उत्तर प्रदेश पुलिस की जनसेवा, संवेदनशीलता और विश्वास निर्माण की नीति के तहत, पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार के निर्देशन में एक विशेष पहल की गई। इसके अंतर्गत, दिनांक 21.06.2026 को पर्यटन थाना और को0 पडरौना की कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट टीम ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों का दौरा कर वृद्धजनों और दिव्यांगजनों से मुलाकात की। इस दौरान, टीम ने इन नागरिकों का कुशलक्षेम जाना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करते हुए, सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, सहायता कार्यक्रमों और सुरक्षा संबंधी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने वृद्ध और दिव्यांग नागरिकों को किसी भी समस्या, उत्पीड़न या आपात स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए भी प्रेरित किया। पुलिसिंग को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित न बताते हुए, इसे समाज के हर वर्ग के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया गया। कम्युनिटी पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहयोग और आत्मीयता को मजबूत करना है, जिससे एक सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण हो सके। लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की, यह कहते हुए कि पुलिस का इस तरह उनके बीच पहुंचना न केवल सुरक्षा का एहसास कराता है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों में विश्वास और आत्मबल भी बढ़ाता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की जनसेवा, संवेदनशीलता और विश्वास निर्माण की नीति के तहत, पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार के निर्देशन में एक विशेष पहल की गई। इसके अंतर्गत, दिनांक 21.06.2026 को पर्यटन थाना और को0 पडरौना की कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट टीम ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों का दौरा कर वृद्धजनों और दिव्यांगजनों से मुलाकात की। इस दौरान, टीम ने इन नागरिकों का कुशलक्षेम जाना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करते हुए, सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, सहायता कार्यक्रमों और सुरक्षा संबंधी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने वृद्ध और दिव्यांग नागरिकों को किसी भी समस्या, उत्पीड़न या आपात
स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए भी प्रेरित किया। पुलिसिंग को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित न बताते हुए, इसे समाज के हर वर्ग के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया गया। कम्युनिटी पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहयोग और आत्मीयता को मजबूत करना है, जिससे एक सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण हो सके। लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की, यह कहते हुए कि पुलिस का इस तरह उनके बीच पहुंचना न केवल सुरक्षा का एहसास कराता है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों में विश्वास और आत्मबल भी बढ़ाता है।
- कुशीनगर के तमकुही राज स्थित मदरसा गौसिया इमदादुल उलूम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर मदरसे के सभी शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने योग दिवस समारोह में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुशीनगर जिले के तमकुही राज स्थित मदरसा गौसिया इमदादुल उलूम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस योग दिवस समारोह में मदरसे के सभी कर्मचारी और शिक्षक उपस्थित रहे, जहाँ उन्होंने योग कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। आयोजन के दौरान योग के कुछ विशेष दृश्य देखने को मिले, जो इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा थे।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुशीनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक शिवम मिश्रा और योग सहायक योगेन्द्र वर्मा ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरा लीगल वालेंटियर्स को विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास कराए। उन्होंने योगासन और नियमित योग के लाभों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश राम अवतार यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव प्रभात सिंह, सिविल जज (जू.डि.) अजीत मिश्रा, तमकुहीराज के न्यायाधिकारी विवेक प्रजापति, सिस्टम आफिसर सर्फराज सहित कर्मचारी संजय कुमार, राजकुमार वर्मा, संदीप गोविन्द राव, अश्वनी, अमरनाथ यादव, अनूज सिंह, विक्रम, अनिश, रविन्द्र, मारकण्डेय यादव और पैरा लीगल वालेंटियर्स अनिल चौहान, इकबाल अंसारी, अमिताभ श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र भी मौजूद रहे।3
- Vishwakarma Design & Molding ने अपने ग्राहकों के लिए 2026 के नए EPS थर्मोकोल मोल्डिंग डिज़ाइन पेश किए हैं। इन विशेष डिज़ाइनों की मदद से, कोई भी अपने घर को एक भव्य और शाही महल जैसा आकर्षक रूप दे सकता है।1
- कुशीनगर के पडरौना में लगातार बढ़ रहे तापमान ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आज यहाँ का तापमान लगभग 37 से 40 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जिसके कारण लोग सड़कों पर निकलने से कतरा रहे हैं और अपने घरों में दुबके हुए हैं। इस भीषण गर्मी के बीच, बिजली की स्थिति भी बेहद खराब होती जा रही है। एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक ठेले पर एक दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहा है, जो क्षेत्र में सन्नाटे और व्यवसाय पर पड़ रहे प्रभाव को दर्शाता है।2
- कुशीनगर में नीट परीक्षा के लिए कुल 11 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5250 परीक्षार्थी अपनी परीक्षा देंगे। इन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा निर्धारित प्रपत्रों के मिलान के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थियों की सघन जांच भी की जा रही है, और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा के दौरान आम लोगों को केंद्रों से 200 मीटर दूर ही रोक दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं। जिले में इस पूरी व्यवस्था की निगरानी स्वयं डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार कर रहे हैं।1
- कुशीनगर के पडरौना नगर के बीचों बीच निर्माणाधीन अंडरपास के काम में रेलवे विभाग ने तेजी ला दी है। इस पहल से स्थानीय लोगों को बहुत जल्द इस अंडरपास की सुविधा मिलने लगेगी, जिससे उन्हें भीषण जाम से मुक्ति मिल सकेगी।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक महिला ने अपने पड़ोसियों पर उसकी आवासीय जमीन पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला तरयासुजान थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी तिनफेड़िया अंतर्गत रामपुर बंगरा गांव का है, जहाँ गांव निवासी हीरा ठाकुर और इंद्रजीत ठाकुर के परिवारों के बीच आवासीय जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इंद्रजीत ठाकुर की पत्नी रिंकू देवी का आरोप है कि पड़ोसी उनकी आवासीय जमीन पर मिट्टी और ईंट डालकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। रिंकू देवी के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में स्थानीय प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई तक कई बार शिकायत की है, लेकिन उन्हें अब तक कोई ठोस कार्रवाई या राहत नहीं मिली है। रिंकू देवी ने बताया कि उनके पति लंबे समय से परिवार से दूर रहते हैं और घर की जिम्मेदारियों से लापरवाह हैं, जिसके चलते परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। वह शहर में चौका-बर्तन और साफ-सफाई का काम कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती हैं, ऐसे में इस जमीन विवाद ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का भी कहना है कि पड़ोसियों द्वारा रिंकू देवी के साथ अत्याचार और दबंगई की जा रही है। इसी विवाद से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मीडिया द्वारा दूसरे पक्ष, यानी हीरा ठाकुर से संपर्क करने पर, उन्होंने कैमरे पर कोई बयान देने से इनकार कर दिया। फिलहाल, यह मामला प्रशासन के संज्ञान में है, और अब यह देखना बाकी है कि जांच के बाद पीड़िता को न्याय मिल पाता है या यह विवाद इसी तरह जारी रहेगा।2