उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र के निवासी शिवानंद चौरसिया की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज पर हुई बमबारी में मौत हो गई है। उनके किसान पिता रामजी चौरसिया को बीते दिन छोटे बेटे के जरिए इस भयानक हादसे की जानकारी मिली। शिवानंद छह महीने पहले ही छह लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लेकर फिटर के काम के लिए मुंबई से जहाज के जरिए सिंगापुर गए थे, जहाँ से लौटते समय ओमान के पास उनका जहाज इस हमले का शिकार हो गया। शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर और इधर-उधर से मांगकर छह लाख रुपये की व्यवस्था की थी ताकि उनका बड़ा बेटा विदेश जा सके। यहाँ तक कि भेजने वाली कंपनी द्वारा ऐन वक्त पर 50 हजार रुपये की और मांग करने पर, उन्होंने अपनी छोटी बेटी से व्यवस्था कराकर उस राशि का भुगतान किया था। शिवानंद ने कुछ महीने पहले अपने खाते में दो लाख रुपये भेजे थे, लेकिन अब परिवार का सारा सपना चकनाचूर हो गया है। शिवानंद की अपने पिता से आखिरी बार 9 तारीख को बात हुई थी, तब उन्होंने बताया था कि वे ओमान के पास हैं और सब ठीक-ठाक है। उनकी मौत की खबर सुनते ही पत्नी सुशीला अपने मासूम बच्चे और बच्ची के साथ मायके से ससुराल पहुँचीं, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल है। शिवानंद सबसे बड़े थे, उनके दो भाई और एक बहन हैं। पिता का कहना है कि बेटा चला गया तो अब वे पैसे का क्या करेंगे, लड़का जिंदा रहता तो बहुत पैसा कमाता। इस दुखद घटना के बाद सुरौली गाँव में पूरी तरह मातम पसरा हुआ है। गाँव के निवासी अजय कुमार शाही ने शिवानंद को एक बहुत ही अच्छा लड़का बताते हुए पीड़ित परिवार की तरफ से सरकार के सामने माँग रखी है। ग्रामीणों और परिवार की सरकार से माँग है कि नियम संगत कार्रवाई की जाए, मृतक का शव जल्द से जल्द घर वापस लाया जाए, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र के निवासी शिवानंद चौरसिया की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज पर हुई बमबारी में मौत हो गई है। उनके किसान पिता रामजी चौरसिया को बीते दिन छोटे बेटे के जरिए इस भयानक हादसे की जानकारी मिली। शिवानंद छह महीने पहले ही छह लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लेकर फिटर के काम के लिए मुंबई से जहाज के जरिए सिंगापुर गए थे, जहाँ से लौटते समय ओमान के पास उनका जहाज इस हमले का शिकार हो गया। शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर और इधर-उधर से मांगकर छह लाख रुपये की व्यवस्था की थी ताकि उनका बड़ा बेटा विदेश जा सके। यहाँ तक कि भेजने वाली कंपनी द्वारा ऐन वक्त पर 50 हजार रुपये की और मांग करने पर, उन्होंने अपनी छोटी बेटी से व्यवस्था कराकर उस राशि का भुगतान किया था। शिवानंद ने कुछ महीने पहले अपने खाते में दो लाख रुपये भेजे थे, लेकिन अब परिवार का सारा सपना चकनाचूर हो गया है। शिवानंद की अपने पिता से आखिरी बार 9 तारीख को बात हुई थी, तब उन्होंने बताया था कि वे ओमान के पास हैं और सब ठीक-ठाक है। उनकी मौत की खबर सुनते ही पत्नी सुशीला अपने मासूम बच्चे और बच्ची के साथ मायके से ससुराल पहुँचीं, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल है। शिवानंद सबसे बड़े थे, उनके दो भाई और एक बहन हैं। पिता का कहना है कि बेटा चला गया तो अब वे पैसे का क्या करेंगे, लड़का जिंदा रहता तो बहुत पैसा कमाता। इस दुखद घटना के बाद सुरौली गाँव में पूरी तरह मातम पसरा हुआ है। गाँव के निवासी अजय कुमार शाही ने शिवानंद को एक बहुत ही अच्छा लड़का बताते हुए पीड़ित परिवार की तरफ से सरकार के सामने माँग रखी है। ग्रामीणों और परिवार की सरकार से माँग है कि नियम संगत कार्रवाई की जाए, मृतक का शव जल्द से जल्द घर वापस लाया जाए, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने देवरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के ब्राह्मण सम्मेलन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सपा पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अब जनता जातीय राजनीति के बजाय विकास और सुशासन की राजनीति को समर्थन दे रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा के ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर बड़े राजनीतिक आरोप भी लगाए।1
- देवरिया जनपद में 16 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देश पर सभी थानों की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने 'मिशन शक्ति फेज-5.0' और 'शक्ति दीदी' अभियान के तहत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से संबंधित सरकारी योजनाओं के साथ-साथ विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी प्रदान करना था। इस अभियान के तहत, थाना एकौना की मिशन शक्ति टीम ने ग्राम पचलड़ी स्थित बैंक परिसर में, थाना बरहज की टीम ने जहाज घाट पर, और थाना मदनपुर की टीम ने एसबीआई बैंक महेन में महिलाओं और बच्चियों को पम्पलेट वितरित कर जागरूक किया। टीमों ने डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एम्बुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 सहित अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों के सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर भी जाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस विभाग ने बताया कि मिशन शक्ति फेज-5.0 का लक्ष्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता तंत्र के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे समाज में आत्मविश्वास के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, भाजपा जिला प्रभारी सदानंद यादव ने देवरिया के विकास भवन स्थित गांधी सभागार में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रेसवार्ता में उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को विस्तार से बताया।1
- भाटपार रानी में विद्युत उप खंड अधिकारी अभिषेक मौर्य ने बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।2
- मऊ जिले के सरायलखन्सी थाना क्षेत्र के अंतर्गत वन देवी में एक व्यक्ति की मृत्यु के संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक मऊ, श्री अनूप कुमार ने बाइट दी है।3
- देवरिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला प्रभारी संतराज यादव ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए "ऐतिहासिक कार्यों" को विस्तार से बताया। यादव ने रेखांकित किया कि भाजपा सरकार ने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के मंत्र पर कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुँचाया है। उन्होंने बीते 12 वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था में आई मजबूती, सड़क और आधारभूत ढांचे के तीव्र विस्तार, तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रों में हुए उल्लेखनीय सुधारों का भी उल्लेख किया।1
- राजकुमार निषाद के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके जाने से चार बेटियों और एक बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे और शोक में है।1