_पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात्रि का पूर्ण प्रतिबंध हटाने के के लिए हुई मीटिंग। _पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात्रि का पूर्ण प्रतिबंध हटाने के के लिए हुई मीटिंग। राष्ट्रीय किसान मज़दूर संगठन की अध्यक्षता में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें पीटीआर के सभी मार्ग रात्रि में बंद होने से प्रभावित होने वाले विभिन्न वर्गों के संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में बताया गया कि 2 मार्च 2026 से पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात का पूर्ण प्रतिबंध लागू है, जिससे पूरनपुर और आसपास के लाखों लोगों की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है। वक्ताओं ने कहा कि यह प्रतिबंध लोगों की ज़िंदगी को एक दायरे में बंद कर दिया है, जिससे उन्हें रात को निकलने का कोई सम्मानजनक रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि इस प्रतिबंध को हटाया जाए और लोगों के लिए सम्मानजनक और व्यावहारिक रास्ता निकाला जाए। _प्रमुख मांगें_ - रात्रि में पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की प्रमुख सड़कों पर रात का पूर्ण प्रतिबंध हटाया जाए। - इन सड़कों पर wildlife underpass और overpass निर्माण की समयबद्ध योजना सार्वजनिक की जाए। - इस बैन से हुए आर्थिक नुकसान का सार्वजनिक आकलन किया जाए और प्रभावित लोगों के लिए राहत की योजना बनाई जाए। - तत्काल एक सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाए जिसमें स्थानीय नागरिक, ट्रांसपोर्ट संघ, व्यापारी, और जनप्रतिनिधि शामिल हों। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर अगले 15 दिनों में सरकार और वन विभाग की तरफ से कोई ठोस जवाब या हल नहीं निकाला गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
_पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात्रि का पूर्ण प्रतिबंध हटाने के के लिए हुई मीटिंग। _पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात्रि का पूर्ण प्रतिबंध हटाने के के लिए हुई मीटिंग। राष्ट्रीय किसान मज़दूर संगठन की अध्यक्षता में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें पीटीआर के सभी मार्ग रात्रि में बंद होने से प्रभावित होने वाले विभिन्न वर्गों के संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में बताया गया कि 2 मार्च 2026 से पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात का पूर्ण प्रतिबंध लागू है, जिससे पूरनपुर और आसपास के लाखों लोगों की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है। वक्ताओं ने कहा कि यह प्रतिबंध लोगों की ज़िंदगी को एक दायरे में बंद कर दिया है, जिससे उन्हें रात को निकलने का कोई सम्मानजनक रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि इस प्रतिबंध को हटाया जाए और लोगों के लिए सम्मानजनक और व्यावहारिक रास्ता निकाला जाए। _प्रमुख मांगें_ - रात्रि में पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की प्रमुख सड़कों पर रात का पूर्ण प्रतिबंध हटाया जाए। - इन सड़कों पर wildlife underpass और overpass निर्माण की समयबद्ध योजना सार्वजनिक की जाए। - इस बैन से हुए आर्थिक नुकसान का सार्वजनिक आकलन किया जाए और प्रभावित लोगों के लिए राहत की योजना बनाई जाए। - तत्काल एक सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाए जिसमें स्थानीय नागरिक, ट्रांसपोर्ट संघ, व्यापारी, और जनप्रतिनिधि शामिल हों। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर अगले 15 दिनों में सरकार और वन विभाग की तरफ से कोई ठोस जवाब या हल नहीं निकाला गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
- Morddhwaj singhडोमरियागंज, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश🤝17 hrs ago
- भारतीय क्रिकेट टीम ने t20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में प्रवेश किया1
- ICC T20 विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाने के लिए टीम इंडिया को हार्दिक बधाई। मैदान पर हमारे खिलाड़ियों का असाधारण कौशल, संयम और सामूहिक प्रयास वाकई काबिले-तारीफ रहा। इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश को गौरव के क्षण दिए हैं। अब फाइनल की चुनौती हमारे सामने है और करोड़ों देशवासियों का अटूट विश्वास आपके साथ है। हमें पूर्ण विश्वास है कि भारतीय टीम इसी संकल्प के साथ विश्व विजेता का खिताब अपने नाम करेगी।1
- Post by Anubhav Mishra2
- पूरनपुर,पीलीभीत।पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन प्रमुख सड़कों पर रात्रिकालीन पूर्ण प्रतिबंध के विरोध में राष्ट्रीय किसान मज़दूर संगठन की अगुवाई में संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। 2 मार्च 2026 से लागू इस प्रतिबंध के कारण पूरनपुर और आसपास के क्षेत्र की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई है। वक्ताओं ने कहा कि संरक्षण और सम्मान साथ-साथ चल सकते हैं, लेकिन वर्तमान निर्णय से लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं।प्रेस वार्ता में गुरप्रीत सिंह, हाजी रियाज़त नूर ख़ाँ, नवीन अग्रवाल, रामनिवास शर्मा, पलविंदर सिंह, विजयपाल विक्की, हाजी लियाकत उर्फ भूरा भाई और सराफ़त अली सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने बताया कि 730 वर्ग किमी में फैले टाइगर रिज़र्व के बीच से गुजरने वाली पीलीभीत–पूरनपुर, पीलीभीत– मधोटांडा और मधोटांडा– खटीमा सड़कें रात में बंद कर दी गई हैं। पूरनपुर, जो जिला मुख्यालय से 43 किमी दूर है, अब वैकल्पिक मार्ग से 100 किमी से अधिक की दूरी तय करने को मजबूर है। इससे डेढ़ से दो घंटे का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।संयुक्त मंच ने कहा कि ट्रांसपोर्टर, टैक्सी चालक, नाइट शिफ्ट में काम करने वाले मजदूर, व्यापारी और किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं। “ड्राइवर बैरियर बंद होने के डर से ओवरस्पीड करते हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ गई है,वक्ताओं ने चेताया। वन विभाग से सवाल किया गया कि 2014 में टाइगर रिज़र्व घोषित होने के बाद से अब तक वाइल्डलाइफ अंडरपास और ओवरपास क्यों नहीं बनाए गए? राज्य सरकार से ‘कन्वॉय सिस्टम’ या ‘रेजिडेंट पास सिस्टम’ लागू करने की मांग की गई। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी नाराज़गी जताई गई। प्रमुख मांगों में रात्रि प्रतिबंध हटाने, अंडरपास-ओवरपास निर्माण की समयबद्ध योजना सार्वजनिक करने, आर्थिक नुकसान का आकलन कर राहत देने और सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने की मांग शामिल है।अंत में सभी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में ठोस समाधान नहीं निकला तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।1
- पूरनपुर में विभिन्न संगठनों ने प्रेस वार्ता कर पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन सड़कों पर रात के प्रतिबंध का विरोध किया। पदाधिकारियों ने कहा कि इससे लाखों लोगों का आवागमन और व्यापार प्रभावित हो रहा है। मांग की गई कि रात्रि प्रतिबंध हटाया जाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।1
- Post by न्यूज21न्यूज चैनल पीलीभीत1
- पीलीभीत के थाना जहानाबाद इलाका के गांव पंचोली में गन्ने के खेत में एक वृद्ध महिला का शव मिलने से गांव में मचा हड़कंप1
- Post by यूपी समाचार1
- पूरनपुर में विभिन्न संगठनों ने प्रेस वार्ता कर पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की तीन सड़कों पर रात के प्रतिबंध का विरोध किया। पदाधिकारियों ने कहा कि इससे लाखों लोगों का आवागमन और व्यापार प्रभावित हो रहा है। मांग की गई कि रात्रि प्रतिबंध हटाया जाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।1