हिंडौन सिटी में अखिल राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष कैलाश चन्द्रवाल के नेतृत्व में जिले के सभी कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों ने बुधवार को सहायक निदेशक सियाराम मीना को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राजस्थान के मुख्यमंत्री, कृषि आयुक्त, मुख्य सचिव, कृषि मंत्री और प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यान के नाम दिया गया है, जिसमें उनकी कई प्रमुख मांगें और विभाग से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया। इस अवसर पर कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों ने सहायक निदेशक कृषि कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया। ज्ञापन में बताया गया कि विभागीय लक्ष्यों को कड़ी मेहनत से पूरा करने के बावजूद किसानों को अनुदानित योजनाओं का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इससे कृषि विभाग के कर्मचारियों और किसानों के बीच संबंध खराब हो रहे हैं, जिसके कारण तत्काल भुगतान की मांग की गई है। साथ ही, कृषि विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के पास उचित संसाधनों की कमी के कारण ऑनलाइन कार्यों में काफी समस्या आ रही है। जिलाध्यक्ष चन्द्रवाल ने यह भी बताया कि 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत प्रत्येक कृषि पर्यवेक्षक को 300 से 400 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया जाता है, लेकिन गड्ढों की खुदाई, पौधों की खरीद और परिवहन के लिए कोई बजट नहीं मिलता है। जिला संयोजक गुमान सिंह चौधरी ने कृषि मैपर के कारण विभागीय कार्य करने में आ रही समस्याओं पर प्रकाश डाला, जबकि स्वयं कृषि आयुक्त ने सरलीकरण के अभाव में इस पर कार्य को असंभव बताया था। उन्होंने अधिकारियों द्वारा कार्य पूरा करने का दबाव बनाने पर भी आपत्ति जताई, जबकि कर्मचारियों के पास उच्च क्षमता वाले फोन नहीं हैं और उन्हें अपना रिचार्ज भी स्वयं करवाना पड़ता है। जिला संरक्षक अमरसिंह मीना ने बताया कि अधिकारी अक्सर शनिवार और रविवार की छुट्टियों में कार्य आदेश जारी करते हैं, जिससे कर्मचारियों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई प्रयोगों का भुगतान प्राथमिक कार्यकर्ताओं को समय पर करवाने की भी मांग की। इस दौरान जिला मंत्री सुशील मीना, जिला उपाध्यक्ष सुन्दर गुर्जर, जिला संयोजक सुनील सोलंकी, तरुण सिंह बेनीवाल, रश्मि मीना, खेलांति मीना, जनकराज मीना, लखन मीना, श्रीराम छाबड़ी, भोलूराम जाट, रामसिंह मीना और राजेंद्र मीना सहित जिले के सभी कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी मौजूद रहे।
हिंडौन सिटी में अखिल राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष कैलाश चन्द्रवाल के नेतृत्व में जिले के सभी कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों ने बुधवार को सहायक निदेशक सियाराम मीना को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राजस्थान के मुख्यमंत्री, कृषि आयुक्त, मुख्य सचिव, कृषि मंत्री और प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यान के नाम दिया गया है, जिसमें उनकी कई प्रमुख मांगें और विभाग से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया। इस अवसर पर कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों ने सहायक निदेशक कृषि कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया। ज्ञापन में बताया गया कि विभागीय लक्ष्यों को कड़ी मेहनत से पूरा करने के बावजूद किसानों को अनुदानित योजनाओं का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इससे कृषि विभाग के कर्मचारियों और किसानों के बीच संबंध खराब हो रहे हैं, जिसके कारण तत्काल भुगतान की मांग की गई है। साथ ही, कृषि विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के पास उचित संसाधनों की कमी के कारण ऑनलाइन कार्यों में काफी समस्या आ रही है। जिलाध्यक्ष चन्द्रवाल ने यह भी बताया कि 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत प्रत्येक कृषि पर्यवेक्षक को 300 से 400 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया जाता है, लेकिन गड्ढों की खुदाई, पौधों की खरीद और परिवहन के लिए कोई बजट नहीं मिलता है। जिला संयोजक गुमान सिंह चौधरी ने कृषि मैपर के कारण विभागीय कार्य करने में आ रही समस्याओं पर प्रकाश डाला, जबकि स्वयं कृषि आयुक्त ने सरलीकरण के अभाव में इस पर कार्य को असंभव बताया था। उन्होंने अधिकारियों द्वारा कार्य पूरा करने का दबाव बनाने पर भी आपत्ति जताई, जबकि कर्मचारियों के पास