मध्य प्रदेश के बीना में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से मैदानी अमले के लिए एक दिवसीय स्वास्थ्य उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चंद्रशेखर वार्ड स्थित एक निजी होटल में हुए इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, बीएमओ, सीएचओ, एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की उचित देखभाल सुनिश्चित करना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं कलेक्टर प्रतिभा पाल ने क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर की स्थिति पर चिंता जाहिर की और इसकी तुलना केरल से की। उन्होंने सवाल उठाया कि हमारे क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर अधिक क्यों है, जबकि केरल में हर गर्भवती की चार बार जांच, संस्थागत प्रसव और जन्म के बाद फॉलोअप सुनिश्चित कर बेहतरीन काम किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर रेफर किया जाए और जन्म के 48 घंटे के भीतर नवजात की होम विजिट सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अगले तीन महीनों में बीना ब्लॉक में शिशु मृत्यु दर को 20 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा, जिसकी समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया और बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को केवल कागजी रिपोर्ट बनाने के बजाय फील्ड में जाकर सक्रियता से काम करने की हिदायत दी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जांच और प्रसव में देरी के कारण ही अधिकांश मौतें होती हैं। बीना क्षेत्र में संस्थागत प्रसव बढ़े जरूर हैं, लेकिन घरेलू प्रसव के मामले अब भी सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. अचला जैन, डॉ. आशीष जैन, बृजेश तिवारी, जॉली साबू, मीरा, एसडीएम रवीश श्रीवास्तव और तहसीलदार अंबर पंथी सहित कई विशेषज्ञों ने खतरे के संकेतों की पहचान, सुरक्षित प्रसव, स्तनपान, टीकाकरण और कुपोषण की रोकथाम जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने पूरी निष्ठा से काम करने की शपथ ली।
मध्य प्रदेश के बीना में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से मैदानी अमले के लिए एक दिवसीय स्वास्थ्य उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चंद्रशेखर वार्ड स्थित एक निजी होटल में हुए इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, बीएमओ, सीएचओ, एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की उचित देखभाल सुनिश्चित करना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना था। कार्यक्रम में मुख्य
अतिथि के रूप में पहुंचीं कलेक्टर प्रतिभा पाल ने क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर की स्थिति पर चिंता जाहिर की और इसकी तुलना केरल से की। उन्होंने सवाल उठाया कि हमारे क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर अधिक क्यों है, जबकि केरल में हर गर्भवती की चार बार जांच, संस्थागत प्रसव और जन्म के बाद फॉलोअप सुनिश्चित कर बेहतरीन काम किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर रेफर किया जाए और जन्म के 48 घंटे
के भीतर नवजात की होम विजिट सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अगले तीन महीनों में बीना ब्लॉक में शिशु मृत्यु दर को 20 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा, जिसकी समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया और बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को केवल कागजी रिपोर्ट बनाने के बजाय फील्ड में जाकर सक्रियता से काम करने की हिदायत दी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जांच और प्रसव
में देरी के कारण ही अधिकांश मौतें होती हैं। बीना क्षेत्र में संस्थागत प्रसव बढ़े जरूर हैं, लेकिन घरेलू प्रसव के मामले अब भी सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. अचला जैन, डॉ. आशीष जैन, बृजेश तिवारी, जॉली साबू, मीरा, एसडीएम रवीश श्रीवास्तव और तहसीलदार अंबर पंथी सहित कई विशेषज्ञों ने खतरे के संकेतों की पहचान, सुरक्षित प्रसव, स्तनपान, टीकाकरण और कुपोषण की रोकथाम जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने पूरी निष्ठा से काम करने की शपथ ली।
- मध्य प्रदेश में सुमन पंचायत के अंतर्गत मैदानी अमले के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम मैदानी अमले को मातृ और शिशु स्वास्थ्य के संबंध में प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रित है।1
- विदिशा के सिरोंज में शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की भर्ती और उनके दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया सतत रूप से जारी है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए तीन अलग-अलग स्तरों पर वेरिफिकेशन केंद्र तैयार किए गए हैं, जिनमें पहला केंद्र जिला शिक्षा अधिकारी (वीडियो स्तर) का है, दूसरा केंद्र सहायक संचालक शिक्षा विभाग के माध्यम से है और तीसरा केंद्र प्राचार्य स्तर पर बनाया गया है। आवेदक अपने वेरिफिकेशन के लिए इन तीनों केंद्रों में से जहां भी ऑनलाइन आवेदन करेंगे, उन्हें वहां पहुंचकर अपने दस्तावेजों की जांच करानी होगी। इस संबंध में प्रभारी बीईओ लीना जैन ने जानकारी दी है।4
