संविदा नर्सिंग कर्मियों का सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर भर्ती की मांग, बोनस अंक और मेरिट बेस चयन पर जोर संविदा नर्सिंग कर्मियों का सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर भर्ती की मांग, बोनस अंक और मेरिट बेस चयन पर जोर स्थायी नौकरी को लेकर नर्सिंग कर्मियों का प्रदर्शन तेज, सरकार से जल्द निर्णय की मांग जयपुर। प्रदेशभर के संविदा एवं निविदा नर्सिंग कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग कर्मियों ने 2013, 2018 और 2023 की पूर्व भर्तियों की तर्ज पर नई भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाते हुए 10, 20 और 30 बोनस अंक देकर मेरिट बेस भर्ती जारी करने की मांग की है। साथ ही लंबे समय से संविदा और निविदा पर कार्य कर रहे नर्सिंग कर्मियों को स्थायी नौकरी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। नर्सिंग कर्मियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना काल सहित विभिन्न आपात परिस्थितियों में लगातार सेवाएं दीं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। वर्षों से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं देने वाले हजारों नर्सिंग कर्मियों को भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को उनके अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि पूर्व में हुई भर्तियों में अनुभव के आधार पर बोनस अंक दिए गए थे, जिससे लंबे समय से कार्यरत कर्मियों को राहत मिली थी। अब उसी तर्ज पर नई भर्ती प्रक्रिया लागू कर संविदा एवं निविदा कर्मियों को 10, 20 और 30 बोनस अंक का लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि केवल लिखित परीक्षा आधारित भर्ती से वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी नर्सिंग कर्मियों के साथ अन्याय होगा। नर्सिंग कर्मियों ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के सभी संविदा एवं निविदा नर्सिंग कर्मियों को नियमित कर स्थायी नौकरी दी जाए। उनका कहना है कि स्थायीकरण नहीं होने से आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा बनी हुई है। कई कर्मी वर्षों से बेहद कम वेतन और अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे हैं, जबकि अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं काफी हद तक उन्हीं के भरोसे संचालित हो रही हैं। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है। प्रदेशभर से पहुंचे नर्सिंग कर्मियों ने एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में न्याय और स्थायी रोजगार की मांग उठाई।
संविदा नर्सिंग कर्मियों का सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर भर्ती की मांग, बोनस अंक और मेरिट बेस चयन पर जोर संविदा नर्सिंग कर्मियों का सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर भर्ती की मांग, बोनस अंक और मेरिट बेस चयन पर जोर स्थायी नौकरी को लेकर नर्सिंग कर्मियों का प्रदर्शन तेज, सरकार से जल्द निर्णय की मांग जयपुर। प्रदेशभर के संविदा एवं निविदा नर्सिंग कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग कर्मियों ने 2013, 2018 और 2023 की पूर्व भर्तियों की तर्ज पर नई भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाते हुए 10, 20 और 30 बोनस अंक देकर मेरिट बेस भर्ती जारी करने की मांग की है। साथ ही लंबे समय से संविदा और निविदा पर कार्य कर रहे नर्सिंग कर्मियों को स्थायी नौकरी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। नर्सिंग कर्मियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना काल सहित विभिन्न आपात परिस्थितियों में लगातार सेवाएं दीं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। वर्षों से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं देने वाले हजारों नर्सिंग कर्मियों को भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को उनके अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि पूर्व में हुई भर्तियों में अनुभव के आधार पर बोनस अंक दिए गए थे, जिससे लंबे समय से कार्यरत कर्मियों को राहत मिली थी। अब उसी तर्ज पर नई भर्ती प्रक्रिया लागू कर संविदा एवं निविदा कर्मियों को 10, 20 और 30 बोनस अंक का लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि केवल लिखित परीक्षा आधारित भर्ती से वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी नर्सिंग कर्मियों के साथ अन्याय होगा। नर्सिंग कर्मियों ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के सभी संविदा एवं निविदा नर्सिंग कर्मियों को नियमित कर स्थायी नौकरी दी जाए। उनका कहना है कि स्थायीकरण नहीं होने से आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा बनी हुई है। कई कर्मी वर्षों से बेहद कम वेतन और अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे हैं, जबकि अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं काफी हद तक उन्हीं के भरोसे संचालित हो रही हैं। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है। प्रदेशभर से पहुंचे नर्सिंग कर्मियों ने एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में न्याय और स्थायी रोजगार की मांग उठाई।
- 3rd SI Exam “चलो जयपुर” के नारे संग SI अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन ईमानदार थानेदारों ने न्याय के लिए खोला मोर्चा शहीद स्मारक पर 750+ प्रशिक्षु SI का धरना SI भर्ती-2021 को लेकर जयपुर में न्याय संग्राम निर्दोष अभ्यर्थियों ने मांगा दोषियों से अलग न्याय SLP और वेटिंग लिस्ट जारी करने की उठी मांग1
- जयपुर में साइबर थाना पुलिस की बड़ी कामयाबी, 590 से ज्यादा गुम मोबाइल बरामद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ी सफलता की जानकारी दी। साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 590 से अधिक गुम हुए मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 6 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। बरामद किए गए मोबाइल फोन में महंगे ऐपल iPhone सहित कई कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जिनके मोबाइल लंबे समय से गुम थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ADCP नीरज पाठक, एसीपी साइबर प्रदीप कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। डीसीपी नॉर्थ ने बताया कि साइबर थाना टीम लगातार तकनीकी सहायता और ट्रैकिंग के जरिए गुम मोबाइलों को रिकवर करने में जुटी हुई है। पुलिस की इस उपलब्धि की शहरभर में सराहना हो रही है।2
- AI से बनाया 30 करोड़ का फर्जी टेंडर, सोशल मीडिया पर वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार AI से बनाया 30 करोड़ का फर्जी टेंडर, सोशल मीडिया पर वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार जयपुर में एआई तकनीक और सोशल मीडिया के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। अशोकनगर थाना पुलिस ने भाजपा पदाधिकारियों के नाम और लेटरहेड का इस्तेमाल कर 30 करोड़ रुपये का फर्जी टेंडर तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को महज 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि एक बड़ी सोशल मीडिया और प्रचार कंपनी में नौकरी पाने के उद्देश्य से यह पूरा फर्जीवाड़ा किया था। आरोपी ने एआई टूल्स, लैपटॉप और इंटरनेट की मदद से भाजपा आईटी सेल और संगठन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली दिखाने की कोशिश की।डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि भाजपा नेता अजय कुमार विजयवर्गीय की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि नमोदूत राजस्थान अभियान चुनावी जनसंपर्क एवं जमीनी स्तर जनसक्रियता कार्यक्रम नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे, जिनमें भाजपा आईटी सेल और अमित मालवीय के नाम का इस्तेमाल कर 30 करोड़ रुपये के कथित टेंडर और वित्तीय विवरण दर्शाए गए थे।1
- जयपुर चाकसू सड़क मार्ग पर रामपुरा के पास तेज रफ्तार बस और ट्रेलर में हुई भिड़ंत जयपुर चाकसू सड़क मार्ग पर रामपुरा गांव के पास एक तेज रफ्तार बस और ट्रेलर में टक्कर का मामला सामने आया है। टक्कर इतनी जबरदस्ती की बस और ट्रेलर के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बस में सवार सवारी में चीख पुकार मच गई। इस दौरान हाथ से में बस में सवाल दो सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गई। कोई घटना की सूचना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने घायलों को बस से निकलकर नजदीकी उप जिला अस्पताल में भर्ती करवाया जहां पर उपचार जारी है। वहीं घटना के बाद आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान एक्सीडेंट की बात कुछ समय के लिए सड़क पर लंबा जाम लग गया पुलिस ने क्षतिग्रस्त दोनों गाड़ियों को क्रेन की सहायता से हटाकर यातायात को सुचारू करवाया प्रत्ययदर्शीय लोगों ने बताया कि रामपुरा गांव के कट के पास ट्रेलर चालक गाड़ी को घुमा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रही बस ने उसे टक्कर मार दी। इस दौरान हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका अस्पताल में उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को लेकर जांच करने में जुटी हुई है।1
- देश में एक अज्ञात व्यक्ति के 15 वर्षों के कथित कुशासन पर सज़ा की मांग उठी है, जिस पर अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने और बंगाल में हिंदुओं के दमन का आरोप है। निर्दोषों की आत्माएं न्याय चाहती हैं और बीजेपी सरकार से इन मामलों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की अपील की गई है।1
- जयपुर में सिविल लाइन का पानी सड़क पर लगातार बह रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। इस समस्या के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कतें आ रही हैं, पर स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।1
- AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के "भारत अपने लोगों से बनता है, किसी देवी-देवता के नाम पर नहीं चलता" बयान ने देश में नई बहस छेड़ दी है। इस बयान पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यह बयान धर्म और राष्ट्रवाद की बहस को एक नए मोड़ पर ले आया है।1
- भारत में इलेक्ट्रिक बाइकिंग का नया दौर शुरू हो चुका है… क्योंकि ओबेन इलेक्ट्रिक ने लॉन्च कर दी है अपनी दमदार नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल — रोर EVO। सिर्फ 99,999 रुपये की शुरुआती कीमत में आने वाली यह बाइक शानदार डिजाइन, जबरदस्त परफॉर्मेंस और स्मार्ट AI टेक्नोलॉजी के साथ बाजार में उतरी है। रोर EVO में मिलता है नया SmartIQ AI Ride Mode… जो राइडिंग स्टाइल को समझकर 15 प्रतिशत तक ज्यादा रेंज देने का दावा करता है। यह बाइक केवल 3 सेकंड में 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ लेती है और इसकी टॉप स्पीड है 110 किलोमीटर प्रति घंटा। कंपनी के अनुसार, एक बार फुल चार्ज होने पर यह बाइक 180 किलोमीटर तक की IDC रेंज देती है। वहीं, फास्ट चार्जिंग की मदद से मात्र 90 मिनट में 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है। रोर EVO में 3.4 kWh की LFP बैटरी और 9 किलोवॉट की पावरफुल मोटर दी गई है। खास बात यह है कि बैटरी पर कंपनी 8 साल की वारंटी भी दे रही है। बाइक का स्ट्रीटफाइटर डिजाइन, लंबी सीट, 10 लीटर स्टोरेज और स्मार्ट फीचर्स इसे रोजाना इस्तेमाल के लिए बेहद खास बनाते हैं। सुरक्षा के लिए इसमें फॉल अलर्ट, इमरजेंसी असिस्ट, यूनिफाइड ब्रेक असिस्ट और स्मार्ट कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। बुकिंग सिर्फ 777 रुपये में शुरू हो चुकी है… और जून 2026 से इसकी टेस्ट राइड और डिलीवरी देशभर में शुरू होगी। तो क्या यह बाइक भारत की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल मार्केट में बड़ा बदलाव ला पाएगी? अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताएं।1