“ओरण बचेगा तो सीमा बचेगी” — सीमांत राजस्थान की आवाज विधानसभा में गूंजी आज विधानसभा में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने सीमांत राजस्थान के पर्यावरण, लोगों के अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया। मुख्य बिंदु: • राजस्थान में लगभग 25,000 ओरण (करीब 6 लाख हेक्टेयर) — जल, वन्यजीवन और गोचर की जीवनरेखा • सीमांत जिलों (बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, फलौदी) में भूमि आवंटन पर सवाल • रामगढ़ में भूमि आवंटन से प्रभावित 80 परिवारों की चिंता • डेजर्ट नेशनल पार्क (DNP) क्षेत्र के लोग 45 वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित • सीमावर्ती गांवों में बढ़ता पलायन — सीमा सुरक्षा पर संभावित प्रभाव • घुमंतू समाजों को बसावट के लिए भूमि की मांग • सोलर व औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप • खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून की मांग भाटी ने कहा — यह किसी दल का नहीं, बल्कि सीमा, पर्यावरण और राजस्थान की अस्मिता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की: ✔ ओरण–गोचर संरक्षण की विशेष नीति ✔ अनैतिक भूमि आवंटन पर रोक ✔ DNP क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य व शिक्षा ✔ पलायन रोकने के लिए विशेष पैकेज ✔ खेजड़ी संरक्षण पर कठोर कानून “जिन्होंने सीमा बचाई, आज वे अपनी जमीन बचाने को मजबूर हैं।” “कंपनियों के आगे घुटने मत टेकिए, सीमांत क्षेत्र को मजबूत कीजिए।”
“ओरण बचेगा तो सीमा बचेगी” — सीमांत राजस्थान की आवाज विधानसभा में गूंजी आज विधानसभा में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने सीमांत राजस्थान के पर्यावरण, लोगों के अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया। मुख्य बिंदु: • राजस्थान में लगभग 25,000 ओरण (करीब 6 लाख हेक्टेयर) — जल, वन्यजीवन और गोचर की जीवनरेखा • सीमांत जिलों (बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, फलौदी) में भूमि आवंटन पर सवाल • रामगढ़ में भूमि आवंटन से प्रभावित 80 परिवारों की चिंता • डेजर्ट नेशनल पार्क (DNP) क्षेत्र के लोग 45 वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित • सीमावर्ती गांवों में बढ़ता पलायन — सीमा सुरक्षा पर संभावित प्रभाव • घुमंतू समाजों को बसावट के लिए भूमि की मांग • सोलर व औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप • खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून की मांग भाटी ने कहा — यह किसी दल का नहीं, बल्कि सीमा, पर्यावरण और राजस्थान की अस्मिता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की: ✔ ओरण–गोचर संरक्षण की विशेष नीति ✔ अनैतिक भूमि आवंटन पर रोक ✔ DNP क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य व शिक्षा ✔ पलायन रोकने के लिए विशेष पैकेज ✔ खेजड़ी संरक्षण पर कठोर कानून “जिन्होंने सीमा बचाई, आज वे अपनी जमीन बचाने को मजबूर हैं।” “कंपनियों के आगे घुटने मत टेकिए, सीमांत क्षेत्र को मजबूत कीजिए।”
- पाली रोड शताब्दी सर्किल के पास टैकर मे लगी आग #आग1
- Post by Mularam Panwar1
- बालोतरा । सिवाना पुलिस टीम ने कार्यवाही कर अवैध पिस्तौल बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- परीक्षा देने जा रही 8 वीं की छात्रा की हत्या, झाड़ियों मे मिला शव, रेप की आसान का सेंटर पर नहीं पहुंची तो टीचर्स ने घर किया फोन राहुल सेवग श्रीकोलायत रणजीतपुरा थाना क्षेत्र मे 8वीं क्लास में की छात्रा का अर्धनग्न हालत में शव मिला है। छात्रा पास की ढाणी से स्कूल में आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने घर से निकली थी, लेकिन एग्जाम सेंटर तक नहीं पहुंची। तो स्कूल टीचर्स ने घर पर सूचना दी। परिजनों ने तलाश की तो नहर के पास झाड़ियों में शव मिला। घटना रणजीतपूरा के पास एक गांव में शनिवार दोपहर की है। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजन एफएसएल टीम से साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि बच्ची का शव मिला है। FSL टीम मौके पर पहुंच गई है। लड़की के साथ रेप हुआ है या नहीं? इसकी पुष्टि अब तक नहीं हुई। पोस्टमॉर्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ढाणी से दो किलोमीटर जाती थी पैदल परिजनों ने बताया कि छात्रा (13) अपने घर से करीब 2 किलोमीटर पैदल स्कूल जाती थी। उसका 8वीं बोर्ड का एग्जाम चल रहा है। सुबह बच्ची घर से परीक्षा देने निकली थी। सेंटर पर नहीं पहुंचने पर स्कूल प्रशासन ने हमें सूचना दी। परिजनों का कहना कि बच्ची 12:15 बजे घर से निकली थी और करीब 1:46 बजे स्कूल प्रशासन से सूचना आई कि वह स्कूल नहीं पहुंची है। इसके बाद हम लोगों ने तलाश शुरू कर दी। थोड़ी दूर पहुंचे तो बच्ची का शव्र अर्द्धनग्न हाल में पड़ा था। सूचना पर पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। FSL टीम ने जुटाए सबूत पुलिस का कहना है- नाबालिग लड़की के शव का मौका मुआयना करने और सबूत जुटाने के लिए FSL टीम को मौके पर बुलाया गया है। टीम सबूत जुटा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।1
- बढ़ती चोरिया जनता में खौफ जोधपुर में लगातार बढ़ती चोरियों में आज एक ओर चोरी आई सामने त्रिपोलिया बाजार में आजअज्ञात चोर द्वारा दुकान के बाहर रखी कपड़े की गांठ 3 बजे के आस पास चुरा ले गए । क्या चोरों में पुलिस का खौफ खत्म हो गया हे जो रोज किसी ना किसी जगह पर चोरिया देखने को मिल रही हे । क्या पुलिस प्रशाशन इन चोरों पे शिकंजा कस पाएगी ।1
- जोधपुर जोधपुर जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने आज प्रेस वार्ता कर के SIR की जानकारी दी इस दौरान उन्होने कहा की एसआईआर का कार्यक्रम है । उसका फाइनल प्रकाशन किया जा रहा है, उसी संदर्भ में ये प्रेस ब्रिफिग ओगेनाइज की जा रही है, जिसके पश्चात ये प्रेस नोट भी जारी किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि विदित है कि 27 अक्टूबर 2025 को इलेक्शन कमीशन के द्वारा एसआईआर की घोषणा की गई थी, राजस्थान के अंदर उसके बाद में इसका प्रथम फेज चला था, 4 नवंबर से लेकर 11 ,4 नवंबर से लेकर सोलह 11 नवंबर तक 11 दिसंबर तक इसका फर्स्ट फेज चला था और जिसका ग्राफ प्रकाशन 16 दिसंबर को हुआ। उसके बाद में 16 दिसंबर से लेके 19 जनवरी तक दावे आपत्ती वाला पीरियड था और उसके बाद में आज सारे दावे आपत्ति सबको सुनकर निस्तारण कर कर फाइनल प्रकाशन का आज किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जब 27 अक्टूबर को एसआईआर चालू हुआ था । उस समय अपने जिले के अंदर आठों विधानसभाओं में मिला के कुल 23 लाख एक हजार 1952 मतदाता थे। फिर जब 16 दिसंबर को डाफ प्रकाशन किया था तो फेज वन के अंदर जितने भी आपके ओरिजिनल मतदाता थे सभी के इनोमरेशन फॉर्म जनरेट हुए थे, वो फॉर्म मतदाताओं को सभी को बीएलओ के माध्यम से घर-घर जा के डिलीवर किए गए थे, उनको मतदाताओं को भर के बीएलओ को मतदाताओं को उसको भर के बीएलओ को वापिस रिटर्न करना था, तो जिन-जिन के भी फॉर्म वापिस आ गए थे उन सभी का नाम ड्राफ्ट प्रकाशन के अंदर आया था, 23 लाख एक हजार 352 से स्टार्ट किया था, 27 अक्टूबर को और जब 16 दिसंबर को ड्राफ्ट प्रकाशन किया था उस समय। मतदाता घट के 20 लाख 33 हजार 5 सौ इक्कीस रह गए थे, लगभग 2 लाख सत्तावन हजार मतदाता ऐसे थे जिनके फॉर्म विभिन्न कारणों से वापिस नहीं आए थे, उसके बाद में दावे आपत्तियों का ये पीरियड भी चला था और साथ में जो कोई मतदाता यदि रह गए थे या गलत कट सबको फॉर्म छह या फॉर्म सात फॉर्म आठ ये सब भरने का भी टाइम पीरियड था, तो इस पूरे टाइम पीरियड के अंदर बावन हजार दो सौ पैंतालीस लोगों ने अपना फॉर्म छह बढ़ा, फॉर्म छह का मतलब है कि आप अपना नाम मतदाता के अंदर जुड़वाना चाहते हैं इस अवधि में जो फॉर्म छह भरे गए उनमें नॉर्मल फॉर्म छह के साथ-साथ एक एनएक्सएल फोर डीबी जोड़ा गया था कमीशन के द्वारा जिसमें अगेन दो हजार दो वाली मैपिंग या फिर जो दस्तावेज हैं उनको लगाना अनिवार्य था साथ ही इस अवधि के दौरान चार हजार नौ सौ चौरासी अपने फॉर्म सात आए थे फॉर्म सात है वोटर डिलीशन के लिए कि इस अवधि में मान लीजिए कोई डेड हो गए हो या कोई शिफ्ट हो गए हो या