सोनभद्र के शक्तिनगर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल खड़िया में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे योग के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने योग से संबंधित ड्राइंग, पेंटिंग, भाषण और योग गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यालय की प्राचार्या एवं एआरओ श्रीमती संध्या एल. पांडेय ने अपने संबोधन में योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताया, जिसने विश्व मंच पर देश को विशिष्ट सम्मान दिलाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है, और "योग भगाए रोग" का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। पीईटी अल्पना शर्मा और निखिल दत्ता के निर्देशन में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इनमें सूर्य नमस्कार, गायत्री मंत्र, ओम ध्वनि उच्चारण, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, पद्मासन, वज्रासन, भुजंगासन, धनुरासन और पवनमुक्तासन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम का समापन शवासन के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को विश्राम की मुद्रा में लाने के साथ हुआ। कक्षा 12 के छात्र आर्यन रजक ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह सफल आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए स्वास्थ्य, अनुशासन और एक सकारात्मक जीवनशैली का प्रेरणास्रोत बना, जिसने 'योग से निरोगी काया' के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुँचाया।
सोनभद्र के शक्तिनगर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल खड़िया में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे योग के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने योग से संबंधित ड्राइंग, पेंटिंग, भाषण और योग गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यालय की प्राचार्या एवं एआरओ श्रीमती संध्या एल. पांडेय ने अपने संबोधन में योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताया, जिसने विश्व मंच पर देश को विशिष्ट सम्मान दिलाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है, और "योग भगाए रोग" का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। पीईटी अल्पना शर्मा और निखिल दत्ता के निर्देशन में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इनमें सूर्य नमस्कार, गायत्री मंत्र, ओम ध्वनि उच्चारण, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, पद्मासन, वज्रासन, भुजंगासन, धनुरासन और पवनमुक्तासन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम का समापन शवासन के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को विश्राम की मुद्रा में लाने के साथ हुआ। कक्षा 12 के छात्र आर्यन रजक ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह सफल आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए स्वास्थ्य, अनुशासन और एक सकारात्मक जीवनशैली का प्रेरणास्रोत बना, जिसने 'योग से निरोगी काया' के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुँचाया।
- सोनभद्र जनपद पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से कुल 302 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिन्हें आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल खोने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। पुलिस द्वारा यह पूरी कार्रवाई CEIR पोर्टल के माध्यम से अंजाम दी गई। तकनीकी टीम ने गुमशुदा मोबाइलों की शिकायतों का सत्यापन किया और लगातार प्रयासों के बाद विभिन्न स्थानों से इन मोबाइल फोन को बरामद किया। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण यह संभव हो सका। एडिशनल एसपी (ऑपरेशन) ऋषभ रुनवाल ने इस दौरान बताया कि CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की ट्रैकिंग और बरामदगी में अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने अथवा CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे मोबाइल को ब्लॉक कर उसकी बरामदगी की कार्रवाई की जा सके। रुनावल ने यह भी कहा कि जनपद पुलिस आमजन की समस्याओं के समाधान और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान जारी रहेंगे।1
- बभनी विकासखंड के ग्राम करकच्छी स्थित सामुदायिक भवन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह करीब 7:00 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में काफी संख्या में ग्रामीण वासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। योगा मैट लेकर पहुंचे लोगों के साथ-साथ बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं भी इस आयोजन का हिस्सा बनीं, जिससे सामुदायिक भवन खचाखच भर गया और योग के प्रति लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रामचंद्र गुप्ता जी स्वयं उपस्थित होकर योग आसन किए। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योगासन पर भाषण भी दिया और ग्रामीणों के अंदर योग के प्रति उत्साह जगाया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान रामचंद्र जी गुप्ता, ग्राम पंचायत सचिव रामस्वरूप जी, अध्यक्ष अरविंद कुमार जी, और युवा समिति के सुरेश कुमार, राजेश कुमार, शंभू नाथ, फूलचंद ने सभी के साथ मिलकर सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे लोग भी थे जो शुरुआत में केवल दर्शक के तौर पर आए थे, लेकिन वहां का माहौल देखकर उन्होंने भी योग करना शुरू कर दिया। इस आयोजन में बच्चों का उत्साह, बुजुर्गों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा एक साथ देखने को मिली। यह सामूहिक आयोजन योग के शारीरिक लाभों के साथ-साथ सामुदायिक जुड़ाव और एकता को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता को भी सफलतापूर्वक प्रदर्शित करता है।3
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सलैयाडीह में रविवार को NH-39 पर हुए एक सड़क हादसे में लगभग 38 वर्षीय दशरथ नामक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की दर्दनाक मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सलैयाडीह निवासी दशरथ पुत्र स्वर्गीय रामदेव अपने दिव्यांग ई-रिक्शा से कोन मोड़ चौराहे की ओर से आ रहे थे, तभी दुद्धी की ओर से आ रहे एक तेज गति के ट्रक (संख्या NL-01L-0343) ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। दशरथ दोनों पैरों से दिव्यांग थे और उनके आवागमन तथा दैनिक कार्यों के लिए सरकार द्वारा उन्हें एक छोटा दिव्यांग ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया था। वे सरकार से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी अंशु देवी दृष्टिबाधित हैं, और उनके परिवार में एक लगभग 20 वर्षीय पुत्र तथा 16 एवं 12 वर्ष की दो पुत्रियां हैं। दशरथ की असामयिक मृत्यु से यह परिवार गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक संकट में आ गया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। हादसे के बाद NH-39 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी स्थित मोर्चरी हाउस भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को चिन्हित कर लिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने परिजनों को निष्पक्ष एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।1
