उनियारा: औषधीय खेती से संवरेगी किसानों की किस्मत, प्रशिक्षण शिविर में दी 'बीज से बाजार' तक की जानकारी उनियारा (टोंक)। भारतीय किसान संघ टोंक जिला शाखा के तत्वाधान में कृषि मंडी हॉल में जैविक एवं औषधीय खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रगतिशील किसानों ने आधुनिक और व्यावसायिक खेती के गुर सीखे और औषधीय फसलों के माध्यम से आय बढ़ाने का संकल्प लिया। गुरुकृपा फार्म पर लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला के बाद किसानों ने उनियारा के समीप स्थित गुरुकृपा ऑर्गेनिक हर्बल फार्म का भ्रमण किया। यहाँ फार्म के निदेशक और स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के विशेष अतिथि रहे प्रगतिशील किसान मोहन नागर ने किसानों को औषधीय फसलों की बारीकियों से रूबरू कराया। किसानों ने फार्म पर स्टेविया, सतावर, सर्पगंधा, अश्वगंधा, ईरानी अकरकरा और मोरिंगा जैसी फसलों का जीवंत प्रदर्शन देखा। बीज से बाजार तक का मार्ग प्रशस्त प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मोहन नागर ने सफेद मूसली, अश्वगंधा, चिया सीड्स और स्टीविया जैसी फसलों की खेती की तकनीक साझा की। उन्होंने जोर देते हुए कहा: "वर्तमान महंगाई के दौर में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक औषधीय खेती अपनानी चाहिए। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि उन्हें एक नई पहचान और सम्मान भी मिलेगा।" नागर ने बीज चयन से लेकर फसल कटाई और बाजार प्रबंधन तक की विस्तृत जानकारी दी। फसल बीमा और मंडी व्यवस्था पर चर्चा भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद चौधरी ने कार्यशाला में किसानों को आपदा प्रबंधन और फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई। कार्यशाला के उपरांत पदाधिकारियों ने मंडी में चल रही सरसों की तुलाई का औचक निरीक्षण भी किया। चौधरी ने मंडी सचिव को सख्त हिदायत दी कि किसी भी किसान से निर्धारित बरदान (वजन) से अधिक सरसों नहीं ली जानी चाहिए। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में जयपुर प्रांत प्रभारी पोखर चौधरी, प्रांत प्रतिनिधि रामस्वरूप धाकड़, जिला मंत्री विजय कुमार ताखर, जिला उपाध्यक्ष प्रभुलाल मीणा, रामगोपाल जाट, बद्री लाल जाट, तहसील अध्यक्ष नीम लाल गुर्जर, कर्नल मुकुट बिहारी जांगिड़ सहित लगभग 50 प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
उनियारा: औषधीय खेती से संवरेगी किसानों की किस्मत, प्रशिक्षण शिविर में दी 'बीज से बाजार' तक की जानकारी उनियारा (टोंक)। भारतीय किसान संघ टोंक जिला शाखा के तत्वाधान में कृषि मंडी हॉल में जैविक एवं औषधीय खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रगतिशील किसानों ने आधुनिक और व्यावसायिक खेती के गुर सीखे और औषधीय फसलों के माध्यम से आय बढ़ाने का संकल्प लिया। गुरुकृपा फार्म पर लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला के बाद किसानों ने उनियारा के समीप स्थित गुरुकृपा ऑर्गेनिक हर्बल फार्म का भ्रमण किया। यहाँ फार्म के निदेशक और स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के विशेष अतिथि रहे प्रगतिशील किसान मोहन नागर ने किसानों को औषधीय फसलों की बारीकियों से रूबरू कराया। किसानों ने फार्म पर स्टेविया, सतावर, सर्पगंधा, अश्वगंधा, ईरानी अकरकरा और मोरिंगा जैसी फसलों का जीवंत प्रदर्शन देखा। बीज से बाजार तक का मार्ग प्रशस्त प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मोहन नागर ने सफेद मूसली, अश्वगंधा, चिया सीड्स और स्टीविया जैसी फसलों की खेती की तकनीक साझा की। उन्होंने
जोर देते हुए कहा: "वर्तमान महंगाई के दौर में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक औषधीय खेती अपनानी चाहिए। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि उन्हें एक नई पहचान और सम्मान भी मिलेगा।" नागर ने बीज चयन से लेकर फसल कटाई और बाजार प्रबंधन तक की विस्तृत जानकारी दी। फसल बीमा और मंडी व्यवस्था पर चर्चा भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद चौधरी ने कार्यशाला में किसानों को आपदा प्रबंधन और फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई। कार्यशाला के उपरांत पदाधिकारियों ने मंडी में चल रही सरसों की तुलाई का औचक निरीक्षण भी किया। चौधरी ने मंडी सचिव को सख्त हिदायत दी कि किसी भी किसान से निर्धारित बरदान (वजन) से अधिक सरसों नहीं ली जानी चाहिए। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में जयपुर प्रांत प्रभारी पोखर चौधरी, प्रांत प्रतिनिधि रामस्वरूप धाकड़, जिला मंत्री विजय कुमार ताखर, जिला उपाध्यक्ष प्रभुलाल मीणा, रामगोपाल जाट, बद्री लाल जाट, तहसील अध्यक्ष नीम लाल गुर्जर, कर्नल मुकुट बिहारी जांगिड़ सहित लगभग 50 प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
- ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया प्रभाग द्वारा आयोजित 'मीडिया सेमिनार और सम्मान समारोह' में वक्ताओं ने समाज निर्माण में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'विश्व शांति, एकता और विश्वास निर्माण में मीडिया की सकारात्मक भूमिका' रहा। मुख्य बिंदु: मीडिया 'शेप मेकर' के रूप में: मुख्य वक्ता राजयोगिनी बीके चंद्रकला दीदी ने मीडिया को 'शेप मेकर्स' (Shape Makers) की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज को जिस दिशा में चाहे, उस दिशा में मोड़ सकता है और एक नया आकार दे सकता है। सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता: चर्चा के दौरान जयपुर के एक प्रमुख समाचार पत्र का उदाहरण दिया गया, जो हर सोमवार को 'नो नेगेटिव न्यूज़' (No Negative News) की पहल चलाता है। इस पहल की सराहना करते हुए कहा गया कि नकारात्मकता के दौर में ऐसी खबरें समाज में आशा का संचार करती हैं। अहिंसा और वैश्विक शांति: महावीर जयंती के संदर्भ में अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले देशों का उल्लेख किया गया। वक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया के माध्यम से ही अहिंसा और शांति के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाया जा सकता है। निष्कर्ष: सेमिनार में यह निष्कर्ष निकाला गया कि मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच को दिशा देने वाला एक शक्तिशाली उपकरण है। यदि मीडिया अपनी जिम्मेदारी को सकारात्मकता और नैतिकता के साथ निभाए, तो विश्व शांति और एकता का लक्ष्य पाना संभव है।1
- बदायूं हादसा: डबल डेकर बस की टक्कर में 2 की दर्दनाक मौत,#uttarpradesh #badayunnews #latestupdates1
- अगर आप बीमार हैं और किस्मत से उस दिन सरकारी छुट्टी है, तो कृपया टोंक के सआदत अस्पताल में दिखाने से पहले 100 बार सोच लीजिए क्योंकि वहां पर इमरजेंसी सेवा खुद इमरजेंसी में है एक डॉक्टर के भरोसे और वह भी नाक कान या दांत ,आंखों के विशेषज्ञ हो सकते हैं। को आप अपनी बीमारी दिखा रहे हे, आपको छुट्टी के दिन इमरजेंसी में अपनी बीमारी दिखाने मैं बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जिसमें आपको पर्ची कटवाने के लिए, डॉक्टर को दिखाने के लिए, दवाई लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में कई जगह घंटों तक खड़ा रहना पड़ सकता है। आखिर कब सुधरेंगे यह अस्पताल के हालात ?देखें पूरा वीडियो और इस पर अपना कमेंट जरुर करें कि आखिर प्रशासन की यह लापरवाही किस तरह से मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है।1
- सालों इंतज़ार के बाद टोंक के सआदत अस्पताल के प्रशासन में बदलाव हुआ, लेकिन क्या सिर्फ कुर्सियां बदलने से जनता का भला होगा? आज भी अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था दम तोड़ रही है। ज़िले का मुख्य अस्पताल CT Scan,x-ray जैसी इमरजेंसी व्यवस्था 24/7 आम जन हित चालू रहनी चाहिए आख़िर कब सुधरेगी सआदत अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था आम जन हित की परेशानी को देखते अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए 🖋️🖋️🖋️🖋️🖋️1
- सवाई माधोपुर यातायात नियमों को लेकर आज विशेष अभियान चलाया गया। जिसमें मॉडिफिकेशन के विरुद्ध मोटरसाइकिल में मॉडिफाई साइलेंसर, मॉडिफाइड नंबर प्लेट, मॉडिफाइड हॉर्न आदि को लेकर विशेष अभियान चलाया एवं जागरूक किया।1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र में मलारना स्टेशन पर आज कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की चौथी पूर्ण तिथि पर मनाई गई इस अवसर पर अगरबत्ती लगाकर दीपक जलाकर पुष्प अर्पित कर कर्नल बैसला को श्रद्धांजलि दी दर्जनों गांव से आए लोगों ने कर्नल साहब की मूर्ति को एक-एक कर पुष्प अर्पित किए तथा सभी ने मिलकर 2 मिनट का मोन रखा गया इस अवसर पर श्यामोली गांव से पांच पटेलों में प्रभु लाल गुर्जर पंचायत समिति सदस्य दूल्हीराम गुर्जर, हरि सिंह गुर्जर, राम खिलाड़ी गुर्जर, सांकड़ा गांव से संपत गुर्जर, राम सिंह गुर्जर, हंसा गुर्जर, हीरालाल गुर्जर, कोथाली गांव से धनपाल गुर्जर, राजन गुर्जर, जलधारी गुर्जर, राजेश गुर्जर, रामकेश गुर्जर, श्याम लाल गुर्जर मलारना स्टेशन से चतुर लाल गुर्जर राम प्रसाद गुर्जर पूर्व पंचायत समिति सदस्य हरगोविंद गुर्जर,नागाराम गुर्जर, बिलोली नदी से हरिकेश गुर्जर ईमित्र आरके पटेल भूरा गुर्जर इसी तरीके से मकसूदनपुरा से सरपंच मोरसिंह गुर्जर बलराम ठेकेदार रूप सिंह गांगुली आदि कई गांवों से लोग मौजूद थे कर्नल साहब को याद कर कर्नल साहब अमर रहे के नारे लगाए गए करीब 7:00 तक लोग आते रहे और कर्नल बैसला को पुष्प अर्पित कर रहे हैं2
- डेरू माता मेला: 400 साल पुरानी आस्था में उमड़ा जनसैलाब,#rajasthan #baran #antanews #latestupdates1