लखनऊ में #UGC_समता_कानून को लेकर उमड़ा जनसैलाब, स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में विधानसभा घेराव, सड़क पर धरना लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर सोमवार को जनआंदोलन का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल बढ़ा दी। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजिक न्याय की सशक्त आवाज माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के आह्वान पर हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, छात्र और सामाजिक संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए। यह विशाल मार्च UGC समता कानून 2026 को लागू कराने की मांग को लेकर निकाला गया। दारुल शफा से शुरू हुआ यह जनसैलाब जैसे ही उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन की ओर बढ़ा, पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर मार्च को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का उत्साह और जोश देखते ही बन रहा था। भारी पुलिस बल और सुरक्षा इंतजामों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ अंदाज में आगे बढ़ते हुए अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की। विधानसभा की ओर बढ़ते काफिले को जब रोका गया तो प्रदर्शनकारियों ने वहीं सड़क पर धरना शुरू कर दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य स्वयं सड़क पर बैठ गए और सरकार से UGC समता कानून 2026 को तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक कानून की मांग नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, शिक्षा में समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है। अपने संबोधन में मौर्य ने कहा कि SC, ST, OBC और वंचित वर्गों को शिक्षा में बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक सरकार इस कानून को लागू नहीं करती, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने छात्रों और युवाओं से संगठित होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। इस प्रदर्शन के दौरान #SocialJustice, #SCSTOBC, #ReservationRights, #EducationEquality और #StudentRightsIndia जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने यह संदेश साफ कर दिया कि सामाजिक न्याय और शिक्षा में समानता की मांग अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया और प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारी तब तक डटे रहे, जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से सुने जाने का भरोसा नहीं मिला। कुल मिलाकर, लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी और शिक्षा में न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई बहस और ऊर्जा भर दी है।
लखनऊ में #UGC_समता_कानून को लेकर उमड़ा जनसैलाब, स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में विधानसभा घेराव, सड़क पर धरना लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर सोमवार को जनआंदोलन का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल बढ़ा दी। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजिक न्याय की सशक्त आवाज माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के आह्वान पर हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, छात्र और सामाजिक संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए। यह विशाल मार्च UGC समता कानून 2026 को लागू कराने की मांग को लेकर निकाला गया। दारुल शफा से शुरू हुआ यह जनसैलाब जैसे ही उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन की ओर बढ़ा, पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर मार्च को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का उत्साह और जोश देखते ही बन रहा था।
भारी पुलिस बल और सुरक्षा इंतजामों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ अंदाज में आगे बढ़ते हुए अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की। विधानसभा की ओर बढ़ते काफिले को जब रोका गया तो प्रदर्शनकारियों ने वहीं सड़क पर धरना शुरू कर दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य स्वयं सड़क पर बैठ गए और सरकार से UGC समता कानून 2026 को तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक कानून की मांग नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, शिक्षा में समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है। अपने संबोधन में मौर्य ने कहा कि SC, ST, OBC और वंचित वर्गों को शिक्षा में बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक सरकार इस कानून को लागू नहीं करती, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने
छात्रों और युवाओं से संगठित होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। इस प्रदर्शन के दौरान #SocialJustice, #SCSTOBC, #ReservationRights, #EducationEquality और #StudentRightsIndia जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने यह संदेश साफ कर दिया कि सामाजिक न्याय और शिक्षा में समानता की मांग अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया और प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारी तब तक डटे रहे, जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से सुने जाने का भरोसा नहीं मिला। कुल मिलाकर, लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी और शिक्षा में न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई बहस और ऊर्जा भर दी है।
- Post by Bala Ji1
- Post by Tohid Khan1
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- Har ek ladke ki soch ek ladki ke prati 😅☺️🤪😇 only masti😉😍1
- अपना मऊ महादेव...! बहुत बहुत आभार मंत्री महोदय जी A K Sharma मऊ जनपद में स्वच्छता और विकास को लेकर आपका बहुत ही बड़ा योगदान है। फाईटर इंडिया न्यूज़ The Blue Mike #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #NayeBharatKaNayaUP #reelschallenge #maumahadev #facebookreels #fbreels #reelsviralシ1
- चन्दौली से सैदपुर रोड मझिलेपुर पेट्रोल पम्प के सामने कार 🚗 युवक ने अंधा धुन रौंदा लोगों के ऊपर से साइकल बाइक दर्जनों में हुई खराब लोगो का हाल बेहाल एक्सिडेंट में लोग घायल1
- जय Vishwamitra Sena. की मुहिम का असर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो हमारे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक कदम है। ✅✅ Bihar में भी 'UP मॉडल' लागू! विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान— अब खुले में मांस बेचा तो खैर नहीं #VijaySinha #BiharPolitics #MeatBan1
- Post by Bala Ji1