उच्च क्षमता वाले फोन नहीं हैं और उन्हें अपना रिचार्ज भी स्वयं करवाना पड़ता है। जिला संरक्षक अमरसिंह मीना ने बताया कि अधिकारी अक्सर शनिवार और रविवार की छुट्टियों में कार्य आदेश जारी करते हैं, जिससे कर्मचारियों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई प्रयोगों का भुगतान प्राथमिक कार्यकर्ताओं को समय पर करवाने की भी मांग की। इस दौरान जिला मंत्री सुशील मीना, जिला उपाध्यक्ष सुन्दर गुर्जर, जिला संयोजक सुनील सोलंकी, तरुण सिंह बेनीवाल, रश्मि मीना, खेलांति मीना, जनकराज मीना, लखन मीना, श्रीराम छाबड़ी, भोलूराम जाट, रामसिंह मीना और राजेंद्र मीना सहित जिले के सभी कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी मौजूद रहे।
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट बुधवार को रेल मार्ग से हिंडौन पहुंचे। उनके आगमन पर, रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान, पायलट ने ट्रेन के कोच से ही हाथ हिलाकर स्टेशन पर मौजूद सभी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। रेलवे स्टेशन से सचिन पायलट कार में सवार होकर सकरघटा में आयोजित मूर्ति अनावरण एवं किसान सम्मेलन समारोह के लिए एक बड़े काफिले के साथ रवाना हुए। शहर में कई स्थानों पर उनका फिर से स्वागत किया गया, जहां जेसीबी से पुष्प वर्षा कर कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया।1
- राजस्थान के हिंडौन सिटी में सचिन पायलट का 'खतरनाक' और जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर करौली की सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक घनश्याम, करौली के पूर्व विधायक लखन सिंह कटकर और हिंडौन विधायक अनीता जाटव सहित कई नेता मौजूद थे, जिन्होंने पायलट का भव्य अभिनंदन किया।1
- दामा जिले में एक श्मशान घाट के पास बेजुबान जानवरों और पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए बनाए गए एक कुंड की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की गई है। एक वीडियो के माध्यम से समाज को अपनी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए बताया गया है कि यह कुंड अब नहाने का अड्डा बन गया है, जिससे इसका निचला हिस्सा उखड़ रहा है और पानी भी गंदा हो रहा है। यह स्थिति तब है जब कुंड का उद्देश्य केवल पीने के पानी की व्यवस्था करना था। वीडियो में यह भी बताया गया है कि स्थानीय लोग अपने घरों के लिए तो पानी भर लेते हैं, लेकिन जानवरों के लिए बने इस कुंड को खाली छोड़ देते हैं, जिससे भीषण गर्मी में इन बेजुबान जीवों को प्यासा रहना पड़ता है। अपील करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को एक कामकाजी इंसान बताते हुए कहा कि उसके लिए हर वक्त अकेले आकर कुंड में पानी भरना संभव नहीं है। उन्होंने सभी से हाथ जोड़कर विनती की है कि जब वे अपने घरों के लिए पानी भरें, तो इंसानियत के नाते इस कुंड को भी भर दें। इस मार्मिक अपील में स्थानीय लोगों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे अपने बच्चों को कुंड में नहाने न दें, ताकि पानी गंदा न हो। संदेश में कहा गया है कि पुण्य किसी एक का नहीं, बल्कि सबका होता है। इसलिए, सभी को मिलकर इन बेजुबान जीवों के पीने के पानी की व्यवस्था को बनाए रखने और बच्चों को इसे गंदा न करने के लिए समझाने की आवश्यकता है।1
- श्रावस्ती जनपद के गिलौला थाना क्षेत्र के बसभारिया पुरैना गांव में एक अनोखी घटना लोगों की आस्था और जिज्ञासा का केंद्र बनी हुई है। यहां एक गौ माता पिछले 110 घंटे से भी ज्यादा समय से लगातार एक ही खेत के चारों ओर परिक्रमा कर रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस दौरान गौ माता केवल पानी पी रही हैं और चारा या कोई अन्य खाद्य पदार्थ नहीं खा रही हैं, जिससे यह घटना और भी रहस्यमयी हो गई है। इस असाधारण घटना की खबर फैलते ही गांव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कई भक्तों ने गौ माता को चुनरी ओढ़ाकर उनकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी है, जिससे वह खेत आस्था का केंद्र बन गया है। गांव में भव्य भंडारे की तैयारी भी चल रही है और इसके लिए चंदा जुटाया जा रहा है। साधु-संत भी मौके पर पहुँचकर इस घटना पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि जिस खेत में गौ माता घूम रही हैं, वहां कोई धार्मिक स्थल या कोई अनजाना रहस्य हो सकता है। दूसरी ओर, इस रहस्य को सुलझाने के लिए डॉक्टरों और पशु विशेषज्ञों की एक टीम भी गांव पहुंची है। उन्होंने गाय का परीक्षण और उपचार किया है, लेकिन अब तक उसके व्यवहार में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है, जिससे