*# CAG REPORTS-#* रिपोर्ट ने खोला राहत राशि घोटाले का पर्दाफाश — मप्र के कई जिलों में फर्जी भुगतान उजागर मध्य प्रदेश के कई जिलों में राहत राशि वितरण में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट में सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, देवास, श्योपुर और छतरपुर जिलों में करोड़ों रुपए के संदिग्ध कपटपूर्ण (फर्जी) भुगतान का मामला सामने आया है। छतरपुर जिला – ₹41.96 लाख का फर्जी भुगतान CAG की जांच में पाया गया कि छतरपुर जिले में 20 अनाधिकृत लाभार्थियों के नाम से ₹41.96 लाख की राशि ई-भुगतान के माध्यम से जारी की गई। इनमें से ₹32.33 लाख कई फर्जी रिफंड देयकों के जरिये निकाले गए थे। शासन ने लेखा परीक्षा के दौरान इन अनियमितताओं को स्वीकार किया है। अब तक ₹34 लाख की राशि वसूल कर शासन खाते में जमा कराई जा चुकी है। जांच जारी – 3 सदस्यीय समिति गठित सूखा राहत आयुक्त के निर्देशों पर 22 सितंबर 2025 को संयुक्त कलेक्टर छतरपुर द्वारा तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है — 1. अधीक्षक भू-अभिलेख आदित्य सोनकिया, 2. सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख रामलाल गुप्ता, 3. राजस्व निरीक्षक सलमानलाल विश्वकर्मा। दल को 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, किंतु जांच फिलहाल जारी है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं- कांग्रेस की कार्यवाहक जिला अध्यक्ष दीप्ति पांडे* ने कहा कि “कलेक्टर को पहले ही कपटपूर्ण भुगतानों की लिखित शिकायत दी गई थी, किंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।” पार्टी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के माध्यम से शिकायत भेजी, जिस पर जांच आदेश जारी हुए हैं। वहीं भाजपा जिला उपाध्यक्ष अशोक दुबे ने कहा कि “किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।” अन्य जिलों में कार्रवाई सिवनी:- एक तहसीलदार सहित 4 कर्मचारी निलंबित, FIR दर्ज। सीहोर:- 45 फर्जी खातों में ₹1.17 करोड़ का भुगतान; 4 कर्मचारियों पर FIR। शिवपुरी:- ₹2.77 करोड़ का फर्जी भुगतान; एक कर्मचारी निलंबित, तीन पर FIR। देवास:- ₹1.26 करोड़ का भुगतान; 61 फर्जी खाते, जिनमें 34 खाते कर्मचारियों व रिश्तेदारों के नाम पर पाए गए। श्योपुर:- बाढ़ राहत वितरण में 216 अनाधिकृत खातों में ₹3.36 करोड़ का फर्जी भुगतान। इनमें 6 खाते एक कर्मचारी के रिश्तेदारों के थे; ₹11 लाख की वसूली हो चुकी है, बाकी राशि संपत्ति विक्रय से वसूली जा रही है। CAG रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राहत राशि वितरण में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। अब देखने वाली बात होगी कि छतरपुर समेत अन्य जिलों में दोषियों पर कितनी जल्द और कितनी सख्त कार्रवाई होती है। Exclusive..कैग की रिपोर्ट पर कार्यवाही कब..? अतिवृष्टि और सूखा राहत राशि में गड़बड़ी... राहत राशि में *बड़ा घोटाला--* #CAG REPORTS# BJP.. राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा बोले दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा वहीं CONG.. AICC मेंबर बन्ना गुप्ता बोले आखिर कार्यवाही कब तक..? शासन प्रशासन मौन क्यों..?
