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ये बेहद दुखद समाचार है कि उप्र के सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी की सीढ़ी टूटने से एक किशोर की मौत हो गयी, दो किशोर गिरकर घायल हुए व दो लड़कों को घंटों की मशक़्क़त के बाद सेना की सहायता से बचाया गया। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी एक और टंकी जानलेवा साबित हुई है।
Sapna thakur
ये बेहद दुखद समाचार है कि उप्र के सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी की सीढ़ी टूटने से एक किशोर की मौत हो गयी, दो किशोर गिरकर घायल हुए व दो लड़कों को घंटों की मशक़्क़त के बाद सेना की सहायता से बचाया गया। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी एक और टंकी जानलेवा साबित हुई है।
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- आगरा थाना फतेहपुर सीकरी ब्रेकिंग!!! कल दिनांक 02.05.2026 को थाना फतेहपुर सीकरी को अज्ञात युवक द्वारा एक युवती के साथ दुष्कर्म करने के संबंध में सूचना प्राप्त हुई, थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया एवं घटना के सफल अनावरण हेतु टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा त्वरित करते हुए मुखबिर की सूचना पर आज दिनांक 02.05.2026 को अभियुक्त कासिम उर्फ मिर्ची पुत्र सिराजुद्दीन निवासी मोहल्ला तालाब कस्बा व थाना फतेहपुर सीकरी को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार (मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल) किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई तथा घटना में अपने एक अन्य साथी के बारे में भी बताया गया। घटना में फरार अन्य अभियुक्त की तलाश टीमों द्वारा की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त हत्या जैसे जघन्य अपराध में पूर्व में भी जेल जा चुका है। उक्त के संबंध में प्रभारी पुलिस उपायुक्त पश्चिमी श्री आदित्य द्वारा दी गई बाइट।1
- 85 वर्षीय मां के निधन के बाद बेटियों ने ही उनकी अर्थी को कंधा दिया और मुखाग्नि भी दी बताया गया कि पिता के निधन के बाद मां ने बच्चों को पाला, लेकिन बाद में बेटों ने जमीन अपने नाम कर उन्हें छोड़ दिया था मां की आखिरी इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार बेटियां ही करें, जिसे बेटियों ने पूरा किया1
- Post by Kantap tv1
- Post by Sadeep Kumar Kumar1
- Post by मूलचंद कुशवाहा1
- Post by AGRA NEWS NETWORK1
- सतखंडा चौकी प्रभारी हेमू पटेल एवं हुसैनाबाद चौकी प्रभारी राजीव प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर डटे रहे। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए घंटाघर चौराहे पर कड़ी निगरानी की गई, ताकि जाम और अव्यवस्था की स्थिति न बने। वहीं नो पार्किंग जोन में लावारिस हालत में खड़े किए गए वाहनों पर भी ठाकुरगंज पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार चालान काटे गए और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटवाने (टो कराने) की कार्रवाई भी की गई। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था नियंत्रित रही और आम जनता को काफी राहत मिली।1
- Post by Manoriya2
- 1 - सिद्धार्थनगर हादसा: मौत की सीढ़ियां और सिस्टम का 'हवा-हवाई' रेस्क्यू सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में शनिवार को जो हुआ, उसे 'हादसा' कहना दरअसल प्रशासनिक अपराध पर पर्दा डालने जैसा है। कांशीराम आवास परिसर में स्थित पानी की टंकी की सीढ़ी का टूटकर गिरना महज एक निर्माण की विफलता नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार की उस सड़न का नतीजा है, जिसने एक मासूम की जान ले ली और दो परिवारों को ताउम्र का दर्द दे दिया। विकास की जर्जर हकीकत जिस समय शासन-प्रशासन फाइलों में विकास की ऊंची इमारतें खड़ी कर रहा था, ठीक उसी वक्त कांशीराम आवास की पानी की टंकी मौत का ढांचा बनकर खड़ी थी। शनिवार को जब पांच बच्चे उस पर चढ़े, तो सीढ़ियां ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। एक मासूम की 'दर्दनाक मौत' सीधे तौर पर उस विभाग के माथे पर कलंक है, जिसकी जिम्मेदारी इन संरचनाओं की देखरेख और मरम्मत की थी। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में था? रेस्क्यू की लाचारी: ज़मीन पर फेल, आसमान पर टिकी उम्मीद हादसे के बाद का मंजर और भी भयावह था। दो किशोर घंटों तक मौत के साये में टंकी के ऊपर फंसे रहे। गोरखपुर से एसडीआरएफ (SDRF) की टीम पहुंची तो जरूर, लेकिन 'रास्ता न होने' का बहाना बनाकर हाथ खड़े कर दिए। यह सवाल पूछना लाजिमी है कि क्या हमारी आपदा राहत टीमें इतनी लाचार हैं कि वे बिना हेलीकॉप्टर के एक सीढ़ी विहीन टंकी से दो बच्चों को नीचे नहीं उतार सकती थीं? रविवार की सुबह 5 बजे जब हेलीकॉप्टर पहुंचा, तब जाकर उन दो जानों को बचाया जा सका। लेकिन इस रेस्क्यू ऑपरेशन की चमक के पीछे उस नाकामी को नहीं छिपाया जा सकता, जिसके कारण बच्चों को पूरी रात खुले आसमान के नीचे खौफ में बितानी पड़ी। कड़े सवाल, जिनका जवाब चाहिए: रखरखाव का बजट कहाँ गया? कांशीराम आवास की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। जर्जर सीढ़ियों की मरम्मत समय पर क्यों नहीं की गई? सुरक्षा में चूक किसकी? पानी की टंकी जैसे संवेदनशील स्थानों पर बच्चों की पहुंच को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे? एसडीआरएफ की विफलता: क्या आधुनिक उपकरणों से लैस टीम के पास एक ऊंची इमारत से रेस्क्यू करने का कोई वैकल्पिक तरीका नहीं था? निष्कर्ष: हेलीकॉप्टर से बच्चों को उतारकर प्रशासन अपनी पीठ थपथपा सकता है, लेकिन वह उस मां के आंसू नहीं पोंछ सकता जिसका बच्चा अब कभी घर नहीं लौटेगा। यह समय मुआवजे का मरहम लगाने का नहीं, बल्कि उन दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का है जिन्होंने 'कमीशनखोरी' की नींव पर ये मौत की सीढ़ियां बनाई थीं। 2 -ट्रांसफ़ॉर्मर के ठीक सामने इलेक्ट्रिक गाड़ियां पार्क नहीं करनी चाहिए, और न ही लोगों को खड़ा होना चाहिए; एक तय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। गाड़ी पार्क करने या उसके बहुत पास खड़े होने से खतरनाक नतीजे हो सकते हैं। अगर आप बहुत पास खड़े होंगे, तो मैग्नेटिक फ़ील्ड आपको अपनी ओर खींच लेगी—पीछे कुछ नहीं छोड़ेगी, यहां तक कि आपकी हड्डियों का ढांचा भी नहीं। 3 - सन्न रह गया कप्तानगंज: कचोलिया में अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी, हत्या या हादसा? बस्ती। जनपद के थाना कप्तानगंज अंतर्गत नगर पंचायत के करचोलिया गांव में रविवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने गांव के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा देखा। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही कप्तानगंज पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और जांच पड़ताल शुरू की, लेकिन खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। रहस्यमयी परिस्थितियों में मिला शव रविवार की छुट्टी वाली सुबह करचोलिया गांव के लिए किसी बुरे सपने की तरह आई। सुबह-सुबह जब ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकले, तो गांव के किनारे पड़े शव को देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रथम दृष्टया मामला काफी संदिग्ध नजर आ रहा है। शरीर की स्थिति और घटना के स्थान को देखते हुए ग्रामीण इसे हत्या से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि पुलिस अभी किसी भी नतीजे पर पहुँचने से बच रही है। शिनाख्त बनी पुलिस के लिए चुनौती मौके पर पहुँची थाना कप्तानगंज पुलिस ने आसपास के दर्जनों लोगों से पूछताछ की और शव की पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। मृतक कहाँ का रहने वाला है और यहाँ कैसे पहुँचा, यह फिलहाल एक पहेली बना हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। दहशत के साये में ग्रामीण इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मंझरिया और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह सरेआम शव मिलना कानून-व्यवस्था के प्रति चिंता पैदा करता है। क्या कहती है पुलिस? "शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है।" — थाना प्रभारी, कप्तानगंज भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल सह सम्पादक ् ओल इंडिया भारत राजीव कुमार सिंह सिकरवार 🇮🇳 वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 अखबार समृद्ध भारत हिंदी दैनिक समाचार पेपर जबलपुर मध्य प्रदेश दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश 🌹🌹🙏🇮🇳✍️🚩 9756737560 = 94588754224