गोड्डा में नगर चुनाव के साथ-साथ अब आरोपों की एक परतदार कहानी भी सामने आ रही है, जो हर नए बयान के साथ और तीखी होती जा रही है। शिवपुर मोहल्ले से उठी कथित नोट बाँटने की गोड्डा में नगर चुनाव के साथ-साथ अब आरोपों की एक परतदार कहानी भी सामने आ रही है, जो हर नए बयान के साथ और तीखी होती जा रही है। शिवपुर मोहल्ले से उठी कथित नोट बाँटने की सूचना ने पहले ही माहौल को गर्म कर दिया था। सुशील रमानी के समर्थक सुमन दास का दावा है कि सूचना मिलने पर जब वे वहाँ पहुँचे, तो हालात सामान्य नहीं थे। उनके अनुसार नकाबपोश युवकों की मौजूदगी, डर का माहौल और कथित मारपीट ने यह संकेत दिया कि मामला सिर्फ बहस का नहीं, दबाव का भी है। इस घटनाक्रम में सुमन दास ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रेमनंदन मंडल, उनके पुत्र प्रीतेश नंदन और नगर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गुड्डू मंडल के भाई संतोष मंडल की मौजूदगी का आरोप लगाया है, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे विवाद को और संदेह के घेरे में ला दिया। नगर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गुड्डू मंडल ने न तो पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब दिया और न ही निष्पक्ष जाँच की बात की, बल्कि उल्टा आरोप लगाने वालों पर ही नोट बाँटने का दावा ठोक दिया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब आरोप असहज करने लगें, तो अक्सर नैरेटिव पलटने की कोशिश की जाती है—ताकि सवाल पूछने वाले ही कटघरे में खड़े नज़र आएँ। यही वजह है कि गुड्डू मंडल का यह पलटवार कई नए सवाल खड़े कर रहा है। अगर सब कुछ साफ़ है, तो जाँच से बचने का भाव क्यों दिखता है? और अगर सच्चाई साथ है, तो बयानबाज़ी के बजाय तथ्य सामने क्यों नहीं रखे जा रहे? फिलहाल यह मामला आरोप-प्रत्यारोप के दौर में है और सच्चाई किसी निष्पक्ष जाँच के बाद ही सामने आ सकेगी। लेकिन इतना स्पष्ट है कि गोड्डा की जनता अब सिर्फ़ आरोप सुनने के मूड में नहीं है। वह यह जानना चाहती है कि सत्ता की दौड़ में डर और दबाव का इस्तेमाल कहीं लोकतंत्र पर भारी तो नहीं पड़ रहा।
गोड्डा में नगर चुनाव के साथ-साथ अब आरोपों की एक परतदार कहानी भी सामने आ रही है, जो हर नए बयान के साथ और तीखी होती जा रही है। शिवपुर मोहल्ले से उठी कथित नोट बाँटने की गोड्डा में नगर चुनाव के साथ-साथ अब आरोपों की एक परतदार कहानी भी सामने आ रही है, जो हर नए बयान के साथ और तीखी होती जा रही है। शिवपुर मोहल्ले से उठी कथित नोट बाँटने की सूचना ने पहले ही माहौल को गर्म कर दिया था। सुशील रमानी के समर्थक सुमन दास का दावा है कि सूचना मिलने पर जब वे वहाँ पहुँचे, तो हालात सामान्य नहीं थे। उनके अनुसार नकाबपोश युवकों की मौजूदगी, डर का माहौल और कथित मारपीट ने यह संकेत दिया कि मामला सिर्फ बहस का नहीं, दबाव का भी है। इस घटनाक्रम में सुमन दास ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रेमनंदन मंडल, उनके पुत्र प्रीतेश नंदन और नगर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गुड्डू मंडल के भाई संतोष मंडल की मौजूदगी का आरोप लगाया है, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे विवाद को और संदेह के घेरे में ला दिया। नगर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गुड्डू मंडल ने न तो पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब दिया और न ही निष्पक्ष जाँच की बात की, बल्कि उल्टा आरोप लगाने वालों पर ही नोट बाँटने का दावा ठोक दिया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब आरोप असहज करने लगें, तो अक्सर नैरेटिव पलटने की कोशिश की जाती है—ताकि सवाल पूछने वाले ही कटघरे में खड़े नज़र आएँ। यही वजह है कि गुड्डू मंडल का यह पलटवार कई नए सवाल खड़े कर रहा है। अगर सब कुछ साफ़ है, तो जाँच से बचने का भाव क्यों दिखता है? और अगर सच्चाई साथ है, तो बयानबाज़ी के बजाय तथ्य सामने क्यों नहीं रखे जा रहे? फिलहाल यह मामला आरोप-प्रत्यारोप के दौर में है और सच्चाई किसी निष्पक्ष जाँच के बाद ही सामने आ सकेगी। लेकिन इतना स्पष्ट है कि गोड्डा की जनता अब सिर्फ़ आरोप सुनने के मूड में नहीं है। वह यह जानना चाहती है कि सत्ता की दौड़ में डर और दबाव का इस्तेमाल कहीं लोकतंत्र पर भारी तो नहीं पड़ रहा।
- Post by MAHAGAMA1
- सरकार लाख दबे कर ले स्वास्थ्य विभाग बिहार में बहुत अच्छा है लेकिन सिर्फ या खानापूर्ति दिखता है अब आप सोच सकते हैं कि अनुमंडल अस्पताल में जनरेटर का सुविधा नहीं है यह भी सोचने वाली बात है यह ताजा मामला पीरपैंती रिफलर अस्पताल की घटना है जहां पर लाइट कट जाने के बाद घंटे तक मरीज को एक्स-रे के लिए इंतजार करना पड़ता है लेकिन सवाल उठता है कि जब जनरेटर की सुविधा है तो मरीज को इस तरह का कठिनाइयों का सामना क्यों करना पड़ता है जब इस विषय में अनुमंडल अस्पताल प्रभारी से पूछा गया तो उसने कहा कि जनरेटर है ही नहीं और एक जनरेटर है तो उसका सुविधा अस्पताल में दिया गया है अब आप सोच सकते हैं क्या एक्स-रे रूम में क्यों नहीं सुविधा दिया गया है जनरेटर का यह भी जांच का विषय है1
- Post by N.k.choudhary1
- सांसद डॉ निशिकांत के गाइडलाइंस पर झारखंड में कर रहा हूं निवेश : गौतम अडानी । हर खबर सबसे पहले पाने के लिए हमें लाइक फॉलो सब्सक्राइब शेयर करें/न्यू अपडेट आप तक" हमारे पेज को फॉलो करें / सच को आवाज जनता के साथ 🙏मगही शेर अभिषेक रंजन🙏1
- Post by Sangam Kumar Thakur1
- श्रेयसी सिंह से अनुरोध है के तिलका मांझी विश्वविद्यालय (भागलपुर) के मैदान पर ध्यान दें. आपका तो गहरा रिश्ता है खेल से, उम्मीद है आप हर संभव प्रयास करेंगी. आपके जैसी सक्षम नेता के होते हुए दयनीय स्थिति शोभा नहीं देती.1
- Post by MAHAGAMA1
- भागलपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिहार के भागलपुर जिले के रसलपुर थाना क्षेत्र में स्कूल जा रहे तीन बच्चों के अपहरण का आरोप लगा है। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।जानकारी के मुताबिक घोघा थाना क्षेत्र निवासी राजेश कुमार के तीन पुत्र रोज की तरह घर से स्कूल के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में एक बुलेट बाइक और एक स्कॉर्पियो गाड़ी उनके पास आकर रुकी। आरोप है कि गाड़ी में सवार लोगों ने बच्चों को बेहोश कर जबरन अपने साथ ले लिया।पीड़ित बच्चों में से राहुल कुमार ने बताया कि उसे रसलपुर थाना क्षेत्र के हाई स्कूल के पास एक घर में रखा गया था। राहुल का दावा है कि वहां अन्य बच्चे भी मौजूद थे। मौका पाकर राहुल किसी तरह वहां से भाग निकला और एक अन्य बच्चे को भी अपने साथ बाहर निकाल लाया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।दिनदहाड़े बच्चों के अपहरण की इस घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं1
- Post by N.k.choudhary1