झारखंड के पाकुड़ जिले के शहरकोल में गुरुवार को एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क किनारे लगा 11 हजार वोल्ट का एक हाईटेंशन तार टूटकर अचानक एक घर के आंगन में जा गिरा। तार टूटने से पहले उसमें आग लग गई, जिसके कारण आसपास के लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। सौभाग्य से, लोग समय रहते वहां से हट गए, अन्यथा इस घटना में दर्जनभर लोग चपेट में आ सकते थे। इस पूरे घटनाक्रम के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बाद बिजली आपूर्ति तो काटी गई, लेकिन फॉल्ट को ठीक किए बिना ही कुछ देर बाद दोबारा लाइन चालू कर दी गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जर्जर 11 केवी तार के नीचे करीब 500 परिवार रहते हैं। उन्होंने कई बार विभाग से तार बदलने या सुरक्षा कवर लगाने की मांग की थी, लेकिन बिजली विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस मामले पर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि तार पहले से लगा हुआ था और घर बाद में बने हैं, उनके इस बयान से ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन जर्जर तारों की जिम्मेदारी किसकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।
झारखंड के पाकुड़ जिले के शहरकोल में गुरुवार को एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क किनारे लगा 11 हजार वोल्ट का एक हाईटेंशन तार टूटकर अचानक एक घर के आंगन में जा गिरा। तार टूटने से पहले उसमें आग लग गई, जिसके कारण आसपास के लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। सौभाग्य से, लोग समय रहते वहां से हट गए, अन्यथा इस घटना में दर्जनभर लोग चपेट में आ सकते थे। इस पूरे घटनाक्रम के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बाद बिजली आपूर्ति तो काटी गई, लेकिन फॉल्ट को ठीक किए बिना ही कुछ देर बाद दोबारा लाइन चालू कर दी गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जर्जर 11 केवी तार के नीचे करीब 500 परिवार रहते हैं। उन्होंने कई बार विभाग से तार बदलने या सुरक्षा कवर लगाने की मांग की थी, लेकिन बिजली विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस मामले पर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि तार पहले से लगा हुआ था और घर बाद में बने हैं, उनके इस बयान से ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन जर्जर तारों की जिम्मेदारी किसकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।
- भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड की प्यालपुर पंचायत में इटवा और हरशो गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों में इस निर्माणाधीन पुल के संबंध में गहरा असंतोष है, और #justice के माध्यम से न्याय की मांग उठाई जा रही है। इस पोस्ट में मेहरमा प्रखंड और महागामा का भी उल्लेख है, जहाँ चंदन कुमार पांडे, मुरारी पासवान और जिला परिषद उम्मीदवार विकास चंदन पाण्डेय के रूप में राहुल गोस्वामी का जिक्र किया गया है।1
- स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने PMCH के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने मंत्री के कई फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। मंत्री ने बताया कि उनके निरीक्षण के दौरान PMCH के प्रिंसिपल अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने फोन के माध्यम से प्रिंसिपल से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका कॉल नहीं उठाया गया। मंत्री निशांत कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रिंसिपल किसी अन्य अधिकारी को अपना प्रभार सौंपे बिना ही गैरहाजिर थे। इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की है कि प्रिंसिपल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- पोस्ट में शाम के समय का जिक्र करते हुए वर्तमान मौसम का नज़ारा साझा किया गया है। बताया गया है कि चूँकि उनका घर देहात में है, इसलिए उन्हें वहाँ घूमने में बहुत मज़ा आता है। पोस्ट का समापन 'जोहार झारखण्ड' और 'जय जवान जय किसान' के नारों के साथ किया गया है।1
- झारखंड से एक ऐसा अजब नज़ारा सामने आया है, जो इस बात को दर्शाता है कि राज्य में 'कुछ भी हो सकता है'। इस दृश्य में, एक सांप को जिस तरह से उठाकर देखा जा रहा है, वह हैरतअंगेज है।1
- Post by Abdul Qayyum1
- आज स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार PMCH अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उनके इस अचानक दौरे से अस्पताल के सुपरिटेंडेंट, डॉक्टर और नर्स, सभी की हालत खराब हो गई। मंत्री के पहुँचते ही PMCH में ऐसी भागम भाग मच गई कि कोई स्ट्रेचर लेकर दौड़ने लगा तो कोई दवाई लेकर भागता हुआ दिखाई दिया।1
- झारखंड के साहिबगंज में मदन शाही रोड पर मरम्मत का काम चल रहा है। इस सड़क के नवीनीकरण या सुधार कार्य पर लोगों का ध्यान गया है।1
- हिंदी में एक मुहावरे के रूप में प्रयोग होने वाला वाक्यांश 'मौत का खिलाड़ी', ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो बेहद खतरनाक काम करने से नहीं घबराता। यह ऐसे साहसी व्यक्ति का वर्णन करता है जो जोखिम भरे हालात का हिम्मत के साथ सामना करता है और जान की परवाह किए बिना स्टंट करता है या चुनौतियों को स्वीकार करता है। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति जो ऊँचे पहाड़ों पर बिना किसी डर के चढ़ जाता है, उसे सचमुच 'मौत का खिलाड़ी' कहा जा सकता है।1