यह घटना अभी भी एक अबूझ पहेली बनी हुई है। यह घटना किसी दिव्य शक्ति का संकेत है, कोई प्राकृतिक घटना है या फिर किसी बीमारी का असर, यह सवाल स्थानीय लोगों से लेकर विशेषज्ञों तक की ज़ुबान पर है, जो इसे और भी अधिक चर्चा का विषय बना रहा है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे में स्थित रामधाम आश्रम आड़े हनुमान जी मंदिर में चल रही श्री मद भागवत कथा के दौरान, आज बुधवार को कथा वाचक आचार्य राघव महाराज ने भक्तों को रुक्मिणी विवाह प्रसंग की कथा सुनाई। इस अवसर पर आचार्य राघव महाराज ने जोर देकर कहा कि गौ माता राष्ट्र की माता हैं, इसलिए घर में बनी पहली रोटी गौ माता को अवश्य खिलानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सनातन धर्म दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है और सभी को धार्मिक आयोजन अवश्य करने चाहिए।1
- बाड़ी उपखंड के चिलाचौंद गाँव के निवासियों ने चिलाचौंद इंडेन गैस एजेंसी के संचालक के खिलाफ जिला कलेक्टर को शिकायत की है।1
- हिण्डौन सिटी के सकरघटा में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान, सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि "हमें मोहब्बत की दुकान खोलनी है"।1
- राजस्थान प्रदेश सरकार और देवस्थान विभाग के निर्देशन में केंद्र के यशस्वी प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के विकास, विश्वास और जनकल्याण के गौरवशाली एवं स्वर्णिम वर्षों की पूर्णता तथा उनकी दीर्घायु, आरोग्य, यश और अखंड राष्ट्र सेवा की मंगल प्रार्थना के लिए बुधवार को गंगापुर सिटी में विशेष पूजन और वैदिक अनुष्ठान किया गया। यह आयोजन सुबह 8:30 बजे भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल गंगापुर सिटी द्वारा नगरपरिषद गंगापुर सिटी के तत्वावधान में चूली गेट स्थित प्राचीन रघुनाथ मंदिर पर पुजारी पंडित जगदीश मिश्र के सानिध्य में संपन्न हुआ। भाजपा जिला सह मीडिया प्रमुख धनेश शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर निवर्तमान सभापति शिवरतन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रधान मंजू गुर्जर, मन की बात जिला प्रभारी डॉ. हेमंत शर्मा, उप जिला कलेक्टर एवं कार्यवाहक आयुक्त विजेंद्र मीणा, तथा नोडल एवं विकास अधिकारी जगदीश गुर्जर शामिल थे, जबकि शहर मंडल अध्यक्ष मिथलेश व्यास ने अध्यक्षता की। निवर्तमान सभापति शिवरतन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 वर्ष के ऐतिहासिक कार्यकाल में आमजन को अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ समर्पित कर अपने दायित्व का निर्वहन किया है। उन्होंने देश के विकास, विश्वास, उत्थान और जनकल्याण के लिए अनगिनत योजनाओं और विकास कार्यों को गति देकर संपूर्ण विश्व में भारत को अग्रणी स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके लिए सभी को परमात्मा से ऐसे कर्मठ और ऊर्जावान प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन, निरोगी काया और उत्कृष्ट कार्यक्षमता हेतु प्रार्थना करनी चाहिए। इस दौरान प्रधान मंजू गुर्जर और उप जिला कलेक्टर एवं कार्यवाहक आयुक्त विजेंद्र मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष के कार्यकाल की पूर्णता पर सभी को केंद्र और राज्य की समस्त योजनाओं को आम जनता तक अधिक से अधिक पहुँचाकर जनकल्याण की भावना का परिचय देना चाहिए। इस विशेष अनुष्ठान में सुनीता वैष्णव, राधा दीक्षित, गौरंती मीणा, कमला मीणा, गोविंद गुप्ता, कमलेश महावर, गोपाल धामोनिया, चिरंजी लोधा, विकास सैनी, महेश कैमला, पार्षद भवानी गुर्जर, अतुल शर्मा, गोविंद पाराशर, गोपाल गर्ग, लक्ष्मण सैनी, धोहड़ेलाल, रवि गोठवाल, जीतू कटारिया, रामभरोसी जांगिड़, जीतू गुर्जर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, भक्तगण, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहकर जगदीश भगवान और हनुमान जी की आरती तथा विधिवत अनुष्ठान के साथ प्रसादी के आयोजन में सहभागी बने।1
- राजस्थान के सरमथुरा कस्बे में इन दिनों बंदरों का खासा आतंक फैला हुआ है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान नज़र आ रहे हैं। इस समस्या के कारण आमजन ने नगर पालिका प्रशासन से जल्द से जल्द इन बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन बंदरों को पकड़ने के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है और इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी के चलते आमजन ने एक बार फिर प्रशासन से बंदरों को शीघ्रता से पकड़ने की मांग दोहराई है, ताकि कस्बे के लोगों को इस परेशानी से निजात मिल सके।1