डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के पहल पर जिलेभर में परिषदीय स्कूलों में हुई पीटीएम, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के पहल पर जिलेभर में परिषदीय स्कूलों में हुई पीटीएम, अभिभावकों ने थामा जिम्मेदारी का हाथ सर्वाधिक उपस्थिति वाले छात्रों के अभिभावकों को सम्मान मिला, कम उपस्थिति वालों से हुआ संवाद पीटीएम में बच्चों की पढ़ाई और नियमित उपस्थिति पर जोर फील्ड में उतरे अफसर, दिनभर रही हलचल लखीमपुर खीरी, । डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बुधवार को पूरे एक्शन मोड में नजर आईं। सुबह-सुबह खंड विकास अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्होंने साफ संदेश दे दिया कि फॉर्मर आईडी अभियान में ढिलाई नहीं चलेगी और स्कूलों में उपस्थिति सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। बैठक में डीएम ने फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए और जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए सख्त रणनीति तय की। कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सिर्फ आदेश से नहीं, मैदान में उतरकर ही संभव है। फील्ड में उतरे अफसर, दिनभर रही हलचल डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश मिलते ही अधिकारी और बीडीओ फील्ड में निकल पड़े। कहीं फॉर्मर आईडी बनाने के आंकड़ों की पड़ताल हुई तो कहीं स्कूलों में बच्चों की हाजिरी और पढ़ाई का स्तर परखा गया। विद्यालयों में आयोजित पैरेंट-टीचर मीटिंग में अफसरों ने अभिभावकों से सीधा संवाद कर बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और स्कूल के माहौल पर फीडबैक लिया। डीएम ने दो टूक कहा कि सिर्फ उपस्थिति बढ़ाना लक्ष्य नहीं, कक्षाओं में गुणवत्ता दिखनी चाहिए। दिनभर की मॉनिटरिंग के दौरान वह खुद भी अपडेट लेती रहीं, जिससे अफसरों में हलचल बनी रही। सुबह की बैठक से लेकर शाम तक चले इस अभियान ने साफ कर दिया कि जिले में अब योजनाओं की प्रगति फाइलों से निकलकर सीधे जमीन पर परखी जाएगी। ..जब स्कूल बना संवाद का मंच, अभिभावकों ने थामा जिम्मेदारी का हाथ जिले के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को आयोजित विशेष अभिभावक बैठकों ने स्कूलों को जीवंत संवाद का केंद्र बना दिया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर हुई इस पहल का उद्देश्य स्पष्ट था कि हर बच्चा रोज़ स्कूल आए और पढ़ाई में गुणवत्ता दिखे। बैठक में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले 10 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सम्मानित किया गया। मंच से उनका उदाहरण पेश कर संदेश दिया गया कि नियमित उपस्थिति ही सफलता की पहली सीढ़ी है। वहीं जिन बच्चों की उपस्थिति कम रही, उनके अभिभावकों से सीधा संवाद कर जिम्मेदारी का अहसास कराया गया। अब एक भी दिन बेवजह अनुपस्थित नहीं-ऐसा संकल्प दिलाया गया।
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के पहल पर जिलेभर में परिषदीय स्कूलों में हुई पीटीएम, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के पहल पर जिलेभर में परिषदीय स्कूलों में हुई पीटीएम, अभिभावकों ने थामा जिम्मेदारी का हाथ सर्वाधिक उपस्थिति वाले छात्रों के अभिभावकों को सम्मान मिला, कम उपस्थिति वालों से हुआ संवाद पीटीएम में बच्चों की पढ़ाई और नियमित उपस्थिति पर जोर फील्ड में उतरे अफसर, दिनभर रही हलचल लखीमपुर खीरी, । डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बुधवार को पूरे एक्शन मोड में नजर आईं। सुबह-सुबह खंड विकास अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्होंने साफ संदेश दे दिया कि फॉर्मर आईडी अभियान में ढिलाई नहीं चलेगी और स्कूलों में उपस्थिति सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। बैठक में डीएम ने फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए और जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए सख्त रणनीति तय की। कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सिर्फ आदेश से नहीं, मैदान में उतरकर ही संभव है। फील्ड में उतरे अफसर, दिनभर रही हलचल डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश मिलते ही अधिकारी और बीडीओ फील्ड में निकल पड़े। कहीं फॉर्मर आईडी बनाने के आंकड़ों की पड़ताल हुई तो कहीं स्कूलों में बच्चों की हाजिरी और पढ़ाई का स्तर परखा गया। विद्यालयों में आयोजित पैरेंट-टीचर मीटिंग में अफसरों ने अभिभावकों से सीधा संवाद कर बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और स्कूल के माहौल पर फीडबैक लिया। डीएम ने दो टूक कहा कि सिर्फ उपस्थिति बढ़ाना लक्ष्य नहीं, कक्षाओं में गुणवत्ता दिखनी चाहिए। दिनभर की मॉनिटरिंग के दौरान वह खुद भी अपडेट लेती रहीं, जिससे अफसरों में हलचल बनी रही। सुबह की बैठक से लेकर शाम तक चले इस अभियान ने साफ कर दिया कि जिले में अब योजनाओं की प्रगति फाइलों से निकलकर सीधे जमीन पर परखी जाएगी। ..जब स्कूल बना संवाद का मंच, अभिभावकों ने थामा जिम्मेदारी का हाथ जिले के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को आयोजित विशेष अभिभावक बैठकों ने स्कूलों को जीवंत संवाद का केंद्र बना दिया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर हुई इस पहल का उद्देश्य स्पष्ट था कि हर बच्चा रोज़ स्कूल आए और पढ़ाई में गुणवत्ता दिखे। बैठक में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले 10 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सम्मानित किया गया। मंच से उनका उदाहरण पेश कर संदेश दिया गया कि नियमित उपस्थिति ही सफलता की पहली सीढ़ी है। वहीं जिन बच्चों की उपस्थिति कम रही, उनके अभिभावकों से सीधा संवाद कर जिम्मेदारी का अहसास कराया गया। अब एक भी दिन बेवजह अनुपस्थित नहीं-ऐसा संकल्प दिलाया गया।
