बागपत जिले के खेकड़ा निवासी पंकज धामा की सहादरा रेलवे स्टेशन पर एक छोटी सी कहासुनी के बाद कुछ दबंगों ने हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद मृतक के परिजनों और बहुजन मुक्ति पार्टी ने हमलावरों को फाँसी देने तथा पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गादरे ने अपनी टीम के साथ मृतक पंकज धामा, पुत्र श्री राजेन्द्र सिंह धामा, के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। गादरे ने घटना की फुटेज देखने के बाद एक पुलिसकर्मी को भी दोषी ठहराया, आरोप है कि 8-10 दबंगों द्वारा हमले के दौरान पुलिसकर्मी ने कोई बीच-बचाव नहीं किया, जिससे पंकज को गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही होश खो दिए, जिसके फलस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। पंकज धामा की उम्र करीब 34 वर्ष थी और उनके पीछे साढ़े चार साल का एक बेटा तथा डेढ़ साल की एक बेटी है, जिनकी माँ का इस दुखद घड़ी में बुरा हाल है। इस दुखद घटना के बाद खेकड़ा और आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोग पंकज धामा के घर पहुँचे और शोक संतप्त परिजनों को ढाँढस बँधाया। राजुद्दीन गादरे ने घटना की गहनता से जाँच करने, दोषियों को तत्काल फाँसी की सज़ा देने और परिवार को करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस मामले में सख्ती से कदम उठाने का आह्वान किया। उनके साथ मोहम्मद असलम सैफी, मेरठ मंडल अध्यक्ष चौधरी गुल्लू बादशाह, चौ राजकुमार कृष्णपाल चौधरी फूल सिंह रविंद्र सिंह बाबा रणवीर सिंह कृपाल सिंह बंटी धामा गुल्लू बादशाह एडवोकेट शाइस्ता एंजेल निशांत धाम राजेश जयसवाल अनुज पासवान अतुल कुमार ओमवीर सिंह यादव सहित कई अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने सरकार से इन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया।
बागपत जिले के खेकड़ा निवासी पंकज धामा की सहादरा रेलवे स्टेशन पर एक छोटी सी कहासुनी के बाद कुछ दबंगों ने हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद मृतक के परिजनों और बहुजन मुक्ति पार्टी ने हमलावरों को फाँसी देने तथा पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गादरे ने अपनी टीम के साथ मृतक पंकज धामा, पुत्र श्री राजेन्द्र सिंह
धामा, के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। गादरे ने घटना की फुटेज देखने के बाद एक पुलिसकर्मी को भी दोषी ठहराया, आरोप है कि 8-10 दबंगों द्वारा हमले के दौरान पुलिसकर्मी ने कोई बीच-बचाव नहीं किया, जिससे पंकज को गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही होश खो दिए, जिसके फलस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। पंकज धामा की उम्र करीब 34 वर्ष थी और उनके पीछे साढ़े चार साल का एक बेटा तथा
डेढ़ साल की एक बेटी है, जिनकी माँ का इस दुखद घड़ी में बुरा हाल है। इस दुखद घटना के बाद खेकड़ा और आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोग पंकज धामा के घर पहुँचे और शोक संतप्त परिजनों को ढाँढस बँधाया। राजुद्दीन गादरे ने घटना की गहनता से जाँच करने, दोषियों को तत्काल फाँसी की सज़ा देने और परिवार को करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने शासन-प्रशासन
से इस मामले में सख्ती से कदम उठाने का आह्वान किया। उनके साथ मोहम्मद असलम सैफी, मेरठ मंडल अध्यक्ष चौधरी गुल्लू बादशाह, चौ राजकुमार कृष्णपाल चौधरी फूल सिंह रविंद्र सिंह बाबा रणवीर सिंह कृपाल सिंह बंटी धामा गुल्लू बादशाह एडवोकेट शाइस्ता एंजेल निशांत धाम राजेश जयसवाल अनुज पासवान अतुल कुमार ओमवीर सिंह यादव सहित कई अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने सरकार से इन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया।
- मेरठ के समर गार्डन इलाके में एक खाली प्लॉट में कूड़ा जलाने के दौरान एक जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के कई घरों के शीशे टूट गए।1
- मेरठ के समर गार्डन क्षेत्र में एक खाली प्लॉट में कूड़ा जलाते समय जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके के कारण कई आस-पास के घरों के शीशे टूट गए।1
- अटल सेतु क्या है और इसने ऐसी कौन सी प्रसिद्धि प्राप्त की है कि हर किसी का ध्यान इसकी ओर आकर्षित होता है, यह एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह भी है कि भारत के प्रधानमंत्री दामोदर दास नरेंद्र मोदी ने अपने 12 वर्ष के राजनीतिक कार्यकाल में ऐसा क्या किया, जिससे अटल सेतु इतना चर्चा और आकर्षण का केंद्र बन गया है। पोस्ट अपने पाठकों को इस पूरी खबर को देखने और यह अनुभव करने के लिए आमंत्रित करती है कि आखिर अटल सेतु क्या है और इसकी प्रसिद्धि में क्या खास है।1
