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लेखक ने अपनी 21वीं किताब, जिसका शीर्षक 'जय जोगणियाँ माता' है, जारी की है। यह पुस्तक एक उपन्यास है।
Shyam pokra
लेखक ने अपनी 21वीं किताब, जिसका शीर्षक 'जय जोगणियाँ माता' है, जारी की है। यह पुस्तक एक उपन्यास है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मंदसौर में जिला अधिकारी के नेताओं की भाषा बोलने के कारण आम जनता को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है, जिसकी बानगी तब दिखी जब मासूम बच्चे भी जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए। यह प्रदर्शन विशेष रूप से RTE योजना से संबंधित था। इस घटना ने इस बात पर जोर दिया कि जब सिस्टम में जंग लग जाता है, तो जनता को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर की एक खास रिपोर्ट के अनुसार, मोहनराज में सरकारी मशीनरी द्वारा मोदी जी के आह्वान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह स्थिति विशेष रूप से मुख्यमंत्री जी के गृह जिले की घटिया विधानसभा में देखने को मिली है। वहाँ जमीन अधिग्रहण के काम से गए एक तहसीलदार को अपनी गाड़ी में लगातार पाँच घंटे तक डीजल जलाना पड़ा। रिपोर्ट इस घटना को मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकारी तंत्र द्वारा मोदी जी के निर्देशों की अनदेखी और उनका मज़ाक उड़ाने वाला बताती है।1
- आगामी त्योहारों के मद्देनज़र, शामगढ़ पुलिस द्वारा नगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा तथा विश्वास का वातावरण मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया। थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्री के कुशल नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जिसके दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। थाना प्रभारी ने त्योहारों के दौरान शांति, सौहार्द और भाईचारे की परंपरा बनाए रखने की अपील की, और यह भी कहा कि शामगढ़ नगर हमेशा से सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव का प्रतीक रहा है। उन्होंने नागरिकों से मिल-जुलकर त्योहार मनाने और किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को देने का आग्रह किया। इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य नगर में सुरक्षा व्यवस्था का संदेश देना, असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना और त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना था, जिसके चलते नगर में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम है।1
- Post by Sanjay Kumar yati1
- चित्तौड़गढ़ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में मंत्री दक डूंगला थाने के एक कांस्टेबल को तीन मिनट के भीतर कथित तौर पर 17 गालियाँ देते सुनाई दे रहे हैं। यह घटना तब हुई जब मंत्री दक ने कांस्टेबल पर अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता का काम न करने, कार्यकर्ता पर लाठी चलाने और उसकी गाड़ी के पास जाने या जाँच करने का आरोप लगाया। उन्होंने ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मियों को “इलाज करने” तक की धमकी भी दी है, जिससे खाकी वर्दी की मर्यादा तार-तार हुई है और पूरे प्रदेश में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वायरल ऑडियो के अनुसार, मंत्री दक सोमवार को डूंगला थाने पहुँचे थे और एसएचओ शैतान सिंह, कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु को बाहर बुलाकर बातचीत शुरू की, जिसकी शुरुआत ही गालियों से हुई। हर वाक्य से पहले गाली का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने अपने नाम ‘बेशर्मी का नया रिकॉर्ड’ बनाने का आरोप झेला। मंत्री दक ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उनके कार्यकर्ता से पैसे माँगे थे, जिससे वे नाराज थे। बातचीत में वे इतने अधिक गाली-गलौज कर रहे थे कि तीनों पुलिसकर्मियों को बोलने का मौका ही नहीं मिला। वायरल ऑडियो में मंत्री ने कथित तौर पर ‘माँ-बहन’ की गालियों के साथ-साथ पुलिसकर्मी की पत्नी को 20 हजार के लिए ‘सुला देने’ जैसी ‘अमर्यादित और अशोभनीय’ बातें भी कही हैं। यह रिकॉर्डिंग वहाँ मौजूद किसी व्यक्ति ने की थी। विशेष रूप से, मंत्री दक जैन समाज से आते हैं, जहाँ अहिंसा परमो धर्म का सिद्धांत बताया जाता है, लेकिन वायरल ऑडियो से लग रहा है कि वे राजनीति के नशे में समाज और उसके बताए मार्ग को भूल गए हैं। ऑडियो वायरल होने के बाद, मंत्री दक ने एक बयान जारी कर ऑडियो में अपनी आवाज होने से इनकार किया है, हालाँकि पूरी ऑडियो साफ-साफ मामले का खुलासा कर रही है। उनके इस बयान के बाद, कॉन्ग्रेस पार्टी के साथ-साथ उनकी ही पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता और जैन समाज के लोग भी इस ऑडियो की एफएसएल जाँच की मांग कर रहे हैं ताकि ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो सके। जिलेभर के पुलिसकर्मियों में इस घटना को लेकर जबरदस्त रोष है, और कई