मंत्री मदन दिलावर की पदयात्रा तीसरे दिन जसपुरा पहुंची, विकास कार्यों की घोषणाएं कोटा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar की जनहिताय–जन सुखाय पदयात्रा तीसरे दिन जसपुरा गांव पहुंची। गांव की चौपाल पर ग्रामीणों ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान गरासिया समुदाय के स्त्री-पुरुष पारंपरिक लोकगीतों पर झूमकर नाचे और होली मिलन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मंत्री मदन दिलावर ने ग्राम जसपुरा के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि यदि 25 और बच्चों का नामांकन कराया जाता है तो गांव के स्कूल को तुरंत सेकेंडरी स्कूल में क्रमोन्नत कर दिया जाएगा। साथ ही छोटे बच्चों के लिए जनजाति विकास विभाग के माध्यम से बालबाड़ी खोलने के प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने विकास अधिकारी शैलेश रंजन को वन अधिकार कानून के तहत गांव के सभी पात्र लोगों को तीन महीने के भीतर मकान के पट्टे देने के निर्देश दिए। इसके अलावा तहसीलदार और विकास अधिकारी को मंदिरगढ़, केशवपुरा और जसपुरा में शिविर लगाकर पात्र लोगों के वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन, खाद्य सुरक्षा योजना में मुफ्त गेहूं तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन भरवाने के निर्देश दिए। दिलावर ने पुराने स्कूल भवन को सामुदायिक भवन के लिए हस्तांतरित कर उसकी मरम्मत कराने और उसे आकर्षक बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही किशनपुरा से जसपुरा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। केशवपुरा गांव में स्कूल पहुंचने पर नन्हे बालक भारत ने मंत्री को केसुला (पलाश) के फूलों का गुच्छा भेंट किया। वहीं गांव के खेल मैदान के पास पानी और कीचड़ देखकर मंत्री ने वहां पक्का चबूतरा बनाने के निर्देश दिए। पदयात्रा के दौरान कड़कती दोपहरी में पदयात्रियों ने पेड़ों की छांव तले विश्राम भी किया। मंत्री ने केशवपुरा गांव में ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद पदयात्रा केशवपुरा से आगे जसपुरा गांव की ओर बढ़ी।
मंत्री मदन दिलावर की पदयात्रा तीसरे दिन जसपुरा पहुंची, विकास कार्यों की घोषणाएं कोटा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar की जनहिताय–जन सुखाय पदयात्रा तीसरे दिन जसपुरा गांव पहुंची। गांव की चौपाल पर ग्रामीणों ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस
दौरान गरासिया समुदाय के स्त्री-पुरुष पारंपरिक लोकगीतों पर झूमकर नाचे और होली मिलन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मंत्री मदन दिलावर ने ग्राम जसपुरा के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि यदि 25 और बच्चों का नामांकन कराया
जाता है तो गांव के स्कूल को तुरंत सेकेंडरी स्कूल में क्रमोन्नत कर दिया जाएगा। साथ ही छोटे बच्चों के लिए जनजाति विकास विभाग के माध्यम से बालबाड़ी खोलने के प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने विकास अधिकारी शैलेश रंजन
को वन अधिकार कानून के तहत गांव के सभी पात्र लोगों को तीन महीने के भीतर मकान के पट्टे देने के निर्देश दिए। इसके अलावा तहसीलदार और विकास अधिकारी को मंदिरगढ़, केशवपुरा और जसपुरा में शिविर लगाकर पात्र लोगों के वृद्धावस्था,
विधवा और दिव्यांग पेंशन, खाद्य सुरक्षा योजना में मुफ्त गेहूं तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन भरवाने के निर्देश दिए। दिलावर ने पुराने स्कूल भवन को सामुदायिक भवन के लिए हस्तांतरित कर उसकी मरम्मत कराने और उसे आकर्षक
बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही किशनपुरा से जसपुरा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। केशवपुरा गांव में स्कूल पहुंचने पर
नन्हे बालक भारत ने मंत्री को केसुला (पलाश) के फूलों का गुच्छा भेंट किया। वहीं गांव के खेल मैदान के पास पानी और कीचड़ देखकर मंत्री ने वहां पक्का चबूतरा बनाने के निर्देश दिए। पदयात्रा के दौरान कड़कती दोपहरी में पदयात्रियों ने
पेड़ों की छांव तले विश्राम भी किया। मंत्री ने केशवपुरा गांव में ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद पदयात्रा केशवपुरा से आगे जसपुरा गांव की ओर बढ़ी।
- पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 देशी पिस्टल, 2 देशी कट्टे और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक पर पहले से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। कार्रवाई बोरखेड़ा थाना पुलिस ने की। कोटा में कोहिनूर 0007 गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार, 6 पिस्टल व 2 कट्टे बरामद, कोटा (राजस्थान)। कोटा शहर पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोहिनूर 0007 गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहर में अवैध गतिविधियों और हथियार तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत विशेष टीम का गठन किया गया था। पुख्ता सूचना के आधार पर 14 मार्च को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रोनू उर्फ रोनक (निवासी कैथून) और लोकेश मीणा (निवासी उम्मेदगंज) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी मध्यप्रदेश के इंदौर से अवैध हथियार लाकर कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के बदमाशों को सप्लाई करने की तैयारी में थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर तस्करी की इस खेप को पकड़ लिया। पूछताछ में और खुलासे की उम्मीद पुलिस के अनुसार लोकेश मीणा कोहिनूर 0007 गैंग का सक्रिय सदस्य है और दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले महीने भी इसी गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हथियार बरामद किए थे और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
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- जंग का आज 16 वां दिन: ईरानी प्रेस ने 9 घंटे पहले स्ट्रैट ऑफ हार्मुज का वीडियो जारी किया, जहां की तेल टैंकर फंसे हुए हैं...1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एलपीजी संकट पर पीएम ने कहा कि कुछ लोग बेवजह घबराहट का माहौल बना रहे हैं। ऐसा करके वे खुद भी बेनकाब हो रहे हैं और देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक वैश्विक संकट है, जिससे कोई भी देश पूरी तरह अछूता नहीं है।1
- “टोंक जिले की उनियारा तहसील के ग्राम अलीगढ़ में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पूर्व सांसद एवं विधायक श्री रामनारायण मीणा जी ने देश और प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों पर अपने विचार व्यक्त किए।”1
- कोटा.लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा में अपने शक्ति नगर स्थित कैम्प कार्यालय पर जनसुनवाई की, जहाँ उन्होंने कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भी भेंट की। बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें बिजली, पानी और निजी मामले प्रमुख थे। बिरला ने नगर निगम और अन्य विभागीय अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित की गईं।1
- नई दिल्ली/गाजियाबाद: गाजियाबाद के रहने वाले 13 वर्षों से कोमा में जंग लड़ रहे हरीश राणा की जीवन यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में कानूनी प्रक्रियाओं और परिजनों की सहमति के बाद उन्हें इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की ओर ले जाया जा रहा है, जहाँ उनका लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाया जाएगा। "सबको माफ करते हुए जाओ..." – एक भावुक विदाई जब हरीश को अंतिम बार उनके घर से विदा किया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। उनके माता-पिता ने रुंधे गले से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए कहा, "सबको माफ करते हुए, सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ, ठीक है।" यह वाक्य उस असीमित पीड़ा और प्रेम का प्रतीक है, जिसे यह परिवार पिछले एक दशक से अधिक समय से झेल रहा था। 13 साल का लंबा और थका देने वाला इंतजार हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे। इस दौरान: अथक सेवा: उनके माता-पिता ने एक दिन के लिए भी उम्मीद नहीं छोड़ी और घर पर ही उनकी सेवा जारी रखी। इलाज की सीमाएं: देश के बड़े से बड़े डॉक्टरों और अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी हरीश की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। कानूनी लड़ाई: अंततः, उनके शरीर की स्थिति और सुधार की शून्य संभावनाओं को देखते हुए, परिवार ने भारी मन से 'इच्छा मृत्यु' का कठिन निर्णय लिया। क्या कहती है चिकित्सा स्थिति? चिकित्सकों के अनुसार, हरीश का मस्तिष्क पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुका था और वे केवल मशीनों के सहारे जीवित थे। भारत में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई 'पैसिव यूथेनेशिया' की अनुमति के तहत, ऐसी स्थिति में जहां मरीज के ठीक होने की कोई गुंजाइश न हो, लाइफ सपोर्ट हटाकर उसे गरिमापूर्ण मृत्यु का अधिकार दिया जा सकता है। संपादकीय टिप्पणी: हरीश राणा का मामला न केवल एक परिवार के संघर्ष की गाथा है, बल्कि यह हमारे देश में गंभीर बीमारियों के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले मानसिक और आर्थिक बोझ की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है।1
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