*# CAG REPORTS-#* रिपोर्ट ने खोला राहत राशि घोटाले का पर्दाफाश — मप्र के कई जिलों में फर्जी भुगतान उजागर मध्य प्रदेश के कई जिलों में राहत राशि वितरण में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट में सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, देवास, श्योपुर और छतरपुर जिलों में करोड़ों रुपए के संदिग्ध कपटपूर्ण (फर्जी) भुगतान का मामला सामने आया है। छतरपुर जिला – ₹41.96 लाख का फर्जी भुगतान CAG की जांच में पाया गया कि छतरपुर जिले में 20 अनाधिकृत लाभार्थियों के नाम से ₹41.96 लाख की राशि ई-भुगतान के माध्यम से जारी की गई। इनमें से ₹32.33 लाख कई फर्जी रिफंड देयकों के जरिये निकाले गए थे। शासन ने लेखा परीक्षा के दौरान इन अनियमितताओं को स्वीकार किया है। अब तक ₹34 लाख की राशि वसूल कर शासन खाते में जमा कराई जा चुकी है। जांच जारी – 3 सदस्यीय समिति गठित सूखा राहत आयुक्त के निर्देशों पर 22 सितंबर 2025 को संयुक्त कलेक्टर छतरपुर द्वारा तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है — 1. अधीक्षक भू-अभिलेख आदित्य सोनकिया, 2. सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख रामलाल गुप्ता, 3. राजस्व निरीक्षक सलमानलाल विश्वकर्मा। दल को 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, किंतु जांच फिलहाल जारी है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं- कांग्रेस की कार्यवाहक जिला अध्यक्ष दीप्ति पांडे* ने कहा कि “कलेक्टर को पहले ही कपटपूर्ण भुगतानों की लिखित शिकायत दी गई थी, किंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।” पार्टी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के माध्यम से शिकायत भेजी, जिस पर जांच आदेश जारी हुए हैं। वहीं भाजपा जिला उपाध्यक्ष अशोक दुबे ने कहा कि “किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।” अन्य जिलों में कार्रवाई सिवनी:- एक तहसीलदार सहित 4 कर्मचारी निलंबित, FIR दर्ज। सीहोर:- 45 फर्जी खातों में ₹1.17 करोड़ का भुगतान; 4 कर्मचारियों पर FIR। शिवपुरी:- ₹2.77 करोड़ का फर्जी भुगतान; एक कर्मचारी निलंबित, तीन पर FIR। देवास:- ₹1.26 करोड़ का भुगतान; 61 फर्जी खाते, जिनमें 34 खाते कर्मचारियों व रिश्तेदारों के नाम पर पाए गए। श्योपुर:- बाढ़ राहत वितरण में 216 अनाधिकृत खातों में ₹3.36 करोड़ का फर्जी भुगतान। इनमें 6 खाते एक कर्मचारी के रिश्तेदारों के थे; ₹11 लाख की वसूली हो चुकी है, बाकी राशि संपत्ति विक्रय से वसूली जा रही है। CAG रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राहत राशि वितरण में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। अब देखने वाली बात होगी कि छतरपुर समेत अन्य जिलों में दोषियों पर कितनी जल्द और कितनी सख्त कार्रवाई होती है। Exclusive..कैग की रिपोर्ट पर कार्यवाही कब..? अतिवृष्टि और सूखा राहत राशि में गड़बड़ी... राहत राशि में *बड़ा घोटाला--* #CAG REPORTS# BJP.. राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा बोले दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा वहीं CONG.. AICC मेंबर बन्ना गुप्ता बोले आखिर कार्यवाही कब तक..? शासन प्रशासन मौन क्यों..?
- Post by गणेश यादव1
- *जिला स्तरीय जनसुनवाई में 145 आवेदनों पर हुई सुनवाई* *दिव्यांगों को सुनवाई अलग से की गई* --- मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनसुनवाई सम्पन्न हुई। जनसुनवाई डिप्टी कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला पं.सीईओ आयशा अंसारी, संयुक्त कलेक्टर अंजली द्विवेदी, संयुक्त कलेक्टर अखिल राठौर, एसडीएम प्रशांत अग्रवाल सहित विभागीय जिलाधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त 145 शिकायती आवेदनों का परीक्षण करते हुए संबंधित विभाग को आवेदन निराकरण करने के लिए निर्देशित किया एवं समस्याओं को सुना। जनसुनवाई में शिक्षा, राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, ग्रामीण विकास, विद्युत मंडल, स्वास्थ्य, खाद्य, आदिम जाति, श्रम, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न शिकायती आवेदन प्राप्त हुए। साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का प्रमुखता के साथ निराकरण करें। जनसुनवाई में दिव्यांग की सुनवाई अलग से की गई।3
- भारतीय किसान संघ ने सोमवार को किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री व कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष शिव मोहन गिरी ने मीडिया को जानकारी दी कि किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए यह ज्ञापन दिया गया है।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
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- Post by Star City School Mahoba1
- पनवाड़ी ब्लॉक में BLO पर अवैध वसूली का आरोप, फॉर्म भरने के नाम पर मांगे जा रहे ₹1001
- Post by गणेश यादव1