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जंजीर में पिछले 5 दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन अब खत्म हो गया है। महिलाओं ने अनशन पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर इस भूख हड़ताल को समाप्त कराया। इस दौरान, इलाके में करीब साढ़े 8 घंटे तक चक्काजाम भी किया गया। अनशन में शामिल हुए 2 बुजुर्गों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। इस पूरी घटना को लेकर एडिशनल कलेक्टर और महिलाओं ने अपने बयान दिए हैं।
Bhupendra lahare
जंजीर में पिछले 5 दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन अब खत्म हो गया है। महिलाओं ने अनशन पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर इस भूख हड़ताल को समाप्त कराया। इस दौरान, इलाके में करीब साढ़े 8 घंटे तक चक्काजाम भी किया गया। अनशन में शामिल हुए 2 बुजुर्गों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। इस पूरी घटना को लेकर एडिशनल कलेक्टर और महिलाओं ने अपने बयान दिए हैं।
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- उरगा पुलिस ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को जब्त करने की कार्रवाई की है। पुलिस ने यह जब्ती अवैध रेत परिवहन पर अपनी कार्रवाई के तहत की है।1
- कोरबा जिले में मारपीट और लूट से जुड़े एक मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- जांजगीर-चाम्पा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के डोंगाकोहरौद गांव में पिछले पांच दिनों से चल रहा आमरण अनशन आखिरकार खत्म हो गया है। गांव की महिलाओं ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। यह आंदोलन गांव की बदहाल सड़क के निर्माण की मांग को लेकर 10 लोगों द्वारा शुरू किया गया था, जिसके समर्थन में ग्रामीणों ने पामगढ़ में साढ़े आठ घंटे तक चक्काजाम भी किया था। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद यह विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसमें उन्होंने गड्ढों वाली सड़क की मरम्मत और आने वाले दिनों में उसके निर्माण का भरोसा दिया है। इस अनशन के दौरान दो बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई थी; उनमें से एक को बिलासपुर रेफर किया गया है, जबकि दूसरे का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। गौरतलब है कि डोंगाकोहरौद गांव की सड़क पिछले 10 सालों से खराब स्थिति में थी। इसे लेकर कई बार शिकायतें की गईं और गुहार लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। उन्होंने पहले चार दिनों तक आमरण अनशन किया, और जब अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, तो पांचवें दिन पामगढ़ में साढ़े आठ घंटे का चक्काजाम कर दिया। इसके बाद, रात करीब 10 बजे अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद युवाओं को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। ग्रामीणों के इस सशक्त प्रदर्शन के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा हुआ है, जहाँ एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। यह सनसनीखेज घटना आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी में सामने आई, जहाँ आरोपी पत्नी ने लगभग 45 दिनों तक अपने पति को 'लापता' बताती रही। पुलिस ने बाथरूम का फर्श तुड़वाकर उस जगह से कंकाल बरामद किया है। जांच के दौरान, आरोपी पत्नी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए पहले मिट्टी डालकर प्लास्टर कराया और फिर उस पर नई टाइल्स लगवा दी थीं। पुलिस अब इस हत्या के पीछे के कारणों और इसमें शामिल संभावित सहयोगियों की गहनता से जांच कर रही है।1
- एक प्रोफेसर द्वारा यौन संबंध बनाने के लिए कहने पर एक लड़की ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद लड़की ने अपने मंगेतर के साथ कॉलोनी में हंगामा किया। मामला लैलूंगा थाने पहुंचा, जहाँ दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया।1
- रायगढ़ जिले में दिनांक 03 और 04 जुलाई को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर, एसडीओपी श्री सिद्धांत तिवारी, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह एवं सुशांतो बनर्जी द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन-2025 (DGPs/IGPs Conference-2025) की सिफारिशों के अनुरूप आधुनिक, तकनीक आधारित एवं जनकल्याणकारी पुलिसिंग विषय पर एक कार्यशाला आयोजित हुई। मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने बताया कि नवंबर 2025 में आईआईएम नया रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री तथा विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक शामिल हुए थे। इस सम्मेलन में थानों के आधुनिकीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), CCTNS, ICJS, NATGRID, डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध नियंत्रण, रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग तथा ट्रस्ट-बेस्ड पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई थी। कार्यशाला में इन सिफारिशों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। द्वितीय चरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) सहित नवीन आपराधिक कानूनों के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इन नए कानूनों का उद्देश्य त्वरित एवं प्रभावी न्याय, पीड़ित-केंद्रित न्याय व्यवस्था, डिजिटल एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग, महिलाओं एवं बच्चों की बेहतर सुरक्षा, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण तथा समयबद्ध विवेचना एवं न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना बताया। इस अवसर पर नवीन कानूनों के अंतर्गत उपयोग में आने वाले नए प्रपत्रों तथा थाना एवं कार्यालयों में संधारित किए जाने वाले रजिस्टरों पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने पुलिसिंग में उपयोग किए जा रहे विभिन्न डिजिटल पोर्टलों की जानकारी दी, जबकि डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर ने CCTNS विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। कार्यशाला के दौरान स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बच्चों से संवाद कर उन्हें आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय प्रदर्शनी में नवीन कानून, यातायात सुरक्षा, महिला सुरक्षा (हेलो सिस्टर हेल्पलाइन) एवं साइबर अपराध जागरूकता पर आधारित चार प्रमुख स्टॉल लगाए गए हैं। एसएसपी ने बच्चों को नए कानूनों की आवश्यकता, उद्देश्य एवं उनके व्यावहारिक महत्व के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आयोजन में सहभागिता के लिए आभार भी व्यक्त किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने परिसर में लगाए गए सभी जागरूकता स्टॉलों का भ्रमण किया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें नवीन आपराधिक कानूनों, सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा, हेलो सिस्टर हेल्पलाइन तथा साइबर अपराध से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और विशेषज्ञ अधिकारियों से उनके समाधान प्राप्त किए। आयोजन के दौरान बच्चों के लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी सहित शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि नवीन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब पुलिस और आमजन दोनों उनकी भावना, उद्देश्य और प्रक्रियाओं को समझें। उन्होंने इस कार्यशाला एवं जनजागरूकता प्रदर्शनी को आधुनिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।4
- कुछ परिवार के सदस्यों को समाज से बहिष्कृत किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में, कुल 7 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।1
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