झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन पूरी तरह तैयार होने और कई महीने पहले हैंडओवर होने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो पाया है। आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया यह आधुनिक केंद्र फिलहाल महज एक शोपीस बनकर रह गया है, जिससे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस नवनिर्मित अस्पताल भवन में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए दो ऑपरेशन थिएटर (ओटी), डॉक्टर चेंजिंग रूम, टिशू रूम, डॉक्टर मीटिंग रूम, मदर डाइनिंग एवं फीडिंग रूम, नवजात शिशु वार्ड (नियोनेटल वार्ड), पांच बेड वाला वार्ड और आठ बेड का प्रसूति वार्ड सहित सैकड़ों कमरे बनाए गए हैं। मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधा के लिए भवन में लिफ्ट की व्यवस्था भी है। इसके बावजूद, अस्पताल के संचालन में सबसे बड़ी बाधा बिजली आपूर्ति बनी हुई है। अस्पताल के लिए 315 केवी का ट्रांसफार्मर भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि पूरे भवन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो सके, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इसे अब तक 11 हजार वोल्ट लाइन से नहीं जोड़ा गया है। बताया जाता है कि यह कार्य 25 अप्रैल 2026 से पहले पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण अस्पताल में लगे कई महत्वपूर्ण उपकरण और सुविधाएं निष्क्रिय पड़ी हैं। इस स्थिति पर स्थानीय लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए इस स्वास्थ्य केंद्र को चालू करने में देरी के लिए जिम्मेदार कौन है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर अस्पताल को शुरू कर दिया जाता, तो प्रतापपुर और आसपास के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकता था। अब लोग प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराकर अस्पताल का संचालन शुरू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि जनहित में बनाई गई यह महत्वपूर्ण परियोजना अपने उद्देश्य को पूरा कर सके। इस संदर्भ में, प्रभारी चिकित्सक डॉ. कुमार संजीव ने बताया कि नए भवन में पुराने भवन का बिजली कनेक्शन करके स्टोर रूम व ओटी रूम में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर नए भवन में बिजली की व्यवस्था होती तो लोगों को सारी सुविधाएं मिल सकती थीं।
झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन पूरी तरह तैयार होने और कई महीने पहले हैंडओवर होने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो पाया है। आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया यह आधुनिक केंद्र फिलहाल महज एक शोपीस बनकर रह गया है, जिससे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस नवनिर्मित अस्पताल भवन में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए दो ऑपरेशन थिएटर (ओटी), डॉक्टर चेंजिंग रूम, टिशू रूम, डॉक्टर मीटिंग रूम, मदर डाइनिंग एवं फीडिंग रूम, नवजात शिशु वार्ड (नियोनेटल वार्ड), पांच बेड वाला वार्ड और आठ बेड का प्रसूति वार्ड सहित सैकड़ों कमरे बनाए गए हैं। मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधा के लिए भवन में लिफ्ट की व्यवस्था भी है। इसके बावजूद, अस्पताल के संचालन में सबसे बड़ी बाधा बिजली आपूर्ति बनी हुई है। अस्पताल के लिए 315 केवी का ट्रांसफार्मर भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि पूरे भवन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो सके, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इसे अब तक 11 हजार वोल्ट लाइन से नहीं जोड़ा गया है। बताया जाता है कि यह कार्य 25 अप्रैल 2026 से पहले पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण अस्पताल में लगे कई महत्वपूर्ण उपकरण और सुविधाएं निष्क्रिय पड़ी हैं। इस स्थिति पर स्थानीय लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए इस स्वास्थ्य केंद्र को चालू करने में देरी के लिए जिम्मेदार कौन है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर अस्पताल को शुरू कर दिया जाता, तो प्रतापपुर और आसपास के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकता था। अब लोग प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराकर अस्पताल का संचालन शुरू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि जनहित में बनाई गई यह महत्वपूर्ण परियोजना अपने उद्देश्य को पूरा कर सके। इस संदर्भ में, प्रभारी चिकित्सक डॉ. कुमार संजीव ने बताया कि नए भवन में पुराने भवन का बिजली कनेक्शन करके स्टोर रूम व ओटी रूम में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर नए भवन में बिजली की व्यवस्था होती तो लोगों को सारी सुविधाएं मिल सकती थीं।
- पुलिस ने एक पूर्व कांड से जुड़े फरार आरोपी के घर पर छापा मारा। छापे के दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। हालांकि, पुलिस ने आरोपी के घर से एक पिस्तौल बरामद की है।1
