस निकालते हुए जैतारण राधेश्याम दाधीच जैतारण नगर पालिका अध्यक्ष भेनाराम गहलोत का भाजपा द्वारा अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने के बाद जुलूस निकालते हुए1