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- पाकुड़ पहुंचे झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड में लिट्टीपाड़ा विधान स्तरीय कार्यशाला में भाग लिया... इस दौरान उन्होंने दावा किया कि असम में भाजपा की सरकार दोबारा बनेगी और पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सत्ता में आएगी...हिरणपुर पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाबूलाल मरांडी का स्वागत किया... इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 में खरीदी गई 17 गाड़ियों का मुद्दा उठाया... मरांडी ने बताया कि इनमें से तीन गाड़ियां मुख्यमंत्री के पास हैं और दो राजभवन में हैं... शेष गाड़ियां इधर-उधर पड़ी हुई हैं, जिससे वे खराब हो रही हैं... उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारी इसकी जानकारी सरकार को नहीं दे रहे हैं, जिससे लगता है कि वे सरकार को अंधेरे में रख रहे हैं...एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक है... उन्होंने बताया कि कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा अक्सर इसका विरोध करते हैं, उन्हें लगता है कि इससे मतदाताओं के नाम काटे जाते हैं...बाबूलाल मरांडी ने यह भी बताया कि वर्तमान में झारखंड विधानसभा में 91 सीटें हैं, जो भविष्य में बढ़कर 108 हो जाएंगी...उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या बढ़ने से झारखंड के लोगों को अधिक प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा, जो राज्य के लिए बेहतर होगा... उन्होंने 2029 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने की बात भी कही... कहा यदि झारखंड विधानसभा की सीटें बढ़ती हैं, तो संथाल परगना में महिलाओं के लिए 6 सीटें आरक्षित हो सकती हैं... उन्होंने इसे महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर देने के लिए एक सकारात्मक कदम बताया... हालांकि, एसआईआर के माध्यम से उन मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं...1
- धोरैया थाना क्षेत्र के बटसार के पास… आज सड़क पर जो मंजर था… उसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए… चीखें थीं… सन्नाटा था… और बिखरे पड़े थे… एक भयानक हा..दसे1
- धोरैया थाना क्षेत्र के बड़सर गांव में लगी भीषण टक्कर सड़क हादसे में स्कॉर्पियो के उड़े पर खर्च पुलिस ने संभाला मोर्चा स्कॉर्पियो की स्पीड1
- पिछले दिनों बारिश से जहां किसानों की एक ओर फसल तबाह हो गई है। तो वही देखीये आज सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम का ऊंट कब किस करवट बदले कहा नहीं जा सकता।1
- झारखंड का चर्चित ककरघाट नेचर पार्क लोगों के मन में तरह-तरह का चर्चा 10 से 15000 पर्यटक आए घूमने ईद को लेकर #post1
- Post by SR AMIT NEWS1
- जमशेदपुर ब्रेकिंग: बहरागोड़ा में 'अमेरिकी ब.म' डिफ्यूज ऑपरेशन, सेना ने संभाला मोर्चा1
- धोरेया थाना क्षेत्र के बटसार गांव के समीप भयंकर एक्*सीडेंट स्कॉर्पियो और ट्रैक्टर में जोरदार टक्*कर #post #post1
- RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है। सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ए) राष्ट्रीय सचिव बासुकीनाथ साह कनौजिया पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार बिहार1