रक्षाबंधन पर्व पर रियां बड़ी के स्थानीय वैदिक पण्डित जी के अनुसार शुभ समय रियां बड़ी उपखंड मुख्यालय पर राखी बाँधने का समय आदि का चिन्तन ॥ भाई-बहन के स्नेह, प्रेम, समर्पण और संकल्प का पावन पर्व ही रक्षाबंधन है। रक्षाबंधन मनाने के पीछे एक दृष्टि यह भी है, कि हमारे मन में प्रत्येक परस्त्री के प्रति मातृभाव उत्पन्न हो। हमारी सनातन परंपरा में किसी भी परस्त्री को माँ और बहन की दृष्टि से अथवा मातृवत देखने का ही विधान है। रक्षा सूत्र बंधन जैसा पर्व प्रत्येक वर्ष इसलिए भी मनाया जाता है ताकि हमारी वासनामय दृष्टि उपासनामय बन सके। हम अपनी बहनों को तो रक्षा का वचन दें ही दें, साथ में उन्हें यह वचन भी अवश्य दें कि आज से कोई भी अकेली स्त्री मेरी दृष्टि में एक अवसर नहीं अपितु एक जिम्मेदारी होगी। आज के दिन हम सभी को यह बात अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए कि "मैं केवल अपनी बहन की रक्षा का ही संकल्प नहीं लेता हूँ अपितु समाज और राष्ट्र की समस्त बहनों के आत्मसम्मान, शील और अस्मिता की रक्षा का भी संकल्प लेता हूँ।" यथार्थ में दृष्टि को परिमार्जित और व्यापक करते हुए हमारे मन-मष्तिष्क में समाज में परस्पर भाई-बहन का भाव ही दृढ़ता से समाहित हो सके, यही इस पावन पर्व का प्रमुख उद्देश्य भी है। ------------------ *सूण मांडना* :- गुरुवार, 27 अगस्त 2026 काे भद्रा प्रातः 09ः09 के बाद भद्रा है, अतः *प्रातः 06ः08 से प्रातः 09ः08 के मध्य सूण मांड सकते है।* ------------------ *सूण जिमाना* - शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 काे भद्रा नहीं है, *अत: पूरा दिन शुद्ध है।* ------------------ रक्षाबन्धन पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा काे भद्रा रहित तीन मुहूर्त्त या उससे अधिक व्यापिनी पूर्णिमा काे अपराह्न काल व प्रदाेष काल में मनाया जाता है। यथा - पूर्णिमायां भद्रारहितायां त्रिमुहूर्त्ताधिकाेदय व्यापिन्यामपराह्णे प्रदाेषे वा कार्यम् - धर्मसिन्धु। *श्रावण शुक्ल पूर्णिमा, 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) काे रक्षाबन्धन है। इस दिन पूर्णिमा तिथि प्रातः 09:48 तक है।* ------------------* जयपुर हेतु हेतु शुभ समय :- ------------------ इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया नहीं हाेगा। रक्षासूत्र (राखी) बाँधने हेतु *चर-लाभ-अमृत* का चाैघड़िया प्रात: 06:08 से प्रातः 10:53 तक, *शुभ* का चाैघड़िया दाेपहर 12:28 से दाेपहर 02:03 तक, अपराह्न दाेपहर 01:44 से सायं 04:16 *चर* का चाैघड़िया सायं 05:13 से सायं 06:48 तक रहेगा एवं *अभिजित* दाेपहर 12:04 से दाेपहर 12:53 तक है। ------------------ रक्षाबंधन हेतु शुभ समय:- ------------------ रक्षासूत्र (राखी) बाँधने हेतु *चर-लाभ-अमृत का चाैघड़िया* प्रात: 06:19 से प्रातः 11:02 तक, *शुभ* का चाैघड़िया दाेपहर 12:38 से दाेपहर 02:11 तक, *अपराह्न* दाेपहर 01:53 से सायं 04:25, *चर* का चाैघड़िया सायं 05:20 से सायं 06:55 तक रहेगा एवं *अभिजित* दाेपहर 12:11 से दाेपहर 01:02 तक है।
रक्षाबंधन पर्व पर रियां बड़ी के स्थानीय वैदिक पण्डित जी के अनुसार शुभ समय रियां बड़ी उपखंड मुख्यालय पर राखी बाँधने का समय आदि का चिन्तन ॥ भाई-बहन के स्नेह, प्रेम, समर्पण और संकल्प का पावन पर्व ही रक्षाबंधन है। रक्षाबंधन मनाने के पीछे एक दृष्टि यह भी है, कि हमारे मन में प्रत्येक परस्त्री के प्रति मातृभाव उत्पन्न हो। हमारी सनातन परंपरा में किसी भी परस्त्री को माँ और बहन की दृष्टि से अथवा मातृवत देखने का ही विधान है। रक्षा सूत्र बंधन जैसा पर्व प्रत्येक वर्ष इसलिए भी मनाया जाता है ताकि हमारी वासनामय दृष्टि उपासनामय बन सके। हम अपनी बहनों को तो रक्षा का वचन दें ही दें, साथ में उन्हें यह वचन भी अवश्य दें कि आज से कोई भी अकेली स्त्री मेरी दृष्टि में एक अवसर नहीं अपितु एक जिम्मेदारी होगी। आज के दिन हम सभी को यह बात अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए कि "मैं केवल अपनी बहन की रक्षा का ही संकल्प नहीं लेता हूँ अपितु समाज और राष्ट्र की समस्त बहनों के आत्मसम्मान, शील और अस्मिता की रक्षा का भी संकल्प लेता हूँ।" यथार्थ में दृष्टि को परिमार्जित और व्यापक करते हुए हमारे मन-मष्तिष्क में समाज में परस्पर भाई-बहन का भाव ही दृढ़ता से समाहित हो सके, यही इस पावन पर्व का प्रमुख उद्देश्य भी है। ------------------ *सूण मांडना* :- गुरुवार, 27 अगस्त 2026 काे भद्रा प्रातः 09ः09 के बाद भद्रा है, अतः *प्रातः 06ः08 से प्रातः 09ः08 के मध्य सूण मांड सकते है।* ------------------ *सूण जिमाना* - शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 काे भद्रा नहीं है, *अत: पूरा दिन शुद्ध है।