राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), नई दिल्ली द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 प्रवेश परीक्षा के सफल, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन के लिए अम्बिकापुर जिले में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 20 जून 2026 को जिले के सभी 13 परीक्षा केन्द्रों पर एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा और परीक्षा संचालन संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। इस परीक्षा में कुल 5,212 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे और इसका आयोजन दोपहर 2:00 बजे से सायं 5:15 बजे तक किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान, सिटी कोऑर्डिनेटर, जिला प्रेक्षक और सेक्टर मजिस्ट्रेट ने सभी परीक्षा केन्द्रों की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान प्रत्येक केन्द्र पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और बायोमेट्रिक उपकरणों की स्थापना और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों की सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) के लिए पुरुषों और महिला अभ्यर्थियों हेतु अलग-अलग व्यवस्था की गई, जिसमें महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा की जानी थी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्षों के भीतर दस्तावेज सत्यापन डेस्क, बैठक व्यवस्था का प्रदर्शन, रोल नंबर स्टिकर लगाने, जनरेटर या डीजी सेट की उपलब्धता, सुरक्षा बलों की तैनाती, पर्यवेक्षकों का उन्मुखीकरण, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं; परीक्षा दिवस पर प्रश्नपत्रों के ट्रंक बैंक से परीक्षा केन्द्रों तक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की उपस्थिति में शासकीय वाहन से पहुंचाए जाएंगे। प्रश्नपत्रों के दो सेट दो अलग-अलग बैंकों में सुरक्षित रखे गए हैं, जिनमें से केवल एक बैंक से संबंधित ट्रंक को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की अनुमति के बाद ही परीक्षा केन्द्रों तक ले जाया जाएगा। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्रों पर समय पर पहुंचना अनिवार्य होगा। केन्द्रों के द्वार प्रातः 11:00 बजे से खुल जाएंगे और फ्रिस्किंग प्रक्रिया शुरू होगी। धार्मिक अथवा पारंपरिक परिधान जैसे हिजाब, पगड़ी या कृपाण धारण करने वाले अभ्यर्थियों को दोपहर 12:30 बजे तक परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को दोपहर 1:15 बजे तक अपनी निर्धारित सीटों पर बैठना शुरू करना होगा, क्योंकि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी स्थिति में परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रश्न पुस्तिका का वितरण दोपहर 1:45 बजे होगा और परीक्षा औपचारिक रूप से दोपहर 2:00 बजे शुरू होगी। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले वस्त्र पहनकर आने की अनुमति होगी, जबकि काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी और गहरे चॉकलेटी रंग के वस्त्र पहनना प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिधान धारण करने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। परीक्षा केन्द्र में केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति है, तथा किसी भी प्रकार के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी और अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा कक्ष में ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी नवीन प्रवेश पत्र की स्पष्ट रंगीन प्रति, एक अतिरिक्त पासपोर्ट आकार का फोटो, 4x6 इंच का पोस्टकार्ड आकार का फोटो और आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी अथवा ड्राइविंग लाइसेंस जैसे मूल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) अभ्यर्थियों को आवश्यकतानुसार संबंधित प्रमाण-पत्र भी साथ रखना होगा। सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा केन्द्र पहुंचने, जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा विलंब से बचने की अपील की गई है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), नई दिल्ली द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 प्रवेश परीक्षा के सफल, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन के लिए अम्बिकापुर जिले में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 20 जून 2026 को जिले के सभी 13 परीक्षा केन्द्रों पर एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा और परीक्षा संचालन संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। इस परीक्षा में कुल 5,212 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे और इसका आयोजन दोपहर 2:00 बजे से सायं 5:15 बजे तक किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान, सिटी कोऑर्डिनेटर, जिला प्रेक्षक और सेक्टर मजिस्ट्रेट ने सभी परीक्षा केन्द्रों की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान प्रत्येक केन्द्र पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और बायोमेट्रिक उपकरणों की स्थापना और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों की सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) के लिए पुरुषों और महिला अभ्यर्थियों हेतु अलग-अलग व्यवस्था की गई, जिसमें महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा की जानी थी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्षों के भीतर दस्तावेज सत्यापन डेस्क, बैठक व्यवस्था का प्रदर्शन, रोल नंबर स्टिकर लगाने, जनरेटर या डीजी सेट की उपलब्धता, सुरक्षा बलों की तैनाती, पर्यवेक्षकों का उन्मुखीकरण, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ
दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं; परीक्षा दिवस पर प्रश्नपत्रों के ट्रंक बैंक से परीक्षा केन्द्रों तक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की उपस्थिति में शासकीय वाहन से पहुंचाए जाएंगे। प्रश्नपत्रों के दो सेट दो अलग-अलग बैंकों में सुरक्षित रखे गए हैं, जिनमें से केवल एक बैंक से संबंधित ट्रंक को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की अनुमति के बाद ही परीक्षा केन्द्रों तक ले जाया जाएगा। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्रों पर समय पर पहुंचना अनिवार्य होगा। केन्द्रों के द्वार प्रातः 11:00 बजे से खुल जाएंगे और फ्रिस्किंग प्रक्रिया शुरू होगी। धार्मिक अथवा पारंपरिक परिधान जैसे हिजाब, पगड़ी या कृपाण धारण करने वाले अभ्यर्थियों को दोपहर 12:30 बजे तक परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को दोपहर 1:15 बजे तक अपनी निर्धारित सीटों पर बैठना शुरू करना होगा, क्योंकि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी स्थिति में परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रश्न पुस्तिका का वितरण दोपहर 1:45 बजे
होगा और परीक्षा औपचारिक रूप से दोपहर 2:00 बजे शुरू होगी। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले वस्त्र पहनकर आने की अनुमति होगी, जबकि काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी और गहरे चॉकलेटी रंग के वस्त्र पहनना प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिधान धारण करने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। परीक्षा केन्द्र में केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति है, तथा किसी भी प्रकार के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी और अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा कक्ष में ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी नवीन प्रवेश पत्र की स्पष्ट रंगीन प्रति, एक अतिरिक्त पासपोर्ट आकार का फोटो, 4x6 इंच का पोस्टकार्ड आकार का फोटो और आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी अथवा ड्राइविंग लाइसेंस जैसे मूल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) अभ्यर्थियों को आवश्यकतानुसार संबंधित प्रमाण-पत्र भी साथ रखना होगा। सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा केन्द्र पहुंचने, जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा विलंब से बचने की अपील की गई है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और केंद्र सरकार की पूरी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को नई पहचान दी है, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिली हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, उन्होंने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति द्वारा पैदा किए गए नए अवसरों का जिक्र किया और उनसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य दोहराया, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने दो दिवसीय प्रवास पर अंबिकापुर पहुँच गए हैं। वे आज रात सर्किट हाउस में विश्राम करेंगे, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और शहर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री कल, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। सुबह 6 बजे शुरू होने वाले इस सामूहिक योग कार्यक्रम में वे स्वयं भी योगाभ्यास करेंगे और आम नागरिकों के साथ योग करेंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए पीजी कॉलेज ग्राउंड में सभी व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक हिस्सा लेंगे, जिसके लिए स्थल पर सभी आवश्यक सुविधाएं और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।1
- अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में 21 जून को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुबह 6 बजे से राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामय आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथियों में लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक राम कुमार टोप्पो, गृह निर्माण मण्डल अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अध्यक्ष राम किशुन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, अंबिकापुर नगर पालिका महापौर मंजूषा भगत और नगर पालिका निगम सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी भी उपस्थित रहेंगे। जिला आयुष विभाग के अनुसार, इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” निर्धारित की गई है, और यह आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगा। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। कार्यक्रम के दौरान कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा और प्रतिभागियों को योग के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी भी दी जाएगी। छत्तीसगढ़ योग आयोग के नामित योग प्रशिक्षक छविराम साहू एवं न्योति साहू प्रतिभागियों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। कलेक्टर अजीत बसंत ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा है कि योग स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन का आधार है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. शशिबाला जायसवाल ने सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं से ‘योग संगम पोर्टल-2026’ पर पंजीयन कराने और कार्यक्रम से संबंधित जानकारी, छायाचित्र एवं वीडियो पोर्टल पर अपलोड करने का आग्रह किया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से समय पर उपस्थित होकर योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहभागी बनने का अनुरोध किया है।1
- सरगुजा संभाग का शांतिपूर्ण दरिमा इलाका अब भ्रष्ट सिस्टम और शराब माफियाओं के खिलाफ एक सुलगता हुआ रणक्षेत्र बन गया है। स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आंदोलन दरिमा में संचालित सरकारी शराब दुकान को बंद कराने या अन्यत्र शिफ्ट कराने की मांग को लेकर अपने चरम पर है। अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS) इस पूरे मामले की ग्राउंड रिपोर्ट पेश करते हुए प्रशासन के 'दोगलेपन' का पर्दाफाश कर रहा है, जिसके चलते कमीशन के लिए पूरे इलाके को नरक में धकेला जा रहा है। यह शराब दुकान अब सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि अपराध, घरेलू हिंसा और परिवारों की बर्बादी का 'कमांड सेंटर' बन चुकी है। दिन भर की हाड़-तोड़ मेहनत के बाद मज़दूर जो पैसा कमाते हैं, वह शाम को इस ठेके की भेंट चढ़ जाता है, जिससे घरों में चूल्हे बुझ रहे हैं और शराब पीकर महिलाओं के साथ मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। इसके साथ ही, स्कूल और कॉलेज जाने वाले युवाओं को नशे की इस भट्ठी में झोंका जा रहा है, और शाम ढलते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाने से आम लोगों, खासकर लड़कियों का वहां से गुजरना दुश्वार हो गया है। नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर, स्कूल और रिहायशी इलाकों के तय मानकों को ताक पर रखकर यह दुकान प्रशासन के 'संरक्षण' में धड़ल्ले से चलाई जा रही है। ग्रामीण पिछले कई महीनों से लगातार ज्ञापन दे रहे हैं, कलेक्टर ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं और स्थानीय नेताओं के सामने गुहार लगा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और आबकारी विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। साफ तौर पर दिख रहा है कि इस शराब दुकान से होने वाली काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा सीधे ऊपर बैठे सफेदपोश नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों की जेबों में जा रहा है, क्योंकि उनकी प्राथमिकता 'कमीशन' चालू रखना है, जनता की समस्या नहीं। चुनाव के वक्त 'जनता के सेवक' बनने वाले स्थानीय नेता आज इस मुद्दे पर अपने बिलों में छिप गए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि शराब माफियाओं के खिलाफ बोलने से उनकी राजनीतिक फंडिंग बंद हो सकती है। ACCG NEWS इस आंदोलन का पूरा समर्थन करता है और प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम देता है कि दरिमा कोई लावारिस जगह नहीं है, और यहां की जनता को कुचलने की भूल सिस्टम न करे। प्रशासन के पास समय कम है: या तो इस शराब दुकान पर तुरंत ताला लगाया जाए या इसे किसी ऐसी वीरान जगह पर शिफ्ट किया जाए जहां आम जनता का जीवन प्रभावित न हो। यदि प्रशासन ने मांग अनसुनी की, तो ACCG NEWS पूरी प्रशासनिक मशीनरी को नंगा कर देगा और आबकारी विभाग के टेंडर से लेकर नेताओं के कमीशन तक की सारी फाइलें पब्लिक डोमेन में ला देगा। यह आंदोलन सिर्फ दरिमा तक सीमित नहीं रहेगा; ज़रूरत पड़ने पर संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर को जाम कर दिया जाएगा, और इसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरगुजा जिला प्रशासन और स्थानीय 'नमक हराम नेताओं' की होगी। अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज का कहना है कि जनता के मुद्दों को दबने नहीं दिया जाएगा। रिपोर्ट शुभम पाठक, चीफ एडिटर - अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज द्वारा दी गई है, और लोगों से अंबिकापुर एवं सरगुजा संभाग की सभी राजनीतिक हलचल, प्रदर्शन और कड़क खबरें सबसे पहले देखने तथा 'खबरें शेयर करके कमाई करने' के लिए शुरू ऐप (Shuru App) डाउनलोड करने की अपील की गई है।4
- रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र के सासाहोली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 10वीं कक्षा के दो छात्रों के बीच पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक 16 वर्षीय छात्र अमन यदु की मौत हो गई। दोनों छात्र सासाहोली के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में पढ़ते थे और पहले अच्छे दोस्त थे। जानकारी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान आरोपी छात्र ने अमन को "मोटा" कहकर चिढ़ाया, जिसके बाद उनके बीच मनमुटाव बढ़ा और धीरे-धीरे एक बड़े विवाद में बदल गया। शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी के बाद, दोनों छात्रों के बीच रास्ते में फिर कहासुनी और मारपीट हुई। आरोप है कि अमन अपने साथ सब्जी काटने वाला चाकू लेकर आया था और उसने पहले दूसरे छात्र पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद, आरोपी छात्र ने किसी तरह चाकू अमन से छीन लिया और पलटवार करते हुए उस पर हमला कर दिया। अमन के सीने और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा-नेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। पुलिस आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर दीपक पंडित ने बिहार पुलिस को एक बड़ा चैलेंज दिया है। इस चुनौती से संबंधित एक ऑडियो वायरल हो रहा है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि न तो चैनल करता है और न ही मैं इसकी पुष्टि करता हूँ।1
- जशपुर जिले के बंबा मझपरा में एक हाथी ने बीती रात एक घर को तोड़ दिया है। यह घटना 19 तारीख की रात में लगभग 10 बजे हुई, जब हाथी ने आकर घर को नुकसान पहुँचाया।2
- छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने अंबिकापुर पहुँचकर योग के संबंध में महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 21 जून को अब केवल 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' के रूप में नहीं, बल्कि 'योग संकल्प दिवस' के रूप में मनाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित करना है। इसी के तहत, उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि स्कूलों में योग को अनिवार्य किया जाएगा।1