- बिहार पुलिस द्वारा गया जिले के सभी थानों में "लोक संवाद गोष्ठी जनता की बात, पुलिस के साथ" कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना तथा उनके बीच विश्वास बढ़ाना था। इस गोष्ठी में आम जनता को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के सामने सीधे अपनी समस्याओं और शिकायतों को रखने का अवसर मिला। इस पहल का लक्ष्य अपराध की रोकथाम के साथ-साथ स्थानीय स्तर की समस्याओं और शिकायतों पर चर्चा कर उनका समाधान निकालना था। डेल्हा थाना और महिला थाना में आयोजित लोक संवाद गोष्ठी में आईजी विकास वैभव और एसएसपी स्वयं मौजूद रहे। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने आपराधिक गतिविधियों, नशाखोरी, महिला सुरक्षा और यातायात संबंधित समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। गया के सभी थानों में यह "जनता की बात, पुलिस प्रशासन के साथ" कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने अपनी समस्याओं को बेझिझक साझा किया।1
- लातेहार के भाजपा नेता राजन तिवारी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैजनाथ राम को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर हार्दिक बधाई दी है। यह शुभकामना राजन तिवारी ने बैजनाथ राम को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद व्यक्त की।1
- गया जिले के बहेरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें 920 लीटर अवैध स्प्रिट बरामद की गई है। इस कार्रवाई के दौरान, चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया और तस्करी में प्रयुक्त एक पिकअप वैन तथा एक कार को भी जब्त कर लिया गया। बहेरा थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि पटना मद्य निषेध इकाई से विशेष सूचना मिली थी कि झारखंड के हंटरगंज से कटहल और सब्जियों से लदी एक पिकअप वैन में भारी मात्रा में अवैध स्प्रिट छिपाकर लाई जा रही है। साथ ही, गिरोह के सदस्य एक कार में सवार होकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और पिकअप चालक को लगातार लोकेशन उपलब्ध करा रहे थे। सूचना मिलने पर बहेरा पुलिस ने डोभी-चपरा मुख्य मार्ग स्थित ढीरजा पुल के समीप दोनों ओर से घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू किया। पुलिस को देखकर पिकअप चालक ने वाहन घुमाकर भागने की कोशिश की, लेकिन सशस्त्र बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उसे दबोच लिया गया। इसी दौरान, रेकी कर रहे कार सवार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान, पिकअप वाहन में कटहल के नीचे छिपाकर रखे गए स्प्रिट से भरे 30 गैलन बरामद हुए, जिनमें से प्रत्येक गैलन में 40 लीटर स्प्रिट थी। कुल 920 लीटर अवैध स्प्रिट जब्त की गई, जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस स्प्रिट का उपयोग अवैध शराब के निर्माण में किया जाना था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के हंटरगंज थाना क्षेत्र निवासी अश्वन्त प्रसाद, औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के सापु निवासी सरिस कुमार सिंह, चतरा जिले के सिमरिया निवासी रघुनाथ यादव तथा मदनपुर थाना क्षेत्र निवासी अपुरी चौहान के रूप में की गई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। मामले में मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- टिकारी थाना द्वारा एक लोक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टिकारी ने भाग लिया और लोगों की समस्याओं को सुना।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) द्वारा लातेहार के धरतीपुत्र बैधनाथ राम को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने पर उनके सहपाठी और राजनीतिक साथी सुदामा प्रसाद ने गहरी खुशी व्यक्त की है। उन्होंने इस अवसर पर पार्टी नेतृत्व, विशेष रूप से हेमन्त सोरेन को बधाई दी है, और इसे लातेहार के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। सुदामा प्रसाद ने विश्वास जताया है कि बैधनाथ राम उच्च सदन में झारखंड, लातेहार और गरीब-गुरबा वर्ग की समस्याओं व अधिकारों से जुड़ी आवाज़ को पूरी मज़बूती और मुखरता के साथ उठाएंगे।1
- महुआडार थाना क्षेत्र के उराव टोली और ब्राइक टोली में शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे अवैध महुआ शराब को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई महुआडार थाना प्रभारी मनोज कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में महुआ शराब को विनष्ट किया गया, वहीं इस अवैध धंधे में शामिल लोगों को सख्त हिदायत दी गई कि वे भविष्य में इस प्रकार का कार्य न करें।1
- बिहार के गया जिले में स्थित सूर्यमंडल चेक पोस्ट के पास एक सड़क दुर्घटना में, एक माल ट्रक ने पीछे से एक खड़ी पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी।1