लखनऊ में तैनात IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया जा रहा था और प्रशासन में समानांतर व्यवस्था चल रही है। उन्होंने इसे नैतिक निर्णय बताया। सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह को करीब आठ महीने पहले शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद में भेजा गया था, जहां उन्हें कोई फील्ड पोस्टिंग नहीं मिली। इससे पहले वे पुवायां तहसील में एसडीएम पद पर तैनात थे। एक विवादित मामले में मुंशी से उठक-बैठक कराने का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें हटाया गया था। 42 वर्षीय रिंकू सिंह राही 2022 बैच के IAS अधिकारी हैं। इससे पहले वे 2004 में पीसीएस परीक्षा पास कर 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी बने थे। मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने छात्रवृत्ति और पेंशन घोटाले का खुलासा किया था। 2009 में भ्रष्टाचार उजागर करने के कारण उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन्हें सात गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष जारी रखा और बाद में प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बनाई।
लखनऊ में तैनात IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया जा रहा था और प्रशासन में समानांतर व्यवस्था चल रही है। उन्होंने इसे नैतिक निर्णय बताया। सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह को करीब आठ महीने पहले शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद में भेजा गया था, जहां उन्हें कोई फील्ड पोस्टिंग नहीं मिली। इससे पहले वे पुवायां तहसील में एसडीएम पद पर तैनात थे। एक विवादित मामले में मुंशी से उठक-बैठक कराने का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें हटाया गया था। 42 वर्षीय रिंकू सिंह राही 2022 बैच के IAS अधिकारी हैं। इससे पहले वे 2004 में पीसीएस परीक्षा पास कर 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी बने थे। मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने छात्रवृत्ति और पेंशन घोटाले का खुलासा किया था। 2009 में भ्रष्टाचार उजागर करने के कारण उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन्हें सात गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष जारी रखा और बाद में प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बनाई।