- Post by INDIA TV24 NEWS1
- लखीमपुर खीरी | बड़ी खबर सदर कोतवाली की संकटा देवी चौकी क्षेत्र अंतर्गत उदयपुर मोहल्ले से बाइक चोरी का मामला सामने आया है। चोरों ने घर के बाहर खड़ी UP 31 BM 9627 नंबर की बाइक पर हाथ साफ कर दिया। घटना पूरी तरह घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें साफ तौर पर बाइक चोरी करते हुए चोर दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और चोरों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 📍 लखीमपुर खीरी1
- Post by अमित कुमार3
- तुम ब्राह्मण हो तुम्हे जीना का हक नहीं है, ये कहकर एक शख्स ने पुजारी की का गला काट दिया 😡😡😢😢 अरे Mdcrd दम है तो किसी ताकतवर ब्राह्मण का कुछ करके देखो , तुम्हारी मां की भी मां याद न आ जाए तो कहना ,, 😡😡🤬 दुख तो इस बात का है , जिस कानून से सरकार चल रही है , उसमें न्याय नहीं अन्याय हो रहा है , कोई पार्टी mdrcd ब्राह्मण का सपोर्ट नहीं करती 😡🤬🤬😡जिन ब्राह्मणने इस देश में 50% त्याग किया है देश के लिए अब तो शर्म आती है, बीजेपी , ओर अमीर ब्राह्मण पर जो सत्ता के दौलत में इतने अंधे हो चुके है कि उन्हें अपनों का ख्याल नहीं आ रहा ,,याद रखना ये गरीब ब्राह्मण जिस दिन मिट गए , उस दिन तुम अमीर ब्राह्मण ओर सत्ता के लोभी , अब मारे जाओगे 🤬🤬 तब तुम्हे कोई बचाने नहीं आएगा ,, एक ब्राह्मण होते हुए एक बात कह रहा हु ,, की दुखिया को न सताइए, दुखियों देगा रोई, ओर दुखिया का जब मुखिया सुने (अर्थात प्रकृति, भगवान ) तब तेरी दशा क्या होई ,,😡😢🙏याद रखना1
- ग्रामपनचय दिलवलपुरतहसीलमोमदीजिलालखीमपुर2
- लखीमपुर खीरी: रमज़ान के मद्देनज़र लहरपुर बस अड्डे पर स्थित एम.टी. फ्रूट शॉप पर करीब 60 किस्मों के खजूर सजाए गए हैं। दुकान संचालक मोहम्मद तौफीक ने बताया कि रोज़ेदारों की जरूरत को देखते हुए अजवा, मैक्जोल, कलमी समेत कई प्रीमियम वैरायटी मंगाई गई हैं। अलग-अलग रेंज में उपलब्ध खजूरों के साथ दुकान पर ताजे फल भी रखे गए हैं, ताकि इफ्तार की खरीदारी एक ही जगह हो सके। रमज़ान को लेकर पूरे कस्बे के बाजार में भी रौनक बढ़ने लगी है और खरीदारी तेज हो गई है।1
- स्टेशन रोड पर ई-रिक्शाओं का अवैध जमावड़ा, हर पल मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा पलियाकलां-खीरी। नगर के पुराना बसड्डा स्टेशन रोड पर बीच सड़क पर खड़े होने वाले ई-रिक्शा अब आमजन के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। सड़क के दोनो ओर खड़े होने वाले ई-रिक्शों से यातायात की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इससे न केवल राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका भी बनी हुई है। दिनभर व्यस्त रहने वाले इस मार्ग पर ई-रिक्शा चालकों द्वारा मनमाने ढंग से सवारी भरने के लिए वाहन खडे कर दिये जाते है। इससे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक ई-रिक्शा आ जाने से टक्कर की स्थिति बन जाती है। आए दिन यहां छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं। कोई कार्रवाई न होने से ऐसा लग रहा है कि यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है। नगर पालिका एवं पुलिस प्रशासन की लापरवाही से किसी भी समय बड़ी घटना घट सकती है। ये समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन न तो यातायात पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग की जा रही है और न ही नगर पालिका की ओर से कोई ठोस व्यवस्था की गई है। अवैध स्टैंड बन चुके इस मार्ग पर ई-रिक्शों की कतारें घंटों लगी रहती हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। जनता ने मांग की है कि ई-रिक्शों के लिए निर्धारित स्टैंड बनाया जाए और बीच सड़क पर ई-रिक्शा खड़े करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमित पेट्रोलिंग और चालान की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि यातायात सुचारु हो सके और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके। अगर समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- बिजुआ–खीरी। बिजुआ क्षेत्र स्थित जानकी देवी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के छात्र सोमवार को धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि पूरे शैक्षणिक सत्र की फीस जमा कराने के बावजूद विद्यालय प्रशासन ने उनका बोर्ड रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, जिसके कारण वे आज की परीक्षा नहीं दे सके। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से ठीक पहले इस गंभीर लापरवाही का खुलासा हुआ। जब उन्होंने विद्यालय प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की तो प्रिंसिपल का फोन बंद मिला, और किसी स्तर पर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। मामले से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें छात्र विद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। छात्रों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो और उनका भविष्य खराब न हो। फिलहाल शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1