पुलिसकर्मियों ने दबी जुबान में अपना दर्द बयाँ करते हुए बताया है कि वे अपने पुलिस अधीक्षक के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर मंत्री को मुँहतोड़ जवाब देने के लिए ‘हर संभव कदम उठाने हेतु तैयार’ बैठे हैं। इस घटना ने भाजपा की साख पर भी सवाल उठाए हैं और पूछा जा रहा है कि क्या मंत्री दक भाजपा की रीति-नीति और समाज व पद की मर्यादा को भूल गए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या मंत्री दक वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ इतने सख्त हैं, तो जयदेव देवल जैसे कई आरोपों वाले व्यक्ति को पनाह क्यों दे रखी है, और अपने ही कार्यकर्ता के पिता, लसड़ावन निवासी कारुंडा के भूतपूर्व व्यवस्थापक पारस मल जैन को न्याय क्यों नहीं दिला पाए? पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी ने इस भाषा को ‘अमर्यादित’ बताया और कहा कि मंत्री सिस्टम से कार्यवाही करवा सकते थे। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है।1
- मंत्री गौतम दक के नाम से एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बेहद आपत्तिजनक और गाली-गलौज भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इस ऑडियो को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी जनप्रतिनिधि की भाषा इतनी अभद्र हो सकती है। सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि पहले इस ऑडियो की सच्चाई सामने आए, उसके बाद ही कोई राय बनाई जाए। चित्तौड़गढ़ जिले के निवासियों से विशेष रूप से यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या 'उनके मंत्री' ऐसे अपशब्द बोल सकते हैं, और उनसे ऑडियो सुनकर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर द्वारा प्रस्तुत एक खास रिपोर्ट में बताया गया है कि पंडित विजय शंकर मेहता ने सासू मां के विषय पर एक जोरदार विश्लेषण प्रस्तुत किया है। इस विश्लेषण को पारिवारिक और सामाजिक पहलुओं पर आधारित एक लाजवाब प्रस्तुति के रूप में सराहा गया है।1
- मंदसौर जिले के नारायणगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे दो अंतर्राज्यीय डोडाचूरा तस्करों को गिरफ्तार किया है। दिनांक 27.05.2026 को हुई इस घटना में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 252 किलोग्राम डोडाचूरा, एक देशी पिस्टल और एक हुण्डई क्रेटा कार समेत अन्य सामान जब्त किया, जिनकी कुल कीमत 20 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान निवासी राजूराम विश्नोई (31) और सुरज विश्नोई (19) के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक मंदसौर श्री विनोद कुमार मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री तेर सिंह बघेल और मल्हारगढ़ की प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती कीर्ति बघेल के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरी राजेन्द्र कुमार पवार के कुशल नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। दिनांक 27 मई 2026 को सउनि बाबूलाल डामोर अपनी टीम के साथ बरखेडा विरपुरिया फंटा सगस बावजी मंदिर के पास नारायणगढ पिपलिया मंडी रोड पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पिपलिया मंडी की ओर से आ रही एक क्रेटा कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन को तेज गति और लापरवाही से चलाते हुए यात्री प्रतिक्षालय की दीवार से टकरा दिया, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई। गाड़ी में सवार दोनों लोग तुरंत उतरकर भागने लगे। भागते समय उनमें से एक आरोपी ने पुलिस बल पर जान से मारने की नियत से चार फायर किए। इसके बाद पुलिस बल ने आरोपियों का पीछा कर घेराबंदी की और राजूराम पिता प्रभुराम विश्नोई, निवासी ग्राम बडा बाडवी, थाना बागोडा, जिला जालोर, राजस्थान, तथा सुरज पिता मंगलाराम विश्नोई, निवासी ग्राम सेवडा, थाना चितलवाना, जिला सांचोर, राजस्थान को पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे वाली हुण्डई क्रेटा कार क्रमांक MP 04 KR 1543 से 12 प्लास्टिक के कट्टों में भरा कुल 252 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा जिसकी कीमत 5,10,000 रुपये है, और आरोपी सुरज के कब्जे से एक देशी पिस्टल मय एक जिन्दा राउण्ड के विधिवत जब्त किया गया। जब्त किए गए अन्य सामान में क्रेटा कार (₹15,00,000), एक ओप्पो मोबाइल (₹12,000), एक विवो मोबाइल (₹15,000), एक देशी पिस्टल मय एक जिन्दा व एक खाली कारतूस (₹11,000), तीन अलग-अलग नंबर की छह वाहन प्लेटें (₹500), और एक जिओ डोंगल (₹3,000) शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना नारायणगढ पर अपराध क्रमांक 149/26 धारा 8/15,29 एनडीपीएस एक्ट, 25,27 आर्म्स एक्ट और 281,109 (1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों से अवैध डोडाचूरा के स्रोत के संबंध में पूछताछ जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नारायणगढ और उनकी पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।1