जयराम के दावे में कितना दम, समझिए सत्ता का समीकरण बहुमत के आंकड़े को लेकर नई राजनीतिक संभावनाएं झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। डुमरी विधायक जयराम महतो के इस बयान के बाद कि राज्य में गैर BJP और गैर कांग्रेस सरकार बन सकती है, सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विधानसभा के 41 के बहुमत आंकड़े के गणित को देखते हुए नई संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। रांची: डुमरी विधायक जयराम महतो ने एक ऐसा शिगूफा छोड़ दिया है जिसकी चर्चा हर तरफ है। झारखंड की राजनीति में अभी चर्चा इसी बात की है कि जयराम महतो आखिर किस आधार पर यह कह रहे हैं कि आने वाले दिनों में झारखंड की सरकार बदल जाएगी। नई सरकार गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी विहीन होगी। जयराम महतो के दावे के संबंध में कई लोग हमसे लगातार पूछ रहे हैं। उनके दावे पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन यह संभव भी है। जयराम के दावे को खारिज नहीं जा सकता है। आग है तभी धुआं है। आखिर यह कैसे संभव है। इस दावे की मैंने अपने स्तर से पड़ताल की है। झारखंड विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 41 का है। 41 विधायक जिस गठबंधन या नेता के साथ होंगे सत्ता उसके पास होगी। अब यदि जयराम महतो के दावे को देखें तो बहुत हद तक यह संभव भी है। भाजपा और कांग्रेस के विधायकों को छोड़ दें तो जेएमएम के 34, राजद 4, माले के 2 और निर्दलीय जयराम महतो खुद मिल गए तो आसानी से 41 का आंकड़ा पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में गैर भाजपा गैर कांग्रेस सरकार झारखंड में बन जाएगी। विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोक जनशक्ति पार्टी और आजसू का समर्थन भी ले सकते हैं। दोनों के एक-एक विधायक हैं। जदयू के एकमात्र विधायक सरयू राय तटस्थ की भूमिका में रह सकते हैं, या समर्थन भी दे सकते हैं। हालांकि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हेमंत सोरेन कांग्रेस को छोड़कर अलग से सरकार बनाते हैं तो वह कांग्रेस के विधायकों को भी तोड़ सकते हैं। कांग्रेस को तोड़ना उनके लिए आसान है। कई विधायकों से उनके अच्छे संबंध हैं। राजनीति में कब क्या हो जाए कहना मुश्किल है। लेकिन जयराम महतो कह रहे हैं तो बहुत संभव है कि उनसे इस मुद्दे पर बात हो रही है। इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं। निकट भविष्य में झारखंड की राजनीति में उलटफेर की पूरी संभावना है। अब यह किस रूप में सामने आएगा यह देखना होगा।
जयराम के दावे में कितना दम, समझिए सत्ता का समीकरण बहुमत के आंकड़े को लेकर नई राजनीतिक संभावनाएं झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। डुमरी विधायक जयराम महतो के इस बयान के बाद कि राज्य में गैर BJP और गैर कांग्रेस सरकार बन सकती है, सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विधानसभा के 41 के बहुमत आंकड़े के गणित को देखते हुए नई संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। रांची: डुमरी विधायक जयराम महतो ने एक ऐसा शिगूफा छोड़ दिया है जिसकी चर्चा हर तरफ है। झारखंड की राजनीति में अभी चर्चा इसी बात की है कि जयराम महतो आखिर किस आधार पर यह कह रहे हैं कि आने वाले दिनों में झारखंड की सरकार बदल जाएगी। नई सरकार गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी विहीन होगी। जयराम महतो के दावे के संबंध में कई लोग हमसे लगातार पूछ रहे हैं। उनके दावे पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन यह संभव भी है। जयराम के दावे को खारिज नहीं जा सकता है। आग है तभी धुआं है। आखिर यह कैसे संभव है। इस दावे की मैंने अपने स्तर से पड़ताल की है। झारखंड विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 41 का है। 41 विधायक जिस गठबंधन या नेता के साथ होंगे सत्ता उसके पास होगी। अब यदि जयराम महतो के दावे को देखें तो बहुत हद तक यह संभव भी है। भाजपा और कांग्रेस के विधायकों को छोड़ दें तो जेएमएम के 34, राजद 4, माले के 2 और निर्दलीय जयराम महतो खुद मिल गए तो आसानी से 41 का आंकड़ा पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में गैर भाजपा गैर कांग्रेस सरकार झारखंड में बन जाएगी। विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोक जनशक्ति पार्टी और आजसू का समर्थन भी ले सकते हैं। दोनों के एक-एक विधायक हैं। जदयू के एकमात्र विधायक सरयू राय तटस्थ की भूमिका में रह सकते हैं, या समर्थन भी दे सकते हैं। हालांकि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हेमंत सोरेन कांग्रेस को छोड़कर अलग से सरकार बनाते हैं तो वह कांग्रेस के विधायकों को भी तोड़ सकते हैं। कांग्रेस को तोड़ना उनके लिए आसान है। कई विधायकों से उनके अच्छे संबंध हैं। राजनीति में कब क्या हो जाए कहना मुश्किल है। लेकिन जयराम महतो कह रहे हैं तो बहुत संभव है कि उनसे इस मुद्दे पर बात हो रही है। इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं। निकट भविष्य में झारखंड की राजनीति में उलटफेर की पूरी संभावना है। अब यह किस रूप में सामने आएगा यह देखना होगा।
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- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर सोमवार को हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ अंतर्गत कुसुंभा गांव पहुंचे जहां उन्होंने 12 वर्षीय मासूम बेटी की दरिंदगी के साथ निर्मम हत्या को लेकर पीड़िता के परिजनों से मिले और शोक संवेदना व्यक्त एवं आर्थिक सहायता भी किया साथ ही जांच से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों को अविलंब कार्रवाई कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही इस अवसर पर हजारीबाग परिसदन पहुंचे मंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा बस 2 दिन का इंतजार कीजिए सब कुछ सामने होगा दोषी सामने होंगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा कहा कि, Wait for two days1
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