- मेरठ जिले में किसानों को खाद न मिल पाने के कारण वे काफी परेशान हैं। इसी समस्या को लेकर किसानों ने मेरठ कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया है।1
- पुलिस और प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसके निर्वहन में अधिकारी और जवान अक्सर बिना आराम और भोजन-पानी के घंटों ड्यूटी करते हैं। ऐसी स्थितियों में, कुछ लोग सहयोग करने के बजाय केवल वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने लगते हैं, जिससे कई बार उनकी कार्रवाई में बाधा उत्पन्न होती है। यह स्वीकार्य है कि पारदर्शिता आवश्यक है, लेकिन हर स्थिति को तमाशा बना देना उचित नहीं है। आपातकालीन परिस्थितियों में, नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे प्रशासन की मदद करें, सही जानकारी प्रदान करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। पुलिस और प्रशासन हमारे समाज का ही अभिन्न अंग हैं, जो दिन-रात हमारी सुरक्षा के लिए कार्य करते हैं। ऐसे में उनका सम्मान करना और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग करना महत्वपूर्ण है, न कि अनावश्यक रूप से उनके कार्य में बाधा डालना। कानून-व्यवस्था को बनाए रखना सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आजकल किसी भी घटना के दौरान, लोग बिना पूरी जानकारी के सिर्फ वीडियो बनाने में व्यस्त हो जाते हैं, मानो हर जगह मोबाइल निकालकर रिकॉर्डिंग शुरू कर देना एक सामान्य आदत बन गई हो। यह सवाल उठता है कि क्या हर स्थिति में वीडियो बनाना ही सबसे अनिवार्य कार्य है?1
- कोतवाली थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड स्थित गुलमर्ग में हलीम बिरयानी खाने आई एक महिला का नोटों से भरा पर्स चोरी हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोर साफ नजर आ रहा है।2
- विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित विजय टॉकीज क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ा सौ साल से भी अधिक पुराना पीपल का एक विशाल वृक्ष इन दिनों लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। यह पेड़ करीब 60 डिग्री के कोण पर झुका हुआ है और तेज हवा चलने पर पूरी तरह हिलने लगता है, जिससे आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हवा का जोर बढ़ने पर इसकी मोटी डालियां तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं, जिससे बाजार में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल छा जाता है और लोग इसके नीचे से गुजरने से बचते हैं। यह स्थान नगर के प्रमुख व्यावसायिक मार्ग पर है, जहाँ दिन-रात वाहनों और लोगों की भारी आवाजाही रहती है। दुकानदारों ने बताया है कि उन्होंने कई बार इस पेड़ की छंटाई और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के प्रयास किए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। वहीं, धार्मिक आस्था भी इस प्राचीन पीपल वृक्ष को लेकर पहल करने में बाधा बन रही है, क्योंकि लोगों की श्रद्धा इससे जुड़ी हुई है। व्यापारियों ने गहरी आशंका जताई है कि यदि तेज आँधी या बारिश के दौरान यह पेड़ गिरा तो एक बड़ा हादसा हो सकता है। रात के समय गिरने की स्थिति में सामने स्थित मकानों को भी भारी नुकसान पहुँचने का डर है। इसी पृष्ठभूमि में, स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने नगर पालिका से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा है कि विशेषज्ञों की मदद से इस पेड़ को सुरक्षित किया जाए, आवश्यक छंटाई कराई जाए और इसे सहारा देने जैसे उपाय किए जाएँ, ताकि धार्मिक आस्था भी बनी रहे और संभावित हादसे का खतरा भी टल जाए।1
- मवाना में एक इंग्लिश वाइन शॉप के पास शराब के नशे में धुत लोगों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कैंटीन में शुरू हुई एक मामूली कहासुनी देखते ही देखते सड़क पर एक बड़े झगड़े में बदल गई, जहाँ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए। घटना की सूचना मिलने पर मवाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही बाइक सवार एक पक्ष मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर थाने लाई। अब पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने में जुटी है।1