ऋषिकेश मोड़ क्षेत्र में लगभग 3200 पेड़ों के प्रस्तावित कटान को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद यहां पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई कराने का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने जोरदार और उग्र प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर दावा है कि न्यायालय के आदेशों की पूरी तरह से अनदेखी कर जंगलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान यूकेडी नेता राकेश बिंजोला ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तत्काल कटान रोकने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में प्रमिला रावत और सौम्य चौधरी सहित कई अन्य प्रदर्शनकारी भी जंगलों के संरक्षण की मांग को लेकर मुस्तैदी से शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि यदि कहीं भी न्यायालय के आदेश का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल संबंधित सरकारी विभाग या किसी अन्य पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की वास्तविक स्थिति और कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो पाएगी। उधर, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र के जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि यह जल स्रोतों, वन्यजीवों और स्थानीय पारिस्थितिकी का मुख्य आधार हैं, इसलिए यहां कोई भी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही होनी चाहिए।
ऋषिकेश मोड़ क्षेत्र में लगभग 3200 पेड़ों के प्रस्तावित कटान को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद यहां पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई कराने का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने जोरदार और उग्र प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर दावा है कि न्यायालय के आदेशों की पूरी तरह से अनदेखी कर जंगलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान यूकेडी नेता राकेश बिंजोला ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तत्काल कटान रोकने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में प्रमिला रावत और सौम्य चौधरी सहित कई अन्य प्रदर्शनकारी भी जंगलों के संरक्षण की मांग को लेकर मुस्तैदी से शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि यदि कहीं भी न्यायालय के आदेश का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल संबंधित सरकारी विभाग या किसी अन्य पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की वास्तविक स्थिति और कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो पाएगी। उधर, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र के जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि यह जल स्रोतों, वन्यजीवों और स्थानीय पारिस्थितिकी का मुख्य आधार हैं, इसलिए यहां कोई भी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही होनी चाहिए।
- कानपुर में एक पत्नी ने रंगे हाथ पकड़कर जमकर कुटाई कर दी। पति को रंगे हाथों पकड़ने और उसकी पिटाई करने के बाद मौके पर जो कुछ भी हुआ, वह वाकई देखने लायक था।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज हैलेट अस्पताल से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ आर्थो विभाग में कार्यरत जेआर 2 डॉक्टर विनोद बिष्ट की हार्ट अटैक आने के कारण दर्दनाक मृत्यु हो गई है। मृतक डॉक्टर की उम्र लगभग 30 साल बताई जा रही है। डॉक्टर विनोद बिष्ट अस्पताल में ऑन ड्यूटी तैनात थे, तभी उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। उन्हें गंभीर हालत में देखकर साथी डॉक्टर तुरंत इलाज के लिए आईसीयू लेकर भागे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर विनोद बिष्ट की जान नहीं बचाई जा सकी। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही मौके पर उप प्रधानाचार्य ऋचा गिरी और डॉ. विशाल गुप्ता पहुंचे।4
- कानपुर नगर के गंगागंज गांव स्थित कपड़िया बस्ती में सड़क की हालत अत्यंत जर्जर और बदतर बनी हुई है, जिसके कारण यहां की जनता बेहद परेशान है। हैरानी की बात यह है कि अभी बरसात की शुरुआत भी नहीं हुई है और गली की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है। एक मित्र के माध्यम से प्राप्त हुए वीडियो में इस दुर्दशा को साफ देखा जा सकता है। क्षेत्र के लोगों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय पार्षद अशोक द्विवेदी (अशोक दुबे) से इस बदहाल सड़क को जल्द से जल्द बनवाने का विशेष आग्रह किया गया है।1
- कानपुर के पनकी क्षेत्र के रतनपुर में स्थित एक इन्वर्टर-बैटरी दुकान में हुई सेंधमारी की बड़ी वारदात का पुलिस ने महज़ 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गैंग का मास्टरमाइंड अनुज गौतम, सलमान अंसारी, जय सिंह और दो बाल अपचारी (नाबालिग) शामिल हैं। पुलिस ने दुकान से चोरी किए गए सभी इन्वर्टर और बैटरियां भी बरामद कर ली हैं। इस चोरी के संबंध में 14 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में एसीपी अमित चौरसिया की बाइट भी शामिल है, और पुलिस फिलहाल फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।2
- Post by Ramakant1