- बोल बम सेवा समिति ने अपने सम्मानित सदस्यों को उनके जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया है। समिति की ओर से सभी सदस्यों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और मंगल कामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर बोल बम सेवा समिति परिवार ने अपनी एकजुटता और सम्मान की भावना का प्रदर्शन किया, जिसकी कुछ झलकियां भी प्रस्तुत की गई हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी में शनिवार दोपहर करीब एक बजे 'दुद्धी को जिला बनाओ विकास कराओ चुनावी वादा पूरा करो' के बैनर तले, दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जोरदार तरीके से प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश और केंद्र के मंत्रियों व नेताओं ने दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था। उन्होंने मांग की कि इस वादे को तुरंत पूरा किया जाए और दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित किया जाए, ताकि क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूरा क्षेत्र विकास की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन विकास की राह बहुत दूर तक दिखाई नहीं दे रही है, और लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि दुद्धी पिछले कई दशकों से जिला बनाने की मांग कर रहा है और सभी मानदंडों को पूरा करता है, इसके बावजूद इस भारी राजस्व देने वाले क्षेत्र को जिला का दर्जा नहीं मिला है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा, जितेंद्र श्रीवास्तव, विष्णुकांत तिवारी, वरुणोदय जौहरी, जय प्रकाश अग्रहरि, श्रीचंद, अमरावती देवी, वीरेंद्र कुमार, आदर्श कुमार, राकेश अग्रहरि, राजेंद्र चंद्रवंशी, जीवनराम चंद्रवंशी और अभिनव जायसवाल सहित कई संघर्ष समिति के लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।3
- सोनभद्र के कचनरवा में पानी की टंकी और सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से की गई बोरिंग के बावजूद, छह महीने बीत जाने के बाद भी इस काम में कोई प्रगति नहीं हुई है। बोरिंग का कार्य हुए आधा वर्ष हो चुका है, लेकिन अभी तक टंकी या सौर ऊर्जा से संबंधित कोई भी आगे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोनभद्र के कैमूर वन्यजीव प्रभाग के गुरमा रेंज स्थित सलखन फॉसिल पार्क में सामूहिक योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसे 'योग का महाकुंभ' बताया गया। इस कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत 'ओम्' के उच्चारण के साथ हुई और योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन और प्राणायाम सहित कई योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया, जहाँ स्कूली बच्चों ने विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन कर सबका ध्यान आकर्षित किया। मंत्री संजीव कुमार गोंड ने इस मौके को 'हम सबका सौभाग्य' बताते हुए कहा कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दुनिया के सबसे प्राचीन जीवाश्म स्थलों में से एक, सलखन फॉसिल्स पार्क में आयोजित हो रहा है। उन्होंने इसे न केवल सोनभद्र बल्कि पूरे देश की धरोहर बताया, जहाँ करोड़ों वर्ष पुराने फॉसिल्स हमारी ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने लोगों से इस धरोहर को देखने और इसके महत्व को समझने की अपील की। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता की पहल से इस ऐतिहासिक स्थल पर योग दिवस का आयोजन संभव हुआ, जो स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यटन और विरासत संरक्षण का भी संदेश देता है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि राज्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस वर्ष योग दिवस के लिए सलखन फॉसिल्स पार्क का चयन इसलिए किया गया ताकि सोनभद्र के करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्मों और समृद्ध विरासत की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि सोनभद्र की समृद्ध विरासत और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले तथा पर्यटन के माध्यम से जिले को नई पहचान दी जा सके। कार्यक्रम में शामिल कई लोगों ने बताया कि वे पहली बार फॉसिल्स पार्क आए और इसकी ऐतिहासिक महत्ता को जान पाए। योग कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, और सभी को नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई। वन विभाग ने प्रकृति की रक्षा का संदेश देने के लिए पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया, जिसमें मंत्री संजीव कुमार गोंड, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी के साथ गुरमा वन रेंज के अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा रोपे गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।1
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सलैयाडिह में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 40 वर्षीय दिव्यांग दशरथ राम की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना नेशनल हाईवे-39 पर सीता मोड़ चौराहे के समीप करीब 9 बजे हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक दशरथ राम सलैयाडिह के निवासी और स्वर्गीय रामदेव राम के पुत्र थे, जो किसी काम से विंढमगंज की ओर से आ रहे थे, तभी दुद्धी की ओर से आ रहे ट्रक संख्या NL01L0343 ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की उपस्थिति में शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी स्थित मर्चरी हाउस भेज दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सलैयाडिह के सीता मोड़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे की दोनों पट्टियों पर लंबे समय से निजी बसों, ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों की अवैध पार्किंग की जा रही है। उनका कहना है कि इस अवैध पार्किंग के कारण सड़क संकरी हो जाती है, जिससे पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और छोटे वाहनों के लिए लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस समस्या की शिकायत प्रशासन और पुलिस से कई बार की गई है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का मानना है कि यदि हाईवे किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े न होते तो संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था। मृतक दशरथ राम दोनों पैरों से दिव्यांग थे, और उनकी पत्नी अंशु देवी भी दृष्टिबाधित हैं। परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी अब और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। आजाद समाज पार्टी के दुद्धी विधानसभा अध्यक्ष अमरेश भारती ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने और हाईवे किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से NH-39 की पटरी पर खड़े किए जाने वाले अवैध वाहनों को तुरंत हटाने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।4