किसी भी प्रकार से और बीस हजार चार सौ चौंसठ फॉर्म आठ आए थे ये फॉर्म आठ होते हैं l अपनी शुद्धि के लिए कि आप यदि देखते हैं आपके वोटर आईडी कार्ड में कहीं कोई एंट्री गलत है या अपना कोई एड्रेस चेंज हो जाए या कोई अह कोई भी अपना कोई शुद्धिकरण कराना हो उसके लिए परामर्श करते हैं तो इस प्रकार से जो ड्राफ्ट प्रकशन था अपना वो 16 दिसंबर को हुआ था बीस लाख तैंतालीस हजार पाँच सौ इक्कीस मतदाताओं का इसके अंदर ये नए फॉर्म 52235 आए और 8984 फॉर्म सात माइनस हुए तो कुल मिला आज जो अंतिम प्रकाशन हो रहे हैं, ये हो रहा है 20 लाख सतानवे हजार नौ सौ इकहत्तर। ये अपने फाइनल पूरे जिले की मतदाता सूची का आज ये प्रकाशन हो रहा है, इन 20 लाख सतानवे हजार नौ सौ इकहत्तर में से 10 लाख बयान्वे हजार आठ सौ इकतालीस पुरुष मतदाता हैं, 10 लाख पाँच हजार सतानवे महिला मतदाता हैं और 33 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं, एसआईआर में एक और कार्य हुआ था कि पूर्व में पंद्रह सौ मतदाताओं पे एक बूथ होता था, तब अपने जिले में बूथों की संख्या दो हजार अस्सी हुआ करती थी, अब कमीशन ने इलेक्शन को और एकसेसबल बनाने के लिए, वोटिग को और आसान बनाने के लिए बारह सौ मतदाताओं पे एक बूथ का नोब नया लगाया है, उससे बूथों का रिकोरगेनाइजेशन भी हुआ और कुछ नए बूथ भी बने और आप अपने कुल मिला के चौबीस सौ पैंसठ बूथ अपने बनते हैं l अपनी मतदाता सूचियों में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या सोलह हजार तीन सौ सैंतालीस है और जो सर्विस वोटर होते हैं उनकी संख्या छह हजार चार सौ सत्तर है, आज ये जो फाइनल प्रकाशन किया जा रहा है इसमें विधानसभा वार सभी की जो जो मतदाता सूचियाँ हैं उनकी एक-एक हार्ड कोपी वो सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को दे दी गई है। उसके अलावा जो सॉफ्ट कोपी जो पेन डाइव में होती है बिना फोटो कॉली वो भी राजनीतिक दलों को दे दी गई है। इसकी पूरी एक कोपी अपनी जो जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट है उसके ऊपर भी अपलोड कर दी गई है। जो राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी महोदय उनकी वेबसिट पर भी इसकी प्रति अपलोड हो गई है। अभी आज जो प्रकाशन है इस पे भी यदि कहीं किसी को आपत्ति है किसी वोटर को या कुछ अशुद्धि रह गई है कुछ गलत है तो कोई भी वोटर अगले पंद्रह दिन तक यहाँ जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने अपील कर सकता है और फिर जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं होने पर तीस दिन के भीतर अगले तीस दिन के भीतर सॆकेड अपील वो मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान के कार्यालय में कर सकते हैं तो इस प्रकार से जो सत्ताईस अक्टूबर को एस आई आर का कार्य चालू हुआ था, अपने जिले में आज ये फाइनल प्रकाशन के बाद में ये कार्य समाप्त हो चुका है ।2
- कुछ तस्वीरें यकीन दिलाती हैं कि वक्त सच में कितना खूबसूरत था… चारों तरफ सादगी भरा जीवन, गाँव की पगडंडियाँ, चौपाल पर बैठे बुज़ुर्ग, एक-दूसरे से बातें करते हुए उनके चेहरों की सच्ची मुस्कान। कपड़े भले साधारण थे, साधन कम थे, लेकिन दिलों में सुकून और जिंदगी में असली खुशी थी। आज सुविधाएँ बढ़ गई हैं, पर वो अपनापन, वो सादगी और वो सुकून कहीं पीछे छूट गया सा लगता है। कभी-कभी लगता है… कम में भी बहुत कुछ था, क्योंकि तब जिंदगी में दौड़ कम और खुशियाँ ज्यादा थीं।1
- शेरगढ़ के उपखंड कार्यालय के पास श्रवण सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर सार्वजनिक प्रयोग का उद्घाटन शेरगढ़ प्रधान सरवन सिंह जोधा एसडीएम अधिकारी वह महंत शिव गिरी महाराज सांनिध्य में शुभारंभ किया गया1
- जोधपुर राजस्थान के राज्यपाल आदरणीय हरिभाऊ बागड़े आज जोधपुर प्रवास के दौरान केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के निज निवास पहुंचे। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने राज्यपाल का निवास पर परिवार सहित स्वागत अभिनंदन किया। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने उनको स्मृति चिन्ह भेंट किया।1