कारगिल युद्ध के दौरान, 22 जून 1999 का दिन भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। द्रास, बटालिक और मशकोह घाटी में भारतीय जवान दुश्मन के कब्जे वाली रणनीतिक चोटियों को वापस लेने के लिए लगातार संघर्षरत थे। तोलोलिंग पर मिली विजय के बाद, भारतीय सेना ने आगे की पहाड़ियों पर दबाव बढ़ाते हुए कई मोर्चों पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की। इसी दौरान, भारतीय वायुसेना ने "ऑपरेशन सफेद सागर" के तहत दुश्मन के ठिकानों और रसद मार्गों पर सटीक हमले किए। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुश्मन की भारी गोलाबारी के बावजूद, भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। कारगिल की बर्फीली चोटियों पर लड़ी गई यह लड़ाई केवल जमीन वापस लेने तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, सम्मान और तिरंगे की शान की रक्षा के लिए एक अहम युद्ध था। 22 जून तक भारतीय सेना द्वारा प्राप्त सफलताओं ने आने वाली निर्णायक जीत की नींव को और मजबूत कर दिया था। FojiNews24 उन सभी वीर सैनिकों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करता है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
कारगिल युद्ध के दौरान, 22 जून 1999 का दिन भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। द्रास, बटालिक और मशकोह घाटी में भारतीय जवान दुश्मन के कब्जे वाली रणनीतिक चोटियों को वापस लेने के लिए लगातार संघर्षरत थे। तोलोलिंग पर मिली विजय के बाद, भारतीय सेना ने आगे की पहाड़ियों पर दबाव बढ़ाते हुए कई मोर्चों पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की। इसी दौरान, भारतीय वायुसेना ने "ऑपरेशन सफेद सागर" के तहत दुश्मन के ठिकानों और रसद मार्गों पर सटीक हमले किए। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुश्मन की भारी गोलाबारी के बावजूद, भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। कारगिल की बर्फीली चोटियों पर लड़ी गई यह लड़ाई केवल जमीन वापस लेने तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, सम्मान और तिरंगे की शान की रक्षा के लिए एक अहम युद्ध था। 22 जून तक भारतीय सेना द्वारा प्राप्त सफलताओं ने आने वाली निर्णायक जीत की नींव को और मजबूत कर दिया था। FojiNews24 उन सभी वीर सैनिकों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करता है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
- नेत्रपाल भिवानीभिवानी, भिवानी, हरियाणाजय हिंद2 hrs ago
- #श्री रविदास सेवा आश्रम चरखी दादरी की जमीन कब्जाने वाली संस्थाओं और कब्जा करवाने वाली संस्थाओं के सामने धरना देंगे #भूपेंदर दिसोदिया पंचायत समिति सदस्य चरखी दादरी थमनेल बनाए #श्री रविदास सेवा आश्रम चरखी दादरी की जमीन कब्जाने वाली संस्थाओं और कब्जा करवाने वाली संस्थाओं के सामने धरना देंगे #भूपेंदर दिसोदिया पंचायत समिति सदस्य चरखी दादरी थमनेल बनाए1
- भिवानी जिले में नीट (NEET) परीक्षा का आयोजन किया गया है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें इस महत्वपूर्ण परीक्षा के भिवानी में संपन्न होने की पुष्टि की गई।1
- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भिवानी पहुँचे हैं।1
- हजारों विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया, जब भिवानी में NEET-UG 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा ने अनगिनत अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य की ओर एक कदम और करीब ला दिया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सख्त जांच-पड़ताल और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अब, इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों की निगाहें उत्सुकता से परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार NEET का कटऑफ कितना रह सकता है।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी मंदीप कौर ने घोषणा की है कि संपत्ति पंजीकरण का काम अब पूरी तरह से पेपरलेस होगा। इस नई व्यवस्था के तहत, संपत्ति के पंजीकरण के लिए व्यक्तिगत रूप से केवल फोटोग्राफ खिंचवाने हेतु उपस्थित होना अनिवार्य होगा, जबकि अन्य सभी प्रक्रियाएं कागजी कार्रवाई के बिना पूरी की जा सकेंगी।1
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