सुकमा जिले के शिक्षा जगत में अग्रणी भूमिका निभाने वाली और रामाराम गांव की प्राथमिक शाला में दशकों तक सेवा देने वाली सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती फुलवती दास का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार 12.07.2026, रविवार को दोपहर 3 बजे उनके निवास स्थान नाकापारा, सुकमा से पटनमपारा कब्रिस्तान के लिए निकाला जाएगा। उनके निधन से सुकमा जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अत्यंत समर्पित सेविका को खो दिया है। श्रीमती फुलवती दास ने 1960 के दशक में, जब सुकमा विधानसभा क्षेत्र के दक्षिणांचल में शिक्षा की स्थिति बेहद कमजोर थी, अपने पति स्वर्गीय क्राइष्ट दास के साथ मिलकर रामाराम गांव की प्राथमिक शाला में अपनी सेवाएं देना शुरू किया था। दोनों पति-पत्नी ने मिलकर इस दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा का दीप प्रज्वलित किया और गांव को शिक्षित बनाने की मजबूत नींव रखी। उन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से अध्यापन कार्य कर इस क्षेत्र की कई पीढ़ियों का भविष्य संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका पूरा परिवार शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा है और सुकमा में शिक्षा के प्रसार में उनका अहम योगदान है। उनके परिजनों में सेवानिवृत्त शिक्षक दिवाकर दास, स्वर्गीय शुभाकर दास (सेवानिवृत्त शिक्षक), श्रीमती दीपिका सिंह (सेवानिवृत्त शिक्षक), श्रीमती रेणुका सुना (सेवानिवृत्त शिक्षक एवं भाजपा महिला मोर्चा की सक्रिय सदस्य), प्रभाकर दास (सेवानिवृत्त शिक्षक) और महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती अनीता सिंह शामिल हैं। उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
सुकमा जिले के शिक्षा जगत में अग्रणी भूमिका निभाने वाली और रामाराम गांव की प्राथमिक शाला में दशकों तक सेवा देने वाली सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती फुलवती दास का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार 12.07.2026, रविवार को दोपहर 3 बजे उनके निवास स्थान नाकापारा, सुकमा से पटनमपारा कब्रिस्तान के लिए निकाला जाएगा। उनके निधन से सुकमा जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अत्यंत समर्पित सेविका को खो दिया है। श्रीमती फुलवती दास ने 1960 के दशक में, जब सुकमा विधानसभा क्षेत्र के दक्षिणांचल में शिक्षा की स्थिति बेहद कमजोर थी, अपने पति स्वर्गीय क्राइष्ट दास के साथ मिलकर रामाराम गांव की प्राथमिक शाला में अपनी सेवाएं देना शुरू किया था। दोनों पति-पत्नी ने मिलकर इस दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा का दीप प्रज्वलित किया और गांव को शिक्षित बनाने की मजबूत नींव रखी। उन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से अध्यापन कार्य कर इस क्षेत्र की कई पीढ़ियों का भविष्य संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका पूरा परिवार शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा है और सुकमा में शिक्षा के प्रसार में उनका अहम योगदान है। उनके परिजनों में सेवानिवृत्त शिक्षक दिवाकर दास, स्वर्गीय शुभाकर दास (सेवानिवृत्त शिक्षक), श्रीमती दीपिका सिंह (सेवानिवृत्त शिक्षक), श्रीमती रेणुका सुना (सेवानिवृत्त शिक्षक एवं भाजपा महिला मोर्चा की सक्रिय सदस्य), प्रभाकर दास (सेवानिवृत्त शिक्षक) और महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती अनीता सिंह शामिल हैं। उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
- सुकमा जिले के कोंटा स्थित जिला सहकारी बैंक में रविवार को अचानक शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में बैंक का इंटरनेट सर्वर बॉक्स जल गया है, जबकि बैंक के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित हैं। इस घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल बैंक में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।3
- बस्तर जिले की ग्राम पंचायत तेली मारेगा के रहने वाले रघु चंद्र खरे का बिजली बिल पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के बाद अब शून्य हो गया है। इससे पहले उनका हर महीने का बिजली बिल लगभग 1500 रुपये आता था। इस योजना के तहत अपने घर पर 3KW का सोलर पैनल लगवाने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह से शून्य हो गया है और वे इस योजना के लाभार्थी बन गए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने शिरकत की। न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने स्कूल के विद्यार्थियों को जनसंख्या संतुलन और परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों, बाल संरक्षण नियमों, पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा तथा निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारियां प्रदान कीं।1
- कांकेर के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम भुसकी गोपालटोला में एक अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से ट्रांसफार्मर लगा बिजली का पोल टूट गया है। इस हादसे के कारण पिछले चार दिनों से गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और पूरा गोपालटोला अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के घरेलू काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री नरोत्तम राठिया ने जानकारी दी है कि मरम्मत के लिए सामग्री की व्यवस्था की जा रही है और आगामी एक-दो दिनों में पोल को ठीक करके आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।1
- सुकमा के कोंटा स्थित जिला सहकारी बैंक में रविवार को सर्वर में शॉर्ट सर्किट होने से अचानक आग लग गई। धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तत्काल संबंधित विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और समय रहते आग पर काबू पा लिया। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित सूचना के चलते एक बड़ी दुर्घटना टल गई तथा आग बैंक के अन्य हिस्सों तक नहीं फैल सकी। इस घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल राजस्व विभाग द्वारा बैंक में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।1