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झारखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि पंकज तिवारी ने प्रधानमंत्री की आपात घोषणा पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह घोषणा प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल की नाकामयाबी का प्रमाण है।
Manoj dutt dev
झारखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि पंकज तिवारी ने प्रधानमंत्री की आपात घोषणा पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह घोषणा प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल की नाकामयाबी का प्रमाण है।
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- बुधवार शाम लातेहार में आंधी-तूफान के बाद NH-39 स्थित पोस्ट ऑफिस के पास एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय आवाजाही कम होने से कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, पेड़ गिरने से यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिसे बहाल करने की मांग की जा रही है।1
- लातेहार शहर के मेन रोड पर तेज आंधी-बारिश के कारण एक विशाल पेड़ गिर गया। इससे सड़क पर आवागमन रुक गया और बिजली के तार क्षतिग्रस्त होने से आसपास की आपूर्ति भी बाधित हो गई।1
- लातेहार नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह ने दो महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें पीसीसी सड़क निर्माण और आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं, जिनसे स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन व स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी। अब छोटी बीमारियों के लिए जिला मुख्यालय जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।4
- कांके, रांची में मध्य प्रदेश से आए कथावाचक प्रदीप पंडित जी ने शिव महापुराण कथा का वाचन किया। इस भव्य आयोजन में लगभग 5 लाख श्रद्धालु उमड़ पड़े, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।1
- लैतेहार के मणिका में विधायक रामचंद्र सिंह ने बरवाडी-मंडल मार्ग की आधारशिला रखी। उनके अथक प्रयासों से क्षेत्रवासियों का सालों पुराना सपना अब पूरा होने जा रहा है।1
- लोहरदगा में आधी रात तेज आंधी-बारिश से रास्ता बंद हो गया, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। चीरी पुल के पास सड़क पर गिरी पेड़ की डाल को लोगों ने खुद हटाकर आवागमन बहाल किया।1
- मई 2026 में मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन पर एक दुखद हादसा हुआ। प्लेटफॉर्म पर चढ़ते समय एक व्यक्ति चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में फंस गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।1
- झारखंड में नेतरहाट को पर्यटन हब बनाने पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, पर लातेहार का महुआडांड़ अनुमंडल अब भी विकास से कोसों दूर है। अनुमंडल मुख्यालय होने के बावजूद यहां के लोग बिजली, पानी, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से डिग्री कॉलेज, खेल मैदान और रोजगार आधारित उद्योगों की तत्काल मांग की है।1