राजधानी रांची में पत्रकार देवानंद के साथ एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ नियमों का पालन करने के बावजूद उनकी गाड़ी के चारों टायरों की हवा निकाल दी गई। देवानंद अपनी माँ के लिए दवा लेने गए थे और उन्होंने अपनी गाड़ी को व्हाइट लाइन के पीछे, यातायात नियमों के अनुसार, निर्धारित सीमा के भीतर खड़ा किया था। वापस लौटने पर उन्हें अपनी गाड़ी के सभी टायरों की हवा निकली हुई मिली, जिससे वे एक अजीब स्थिति में पड़ गए। इस घटना के बाद, देवानंद ने आसपास मौजूद लोगों, पेट्रोल पंप कर्मियों और अन्य लोगों से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। किसी ने भी इस कार्रवाई की जिम्मेदारी नहीं ली और न ही यह बताया कि यह किसके निर्देश पर की गई थी। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि इस क्षेत्र में ऐसी घटनाएँ आम हैं और अक्सर वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी जाती है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों में भारी नाराजगी है। पत्रकार देवानंद ने प्रशासन और संबंधित विभागों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किसी वाहन के टायरों की हवा निकालने का अधिकार किसके पास है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन हुआ भी हो, तो उसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, न कि इस प्रकार की कार्रवाई। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नियमों का पालन करने वालों को भी ऐसी ही सजा मिलेगी और आखिर उनकी गाड़ी के टायरों की हवा किसने निकाली।
राजधानी रांची में पत्रकार देवानंद के साथ एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ नियमों का पालन करने के बावजूद उनकी गाड़ी के चारों टायरों की हवा निकाल दी गई। देवानंद अपनी माँ के लिए दवा लेने गए थे और उन्होंने अपनी गाड़ी को व्हाइट लाइन के पीछे, यातायात नियमों के अनुसार, निर्धारित सीमा के भीतर खड़ा किया था। वापस लौटने पर उन्हें अपनी गाड़ी के सभी टायरों की हवा निकली हुई मिली, जिससे वे एक अजीब स्थिति में पड़ गए। इस घटना के बाद, देवानंद ने आसपास मौजूद लोगों, पेट्रोल पंप कर्मियों और अन्य लोगों से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। किसी ने भी इस कार्रवाई की जिम्मेदारी नहीं ली और न ही यह बताया कि यह किसके निर्देश पर की गई थी। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि इस क्षेत्र में ऐसी घटनाएँ आम हैं और अक्सर वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी जाती है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों में भारी नाराजगी है। पत्रकार देवानंद ने प्रशासन और संबंधित विभागों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किसी वाहन के टायरों की हवा निकालने का अधिकार किसके पास है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन हुआ भी हो, तो उसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, न कि इस प्रकार की कार्रवाई। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नियमों का पालन करने वालों को भी ऐसी ही सजा मिलेगी और आखिर उनकी गाड़ी के टायरों की हवा किसने निकाली।
- पिठौरिया फायरिंग कांड का खुलासा कर दिया गया है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गोलीबारी में इस्तेमाल की गई पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक बाइक भी बरामद की है। जांच में पता चला है कि यह घटना 2022 के एक हत्या कांड में गवाही को रोकने के लिए रची गई एक साजिश का हिस्सा थी। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में, गिरफ्तार आरोपियों ने कई अन्य आपराधिक घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।1
- NDA में अपनी पार्टी के विलय की अटकलों को उपेंद्र कुशवाहा ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनके इस इनकार के साथ ही उनका दर्द भी सामने आया है।1
- झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने घोषणा की है कि आगामी राज्यसभा सदस्य के चुनाव में NDA गठबंधन अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा। उन्होंने बताया कि NDA गठबंधन के पास कुल 24 विधायक हैं, जबकि चुनाव जीतने के लिए 28 विधायकों की आवश्यकता है। मरांडी ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण गठबंधन ने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथ्वानी का समर्थन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा कि यदि उनके पास पूरी संख्या होती तो दल विचार-मंथन के बाद किसी को अपना प्रत्याशी बनाता, लेकिन विधायकों की कमी के चलते यह फैसला लिया गया है।1
- केपी अहमद ने बताया है कि अंतर्राष्ट्रीय मानवता अधिकार एवं मीडिया संगठन को उत्तर प्रदेश में मजबूत किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन का उत्तर प्रदेश राज्य में व्यापक विस्तार भी किया जाएगा।1
- झारखंड में ज़मीन दलालों द्वारा एक घर को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के ढहाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को बेहद अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य बताया गया है, जहां बिना किसी चेतावनी के लोगों के आशियाने को तोड़ दिया गया। सामने आई जानकारी के अनुसार, घर पर लगा छप्पर भी हटा दिया गया है, जिससे पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इस सब के बावजूद, पीड़ित परिवार किसी तरह प्लास्टिक लगाकर अपना गुजारा करने पर मजबूर है। इस पूरे मामले पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या यह न्याय है या फिर ज़मीन दलालों द्वारा अपने 'कर्तव्य' का निष्पादन किया जा रहा है? पोस्ट में पूछा गया है कि हमारे समाज में ऐसा करना सही है या गलत, और यह स्थिति दलालों की मनमानी को दर्शाती है।1
- रांची जिले के जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत हेशग वार्ड नंबर 51 के निवासियों को बड़े वाहनों की अवैध आवाजाही के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस अवैध गतिविधि के चलते मोहल्लेवासी धूल से भरी ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं, जिससे वे बेहद परेशान हैं।1
- रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक होमगार्ड से स्कूटी लूटने के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने चाकू से हमला कर स्कूटी लूटी थी। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से लूटी गई स्कूटी को मॉडिफाई कर उस पर एक फर्जी नंबर प्लेट भी लगा दी थी। पुलिस ने अपनी कार्रवाई में लूटी गई स्कूटी, एक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले की जानकारी और सिटी एसपी पारस राणा का बयान एक वीडियो के माध्यम से साझा किया गया है, जिसका उद्देश्य सूचना और जन जागरूकता प्रदान करना है।1
- दिल्ली के जंतर मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों ने खुद कॉकरोच जनता पार्टी की ही पोल खोल दी।1
- रामगढ़ जिले के कुजू में हुई एक सड़क दुर्घटना में तीन युवक डिवाइडर से टकरा गए। इस हादसे में तीन युवकों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही कुजू पुलिस मौके पर पहुंची।1