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*सुल्तानपुर से हटाए जाने पर IPS चारू निगम भावुक:* लिखा- प्रेग्नेंसी के बावजूद जिला संभालने में सक्षम थी; मां बनना कमजोरी नहीं, ताकत है अधिकार और क्षमता: आईपीएस चारू निगम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "मैं यह बात साफ तौर पर रिकॉर्ड पर रखना चाहती हूं कि मां बनना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक ताकत है।"कार्यकाल का विवरण: उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर में बिताए अपने 197 दिनों के कार्यकाल के दौरान, वे गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के बावजूद जिले की कानून-व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संभालने में पूरी तरह सक्षम थीं। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र
आशीष मिश्रा
*सुल्तानपुर से हटाए जाने पर IPS चारू निगम भावुक:* लिखा- प्रेग्नेंसी के बावजूद जिला संभालने में सक्षम थी; मां बनना कमजोरी नहीं, ताकत है अधिकार और क्षमता: आईपीएस चारू निगम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "मैं यह बात साफ तौर पर रिकॉर्ड पर रखना चाहती हूं कि मां बनना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक ताकत है।"कार्यकाल का विवरण: उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर में बिताए अपने 197 दिनों के कार्यकाल के दौरान, वे गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के बावजूद जिले की कानून-व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संभालने में पूरी तरह सक्षम थीं। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र
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- *सरकारी स्कूलों के लिए जिम्मेदार अफसरों के बच्चे प्राइवेट में:* सिर्फ एक शिक्षा अधिकारी का बेटा यूपी बोर्ड में, जानिए किसके बच्चे कहां पढ़ रहे जानिए किस बड़े शिक्षा अधिकारी के बच्चे कहां पढ़ रहे हैं?उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में तैनात शिक्षा अधिकारियों के बच्चों की स्कूलिंग की स्थिति इस प्रकार है:अधिकारी का नाम व पदतैनात जिलाबच्चों की पढ़ाई और स्कूल का विवरणविनोद मिश्रा (DIOS)लखीमपुर खीरीदो बेटे हैं। दोनों लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में क्रमशः 11वीं और 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं.संतोष कुमार (DIOS)प्रयागराजइनके दो बच्चे हैं, जो लखनऊ के प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं.अजीत सिंह (DIOS)गोरखपुरबेटा और बेटी दोनों ICSE बोर्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं.संजय तिवारी (BSA)अमेठीदो बेटे (सम्राट और स्वराज) हैं, जो CBSE बोर्ड के प्राइवेट स्कूल में कक्षा 4 और केजी (KG) में हैं.मुकुल आनंद पांडे (BSA)सोनभद्र10 साल का बेटा गाजीपुर के एक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है.रिपोर्ट के मुख्य बिंदुCBSE और ICSE पहली पसंद: ज्यादातर बड़े शिक्षा अधिकारियों की पहली पसंद सीबीएसई (CBSE) या आईसीएसई (ICSE) बोर्ड के महंगे कॉन्वेंट स्कूल हैं.देहात में तैनाती, लखनऊ में पढ़ाई: कई अधिकारी ऐसे जिलों या ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात हैं जहां के सरकारी स्कूलों को सुधारने का जिम्मा उन पर है, लेकिन उनके खुद के बच्चे राजधानी लखनऊ के बड़े स्कूलों के हॉस्टलों या वहां रहकर पढ़ रहे हैं.उच्च शिक्षा: कुछ वरिष्ठ अधिकारियों जैसे सीतापुर के बीएसए (BSA) गोरखनाथ पटेल के बच्चे स्कूली शिक्षा पूरी कर MBBS जैसी उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं.छोटे बच्चे: कई युवा अधिकारियों (जैसे आजमगढ़, फतेहपुर, बहराइच, बलिया और जौनपुर के BSA/DIOS) के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं (3 महीने से 3 साल तक), इसलिए वे अभी स्कूल नहीं जाते हैं. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र1
- राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के जुलूस में दिखी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के मौके पर निकाले गए जुलूस के दौरान एक ऐसा खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जिसने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया। मेना बेकरी के पास से जुलूस निकलने के दौरान एक हिंदू भाई ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए मोहब्बत और अपनापन दिखाते हुए पानी पिलाया। इस दौरान जिस तरह एक-दूसरे के प्रति सम्मान और भाईचारे का जज़्बा देखने को मिला, उसने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। यह तस्वीर सिर्फ पानी पिलाने की नहीं, बल्कि लखनऊ की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी मोहब्बत की एक खूबसूरत मिसाल नजर आई। धर्म और मजहब से ऊपर उठकर एक इंसान का दूसरे इंसान के लिए आगे आना समाज के लिए बेहद खूबसूरत संदेश है। आज जब छोटी-छोटी बातों को लेकर लोगों के बीच दूरियां पैदा करने की कोशिशें होती हैं, ऐसे वक्त में इस तरह के नज़ारे उम्मीद जगाते हैं कि मोहब्बत और भाईचारा आज भी जिंदा है। जुलूस में शामिल लोगों ने भी इस हिंदू भाई के इस नेक काम की सराहना की। पानी पिलाकर उन्होंने यह संदेश दिया कि इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता और मोहब्बत किसी एक धर्म की जागीर नहीं है। लखनऊ हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब, अदब और भाईचारे के लिए जाना जाता है। 12 रबीउल अव्वल के इस मौके पर सामने आया यह नज़ारा उसी परंपरा को और मजबूत करता दिखाई दिया। ऐसे लोग समाज के लिए मिसाल होते हैं, जो बिना किसी भेदभाव के दूसरों की सेवा करते हैं और अपने छोटे से प्रयास से बड़ी मोहब्बत का पैगाम देते हैं। इस हिंदू भाई को दिल से सलाम, जिन्होंने मोहब्बत और इंसानियत का खूबसूरत पैगाम दिया। ऐसे ही नज़ारे समाज में नफरत की दीवारों को कमजोर और भाईचारे की नींव को मजबूत करते हैं। मोहब्बत बांटिए, भाईचारा बढ़ाइए और इंसानियत को सबसे ऊपर रखिए1
- लखनऊ।* समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी। *लखनऊ।* समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी। बढ़ती चीनी के रेट को लेकर राजनीतिक दलों में दिख रहा है आक्रोश और रोष। जनता के बीच पहुंचकर यूथ ब्रिगेड ने बाटी चीनी। महंगाई की मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड सड़कों पर।1
- लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!! Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!!1
- एक नया नामुना पनौती का बाप एक नया नामुना पनौती का बापएक नया नामुना पनौती का बाप एक नया नामुना पनौती का बाप1
- बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट।* *बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट।*1
- लखनऊ ब्यूरो रिपोर्ट लखनऊ नगर निगम में 243 भैंसों की नीलामी के दौरान हंगामा और सड़क जाम करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है।1
- *मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:* राहुल की मांग- जाति जनगणना के सवाल बदलें; हाईकोर्ट बोला- स्कूलों में हिजाब नहीं; अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ की रूस में सीक्रेट लैंडिंग पीएम मोदी को पत्र: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है.प्रश्नों में बदलाव: कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि वर्तमान प्रस्तावित प्रारूप में सुधार करते हुए जाति जनगणना से जुड़े सवालों को बदला जाए.समानता का तर्क: विपक्ष का मानना है कि सही और व्यापक आंकड़े जुटाने के लिए प्रारूप में बदलाव बेहद आवश्यक है.2. इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: स्कूलों में हिजाब नहींयाचिका खारिज: इलाहाबाद हाईकोर्ट (न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की पीठ) ने एक नाबालिग मुस्लिम छात्रा की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया.धार्मिक अनिवार्यता नहीं: कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम धर्म का कोई अनिवार्य हिस्सा या प्रथा नहीं है.अनुशासन सर्वोपरि: अदालत ने माना कि धर्मनिरपेक्षता (Secularism) और समानता बनाए रखने के लिए स्कूल का तय यूनिफॉर्म ड्रेस कोड सभी छात्रों पर समान रूप से लागू होना चाहिए. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ2