कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने 'फिनो बैंक' के फर्जी खातों में किसानों की धनराशि उनकी जानकारी के बिना ट्रांसफर होने के गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने अपर कलेक्टर श्री दिनेश चंद्र शुक्ला को इस मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन की इसी त्वरित सक्रियता और सूझबूझ के चलते एक किसान की पूरी मेहनत की कमाई सुरक्षित बच पाई। साथ ही, बाकी के किसानों के खातों से भी पूरी धनराशि निकलने से रोका जा सका। फिनो पेमेंट बैंक फर्जीवाड़े से कुल आठ किसान प्रभावित हुए थे। इनमें कोलारस निवासी किसान नफे सिंह की पूरी ₹1,58,811 की धनराशि सुरक्षित बच गई। वहीं, अन्य सात किसानों के खातों पर तुरंत होल्ड लगने से आगे की राशि की निकासी रुक गई। इन सात किसानों में ग्राम सेवड़ा निवासी मुरारी लाल धाकड़ के कुल ₹2,83,221 में से ₹1,57,646, विवेकानंद शिवपुरी की सुशीला राजपूत के ₹2,25,748 में से ₹1,69,900, ग्राम चंदौरिया के पवन दांगी के ₹1,04,999 में से ₹56,999, ग्राम उमरीखुर्द की रानी तिवारी के ₹52,774 में से ₹28,874, ग्राम राजापुर निवासी अमरसिंह लोधी के ₹1,48,311 में से ₹1,08,311, ग्राम पीरोंठ की मुलाम बाई यादव के ₹1,27,311 में से ₹99,311, तथा ग्राम बंहटा निवासी किसान विश्व वीर सिंह जाट के खाते में जमा कुल ₹6,64,261 में से ₹6,45,761 की राशि सुरक्षित बच पाई है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने 'फिनो बैंक' के फर्जी खातों में किसानों की धनराशि उनकी जानकारी के बिना ट्रांसफर होने के गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने अपर कलेक्टर श्री दिनेश चंद्र शुक्ला को इस मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन की इसी त्वरित सक्रियता और सूझबूझ के चलते एक किसान की पूरी मेहनत की कमाई सुरक्षित बच पाई। साथ ही, बाकी के किसानों के खातों से भी पूरी धनराशि निकलने से रोका जा सका। फिनो पेमेंट बैंक फर्जीवाड़े से कुल आठ किसान प्रभावित हुए थे। इनमें कोलारस निवासी किसान नफे सिंह की पूरी ₹1,58,811 की धनराशि सुरक्षित बच गई। वहीं, अन्य सात किसानों के खातों पर तुरंत होल्ड लगने से आगे की राशि की निकासी रुक गई। इन सात किसानों में ग्राम सेवड़ा निवासी मुरारी लाल धाकड़ के कुल ₹2,83,221 में से ₹1,57,646, विवेकानंद शिवपुरी की सुशीला राजपूत के ₹2,25,748 में से ₹1,69,900, ग्राम चंदौरिया के पवन दांगी के ₹1,04,999 में से ₹56,999, ग्राम उमरीखुर्द की रानी तिवारी के ₹52,774 में से ₹28,874, ग्राम राजापुर निवासी अमरसिंह लोधी के ₹1,48,311 में से ₹1,08,311, ग्राम पीरोंठ की मुलाम बाई यादव के ₹1,27,311 में से ₹99,311, तथा ग्राम बंहटा निवासी किसान विश्व वीर सिंह जाट के खाते में जमा कुल ₹6,64,261 में से ₹6,45,761 की राशि सुरक्षित बच पाई है।
- दतिया में पुलिस ने श्री पीताम्बरा पीठ के नाम पर श्रद्धालुओं से कथित तौर पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आगर मालवा जिले के नलखेड़ा निवासी सुनील शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सुनील शर्मा श्रद्धालुओं को मिर्ची हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने झांसे में लेकर उनसे आर्थिक ठगी करता था। इस मामले की जांच के दौरान, साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी सुनील शर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे, और रिमांड के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जो धार्मिक आस्था का दुरुपयोग करके श्रद्धालुओं को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- गुरु श्री नियमित उस्ताद बेधड़क जी का 40वां कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- दतिया कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को घटना के मात्र 3 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।1
- दतिया में मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति, जिसमें धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदाय शामिल हैं, को विलोपित करने की मांग की गई है। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपने तर्क के समर्थन में 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 का हवाला दिया, जिसमें मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग मध्य प्रदेश के आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मूल रूप से मांझी जनजाति में समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहाँ 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में ही समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट ने बताया कि रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ जैसे विंध्यप्रदेश के जिलों में 'मांझी' नाम की कोई अलग जाति नहीं मिलती है; धीमर, केवट, मल्लाह और भोई ही यहाँ मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संदर्भित दस्तावेजों का गहन अवलोकन कर अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से इन समुदायों को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे, जिस पर कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रदेश के 72 जिलों में फैले 1011 परीक्षा केंद्रों पर 20,500 से अधिक AI आधारित CCTV कैमरों के ज़रिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इन सभी केंद्रों से परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग झांसी स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर से की जाएगी। परीक्षा के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी 37 हजार से ज़्यादा अधिकारी और कर्मचारी संभालेंगे। इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था के तहत कुल 4.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी हर गतिविधि पर इन AI कैमरों की पैनी नज़र रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक 'शुद्ध टोस्ट' के पैकेट से मरी हुई छिपकली निकलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना के बाद टोस्ट का सेवन करने वाले बच्चे बीमार पड़ गए हैं, जिससे ग्राहकों में भारी परेशानी और चिंता का माहौल है। खबर में 'शुद्ध टोस्ट' खाने वाले सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।1
- झांसी के बबीना थाना क्षेत्र में एक युवक को कार ओवरटेक करने पर एक दारोगा और एक कांस्टेबल द्वारा सरेआम पीटे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना तब हुई जब एक युवक अपनी कार चला रहा था और उसने बगल से गुजर रहे एक कांस्टेबल की कार को ओवरटेक कर दिया। कांस्टेबल को यह बात नागवार गुजरी और उसने युवक की कार रोककर उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया और तू-तू मैं-मैं के कारण जाम लग गया। तभी बबीना थाने में तैनात दारोगा भगत सिंह भी मौके पर पहुँचे, लेकिन बीच-बचाव करने के बजाय उन्होंने भी युवक की पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। झांसी के एसएसपी बीबीजी टी एस मूर्ति ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सड़क पर "गुंडागर्दी" करने वाले दारोगा भगत सिंह और संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जाँच सी ओ सदर रामवीर सिंह को सौंपी गई है।1
- शिवपुरी में भीषण गर्मी के दौरान राजेश्वरी रोड पर स्थित हैप्पीनेस बेकरी के पास एक विद्युत डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर) में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाने तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस आग से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो एक बड़ी राहत की बात है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन भीषण गर्मी और बिजली के अधिक लोड को इसका संभावित कारण माना जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा इस घटना की तकनीकी जांच की जा रही है, जबकि प्रशासन और विद्युत विभाग दोनों ही स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।1