* ------------------ रक्षाबन्धन पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा काे भद्रा रहित तीन मुहूर्त्त या उससे अधिक व्यापिनी पूर्णिमा काे अपराह्न काल व प्रदाेष काल में मनाया जाता है। यथा - पूर्णिमायां भद्रारहितायां त्रिमुहूर्त्ताधिकाेदय व्यापिन्यामपराह्णे प्रदाेषे वा कार्यम् - धर्मसिन्धु। *श्रावण शुक्ल पूर्णिमा, 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) काे रक्षाबन्धन है। इस दिन पूर्णिमा तिथि प्रातः 09:48 तक है।* ------------------* जयपुर हेतु हेतु शुभ समय :- ------------------ इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया नहीं हाेगा। रक्षासूत्र (राखी) बाँधने हेतु *चर-लाभ-अमृत* का चाैघड़िया प्रात: 06:08 से प्रातः 10:53 तक, *शुभ* का चाैघड़िया दाेपहर 12:28 से दाेपहर 02:03 तक, अपराह्न दाेपहर 01:44 से सायं 04:16 *चर* का चाैघड़िया सायं 05:13 से सायं 06:48 तक रहेगा एवं *अभिजित* दाेपहर 12:04 से दाेपहर 12:53 तक है। ------------------ रक्षाबंधन हेतु शुभ समय:- ------------------ रक्षासूत्र (राखी) बाँधने हेतु *चर-लाभ-अमृत का चाैघड़िया* प्रात: 06:19 से प्रातः 11:02 तक, *शुभ* का चाैघड़िया दाेपहर 12:38 से दाेपहर 02:11 तक, *अपराह्न* दाेपहर 01:53 से सायं 04:25, *चर* का चाैघड़िया सायं 05:20 से सायं 06:55 तक रहेगा एवं *अभिजित* दाेपहर 12:11 से दाेपहर 01:02 तक है।
- लूंगिया गांव में स्व. आशुतोष जाड़ावत कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचक मुकाबले दिखाए। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के दमदार रेड, मजबूत डिफेंस और जीत के लिए आखिरी क्षण तक के संघर्ष ने मुकाबलों को बेहद दिलचस्प बना दिया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खेलप्रेमी प्रतियोगिता देखने पहुंचे। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला लिलिया और सूरजगढ़ के बीच खेला गया। इसमें लिलिया की टीम ने सूरजगढ़ को 37-31 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। कई बार अंकों का अंतर बेहद कम रहा, लेकिन अंतिम चरण में लिलिया के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर मुकाबला अपने नाम किया। दूसरा मुकाबला लूंगिया और बीजाथल के बीच हुआ, जो आखिरी क्षण तक रोमांचक रहा। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। शानदार रेड और मजबूत डिफेंस के कारण मुकाबला लगातार बराबरी पर रहा। अंततः लूंगिया ने बेहतर रणनीति और दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बीजाथल को 38-35 से पराजित कर जीत हासिल की। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। मैच देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी पहुंचे। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, जिससे मैदान का माहौल खेलमय हो गया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में मुकेश कापड़ी, राकेश कापड़ी, नरेंद्र लामरोड़, नरेंद्र सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रामलाल लामरोड़, चेना राम पंडार, कुदीप सिंह, वंश, प्रदीप सिंह, पुखराज मेघवाल और अविनाश बोरानिया सहित कई अन्य ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन खिलाड़ियों के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को भी अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। लूंगिया गांव में स्व. आशुतोष जाड़ावत कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचक मुकाबले दिखाए। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के दमदार रेड, मजबूत डिफेंस और जीत के लिए आखिरी क्षण तक के संघर्ष ने मुकाबलों को बेहद दिलचस्प बना दिया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खेलप्रेमी प्रतियोगिता देखने पहुंचे। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला लिलिया और सूरजगढ़ के बीच खेला गया। इसमें लिलिया की टीम ने सूरजगढ़ को 37-31 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। कई बार अंकों का अंतर बेहद कम रहा, लेकिन अंतिम चरण में लिलिया के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर मुकाबला अपने नाम किया। दूसरा मुकाबला लूंगिया और बीजाथल के बीच हुआ, जो आखिरी क्षण तक रोमांचक रहा। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। शानदार रेड और मजबूत डिफेंस के कारण मुकाबला लगातार बराबरी पर रहा। अंततः लूंगिया ने बेहतर रणनीति और दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बीजाथल को 38-35 से पराजित कर जीत हासिल की। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। मैच देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी पहुंचे। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, जिससे मैदान का माहौल खेलमय हो गया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में मुकेश कापड़ी, राकेश कापड़ी, नरेंद्र लामरोड़, नरेंद्र सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रामलाल लामरोड़, चेना राम पंडार, कुदीप सिंह, वंश, प्रदीप सिंह, पुखराज मेघवाल और अविनाश बोरानिया सहित कई अन्य ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन खिलाड़ियों के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को भी अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहा है।1