- ललितपुर जिले के थाना बार क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गदयाना में आए शिवपुरी जिले के ग्राम मादोन निवासी राज यादव के साथ मारपीट और ₹10,000 की लूट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित राज यादव का आरोप है कि जब वह ग्राम गदयाना में थे, तभी ग्राम टोडी निवासी दुरक सिंह यादव, मोहित (पुत्र दुरक सिंह), संजीव (पुत्र दुरक सिंह), रणवीर यादव, हल्के अहिरवार और करीब 14 अज्ञात लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उनके ₹10,000 लूटकर फरार हो गए। इस वारदात के बाद पीड़ित के लिए न्याय की मांग उठाई जा रही है और ललितपुर पुलिस प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से निष्पक्ष व शीघ्र जांच करने की मांग की गई है। मांग की जा रही है कि न्याय और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए यदि जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।1
- मध्य प्रदेश पुलिस में डिजिटल बदलाव होने जा रहा है। इस नए बदलाव के तहत अब पुलिसकर्मियों को मोबाइल ऐप के जरिए छुट्टियां मिल सकेंगी।1
- ललितपुर में गंधार सिंह लोधी बाबूजी ने स्वर्गीय राजाराम गोस्वामी जी के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। इस दुखद घटना के संदर्भ में गंधार सिंह लोधी बाबूजी ने प्रशासन से न्याय की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में शामिल दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पूरी तरह से प्रशासन की जिम्मेदारी है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही चाहिए।1
- ललितपुर में पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन में न्यायालय में वांछित चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जनपद ललितपुर पुलिस ने कुल 57 वांछित वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया है। इस बड़ी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने साझा की है। अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह के अनुसार, जनपद के विभिन्न थानों द्वारा कार्रवाई कर वांछित आरोपियों को पकड़ा गया है। इसमें कोतवाली ललितपुर पुलिस द्वारा 12 और कोतवाली तालबेहट पुलिस द्वारा 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, थाना जखोरा पुलिस द्वारा 8, थाना मड़ावरा पुलिस द्वारा 4, थाना नाराहट पुलिस द्वारा 4, थाना जाखलौन पुलिस द्वारा 3, थाना पुराकलां पुलिस द्वारा 3, थाना बानपुर पुलिस द्वारा 3, महरौनी कोतवाली पुलिस द्वारा 3, थाना पाली पुलिस द्वारा 2, थाना बार पुलिस द्वारा 2 और थाना गिरार पुलिस द्वारा 1 वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय में पेश किया गया है।1
- विदिशा के नटेरन तहसील की ग्राम पंचायत घोघरा के सचिव राम सिंह की दो दिन पहले सड़क हादसे में हुई मौत पर शोक व्यक्त करने के साथ ही तीखा विरोध जताया गया है। इस घटना को लेकर सरपंच संघ, सचिव संघ और रोजगार सहायक (जीआरएस) संघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एक लिखित ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच की मांग की है। ज्ञापन के जरिए संघों ने अधिकारियों पर सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था को लेकर अत्यधिक दबाव बनाए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मृत सचिव राम सिंह के परिजनों को आर्थिक मदद देने और अत्यधिक मानसिक दबाव बनाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।4
- शिवपुरी जिले के ग्राम मादोन निवासी राज यादव ने आरोप लगाया है कि जब वह ग्राम गदयाना आए हुए थे, तभी ग्राम टोडी निवासी दुरक सिंह यादव, उनके पुत्रों मोहित व संजीव, रणवीर यादव, हल्के अहिरवार और लगभग 14 अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की और ₹10,000 लूटकर फरार हो गए। यह पूरा मामला थाना बार क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना के बाद पीड़ित के लिए न्याय की मांग की जा रही है। ललितपुर पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि इस प्रकरण की गंभीरता से निष्पक्ष व शीघ्र जांच कराई जाए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह न्याय और कानून व्यवस्था बनाए रखे, इसलिए आरोप सत्य पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- ललितपुर के कोतवाली सदर क्षेत्र में एक युवक को पहले मोटरसाइकिल से टक्कर मारी गई और फिर इसका विरोध करने पर आरोपियों ने मिलकर उसकी लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी। यह पूरी घटना 17 जुलाई की शाम 7:45 बजे नृसिंह मंदिर तालाबपुरा के सामने वाली गली में हुई। ग्राम कुम्हैड़ी निवासी पीड़ित प्रदीप कुमार (पुत्र बृजकिशोर) ने बताया कि वह उस समय इस गली से गुजर रहा था। प्रदीप के अनुसार, तालाबपुरा निवासी श्रेयांश कुशवाहा, सक्षम कुशवाहा, अन्नू, केशव कुशवाहा और पीयूष ने मिलकर उसकी मोटरसाइकिल में टक्कर मारी और विरोध करने पर लात-घूंसों व डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में प्रदीप के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गई है। कोतवाली पुलिस ने रविवार रात पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कोतवाली सदर प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।2