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कटिहार के मनिहारी स्थित नीमा कब्रिस्तान कमेटी ने आज से पौधा लगाने का अभियान शुरू किया है। इस नेक पहल का उद्देश्य कब्रिस्तान को हरा-भरा कर, आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देना है। समिति ने सभी निवासियों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
Md iftekhar ansari
कटिहार के मनिहारी स्थित नीमा कब्रिस्तान कमेटी ने आज से पौधा लगाने का अभियान शुरू किया है। इस नेक पहल का उद्देश्य कब्रिस्तान को हरा-भरा कर, आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देना है। समिति ने सभी निवासियों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
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- साहिबगंज जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, जीरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के कबूतरखोपी गांव में छापेमारी कर 3.440 किलोग्राम गांजा के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए साहिबगंज सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि कबूतरखोपी गांव में एक महिला गांजे की खरीद-बिक्री कर रही है। इस सूचना के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ने एक स्पेशल टीम का गठन किया और दंडाधिकारी की मौजूदगी में कबूतरखोपी गांव के एक घर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, घर से दो प्लास्टिक के डिब्बों में रखा गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार महिला पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(11)/(C) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि महिला के पास इतनी भारी मात्रा में गांजा कहां से आया, इस संबंध में अभी अनुसंधान जारी है और पुलिस गांजा के नेटवर्क के संचालन स्रोत का पता लगा रही है।2
- झारखंड के बड़ातालबोना गांव से एक हैरान कर देने वाला दृश्य सामने आया है, जहां एक वीडियो में भूत को इधर-उधर घूमते हुए देखा जा सकता है।1
- कटिहार पुलिस प्रशासन आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय हो गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं और पूरे जिले में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगभग 1000 पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। इन पुलिसकर्मियों को जिले के विभिन्न संवेदनशील स्थानों, प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा, साथ ही पुलिस पदाधिकारियों को भी विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा सके। प्रशासन जिले के सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित कर रहा है। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक नेताओं और स्थानीय गणमान्य लोगों को शामिल कर आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की जा रही है। एसपी चौधरी ने यह भी बताया कि पूर्व में विधि-व्यवस्था प्रभावित करने वाले या अशांति फैलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस बार विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे विभिन्न पोस्ट और संदेशों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यदि कोई व्यक्ति भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी शिखर चौधरी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध सूचना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें। उन्होंने कटिहार की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखते हुए सभी लोगों से मिल-जुलकर बकरीद का पर्व मनाने का आग्रह किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- कदवा पंचायत के तेजस शिक्षण संस्थान परिसर में जनसुराज नेताओं ने कदवा और डंडखौड़ा प्रखंड के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता पप्पू विश्वास ने की, जिन्होंने जिला और प्रदेश के जनसुराजी नेताओं को एक-एक कर अपनी बात रखने का अवसर दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन विस्तार पर चर्चा करना और लोगों को जनसुराज से जोड़ने की रणनीति तैयार करना था। इस मौके पर पूर्व प्रत्याशी मोहम्मद सहरयार भी उपस्थित थे। जनसुराज के नेताओं ने संगठन की मजबूती पर विशेष जोर दिया।1
- देश में व्याप्त गरीबी और भुखमरी के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए, इस पर सवाल उठाते हुए, एक सोशल मीडिया पोस्ट में धर्म के नाम पर की जा रही भोजन की भारी बर्बादी पर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है। पोस्ट में विशेष रूप से बताया गया है कि धार्मिक आयोजनों में 101 किलोग्राम आम रस और 30 क्विंटल गन्ने के रस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि यह विशाल मात्रा में आम रस और गन्ने का रस किसी गरीब परिवार या किसी भी आम आदमी के पेट में जाता, तो उससे अपार दुआएं और आशीर्वाद मिलते। सवाल उठाया गया है कि आखिर ऐसा कौन सा धर्म-कर्म है जो इस तरह की बर्बादी को बढ़ावा देता है, और इस प्रथा को देश की गरीबी तथा भुखमरी का जिम्मेदार बताया गया है।1
- गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवेश से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, जिसके चलते आदिवासी समाज ने राज्य में सियासी ‘गेम’ को बदल दिया है।1
- ईद-उल-अजहा बकरीद पर्व के मद्देनज़र, रौतारा में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक का उद्देश्य आगामी पर्व को लेकर शांति और सौहार्द सुनिश्चित करना था।1
- साहिबगंज जिले के मिर्जाचौकी थाना परिसर में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता साहिबगंज सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने की। मौके पर मिर्जाचौकी थाने के एसआई प्रवीण प्रभाकर, एएसआई पवन कुमार, एएसआई विल्सन हसदा, एएसआई कृष्णा सिंह सहित पुलिस अधिकारी, शांति समिति के सदस्य और दीप नारायण रजक, शिव शंकर गुप्ता, राजीव जायसवाल, बीरेन्द्र शाह, योगेंद्र तांती, सलामत अंसारी, नजीर अंसारी समेत दर्जनों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। बैठक के दौरान एसडीपीओ सुशील कुमार ने उपस्थित लोगों से बकरीद पर्व को शांति और सौहार्दपूर्ण भाईचारे के वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह न फैलाएं, क्योंकि प्रशासन की सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रहेगी। एसडीपीओ ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की घटना या परेशानी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने तय समय पर मस्जिद और ईदगाह में आपसी भाईचारे के साथ नमाज अदा करने का आह्वान किया। कुमार ने जोर देकर कहा कि पर्व के दौरान ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे दूसरे समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे और पर्व को सौहार्दपूर्ण एवं शांत वातावरण में मनाया जाए। उन्होंने सरकारी गाइडलाइन के तहत ही कुर्बानी की रस्म अदा करने की हिदायत दी और स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति खुली जगह या खुले तौर पर जानवर की कुर्बानी नहीं करेगा। इसके अतिरिक्त, कुर्बानी के बाद मलवे को कहीं भी फेंकने पर भी रोक लगाई गई। इस दौरान, शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए।3