- खरवा के पास नाड़ी में डूबा युवक, ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला शव... खरवा क्षेत्र के पास स्थित केसरपुरा-जसवंतपुरा नाड़ी में एक युवक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर त्वरित प्रयास शुरू करते हुए पानी में डूबे युवक का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया,हादसे की सूचना पर बिना प्रशासनिक रेस्क्यू टीम का इंतजार किए, स्थानीय ग्रामीणों और तैराकों ने नाड़ी में उतरकर युवक की तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद युवक को ढूंढ निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। शव के बाहर आते ही मृतक के परिजनों और पूरे गांव में कोहराम मच गया।1
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer जेल में बहनों ने भाई की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र Dainik News AJMER1
- मनोहर थाना में रोड पर आ गया कोबरा सांप लोगों ने मिलकर एक तरफ किया1
- स्नेह के धागे, खिली मुस्कानें और असीम आत्मीयता! आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ बच्चों के रक्षाबंधन के अवसर पर अविस्मरणीय क्षण1
- गुंदोलाव झील में युवक के गिरने की सूचना से मचा हड़कंप, तलाश जारी1
- रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज महिला ने भाई की कलाई पर रक्षक सूत्र बांधने के लिए अजमेर के केंद्रीय कारागार पहुंचे जहां भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए वचन लिया1
- रियान बड़ी। नगर पालिका क्षेत्र के रोहिसी रोड पर नई पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए जल विभाग द्वारा खोदी गई गहरी खाइयां अब हादसों का कारण बन रही हैं। सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इससे रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिन के उजाले में तो वाहन चालक इन गड्ढों को देखकर बच निकलते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में ये खाइयां दिखाई नहीं देतीं, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। खासकर बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के गड्ढों में गिरने का डर है। लोगों ने जल विभाग और नगर पालिका प्रशासन से इन गड्ढों के आसपास तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह नगर पालिका क्षेत्र में इस तरह का पहला मामला नहीं है। शहर की कई गलियों और मोहल्लों में पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी कई जगहों पर सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। इससे आम लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का मत है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, परंतु इन कार्यों के दौरान आमजन की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। गहरी खाइयों के चारों ओर बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए, ताकि रात में भी वाहन चालकों को दूर से ही खतरे का आभास हो सके। स्थानीय लोग अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। रियान बड़ी। नगर पालिका क्षेत्र के रोहिसी रोड पर नई पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए जल विभाग द्वारा खोदी गई गहरी खाइयां अब हादसों का कारण बन रही हैं। सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इससे रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिन के उजाले में तो वाहन चालक इन गड्ढों को देखकर बच निकलते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में ये खाइयां दिखाई नहीं देतीं, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। खासकर बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के गड्ढों में गिरने का डर है। लोगों ने जल विभाग और नगर पालिका प्रशासन से इन गड्ढों के आसपास तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह नगर पालिका क्षेत्र में इस तरह का पहला मामला नहीं है। शहर की कई गलियों और मोहल्लों में पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी कई जगहों पर सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। इससे आम लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का मत है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, परंतु इन कार्यों के दौरान आमजन की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। गहरी खाइयों के चारों ओर बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए, ताकि रात में भी वाहन चालकों को दूर से ही खतरे का आभास हो सके। स्थानीय लोग अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1