केरल में भारी बारिश का तांडव, इडुक्की में भूस्खलन से 3 की मौत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका केरल: शनिवार को केरल के इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग भूस्खलन की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग फंस गए। केरल में लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ और नए भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। मृतक की पहचान इडुक्की जिले के कुदायथूर के पास अडूरमाला इलाके की रहने वाली सुमति के तौर पर हुई है। जिला प्रशासन ने बताया कि शनिवार तड़के भूस्खलन का मलबा उनके घर पर गिरा। पड़ोसियों ने उनके पति और बेटे को बचा लिया। दोनों घायल हो गए और उन्हें थोडुपुझा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन में परिवार का घर नष्ट हो गया। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस और राजस्व अधिकारियों के तलाशी अभियान के बाद सुमति का शव बरामद किया गया। कोट्टायम जिले के पूंजार में पय्यानीथोट्टम में भूस्खलन के दौरान एक युवक की मौत हो गई और उसकी मां मलबे के नीचे दब गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान जॉनी के बेटे जोसेफ के तौर पर हुई है और उसकी मां की तलाश जारी है, जिनके मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। जोसेफ को बचा तो लिया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। भूस्खलन और बाढ़ का कहर एक अन्य घटना में, इडुक्की जिले के वागामोन इलाके में एक घर पर भूस्खलन होने से प्रभाकरन नायर नाम के व्यक्ति की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कोट्टायम के वाइकोम के रहने वाले नायर भूस्खलन के समय अपने रिश्तेदार के घर के एक बेडरूम में सो रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि घंटों की तलाशी के बाद उनका शव बरामद किया जा सका। इडुक्की जिले के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ की सूचना मिली। उप्पुथारा में भूस्खलन से खड़ी पुलिस जीप क्षतिग्रस्त हो गई। पुल्लाकयार नदी का जलस्तर बढ़ने से कोक्कयार का निचला क्रॉसिंग (चप्पथ) पानी में डूब गया है। अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाके में करीब छह घर पानी में डूब गए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों से कई अन्य भूस्खलन की सूचना मिली है। भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर ट्रैफिक भी बाधित हुआ। लैंडस्लाइड के बाद कट्टाप्पना और वझावारा के बीच की सड़क बंद हो गई, जबकि वंडीपेरियार में चोट्टुपारा धारा में पानी का स्तर बढ़ने से नेशनल हाईवे 183 पर जलभराव हो गया। नेल्लीमाला में भी सड़क बंद हो गई, जिससे गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। अधिकारियों ने जिले के छोटे बांधों के शटर खोलने की घोषणा की है। पड़ोसी कोट्टायम जिले में भारी बारिश के कारण एराट्टुपेट्टा, कांजिरप्पल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली में बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई, जिससे रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए, ट्रैफिक बाधित हुआ और बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू करने पड़े। कई घर पानी में डूबे एराट्टुपेट्टा शहर में रात भर में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे अधिकारियों को गाड़ियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। एराट्टुपेट्टा में कई घर, जिनमें नादक्कल और मुरिक्कोली के घर भी शामिल हैं, पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कर्मियों ने घरों की ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित रहा। कूट्टिकल और मुंडाक्कयम में मणिमाला और पुल्लाकयार नदियों के उफान पर आने के बाद पानी का स्तर बढ़ता रहा। कूट्टिकल कॉजवे और निचले स्तर की क्रॉसिंग पानी में डूब गए, जबकि कई घरों में पानी घुस गया। मुंडाक्कयम कॉजवे के पानी में डूबने के बाद भी ट्रैफिक प्रभावित हुआ। पत्तनमथिट्टा जिले के पहाड़ी इलाकों से और भी लैंडस्लाइड की खबरें मिलीं। रानी के विधायक पझाकुलम मधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रानी और आसपास के इलाकों में भारी बाढ़ की सूचना मिली है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया क्योंकि नदी के पानी का स्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया था और कहा कि बाढ़ का पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की आशंका अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के बाद रानी और आसपास के कई इलाके कट गए हैं और जिला प्रशासन ने घरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए नावें तैनात की हैं। अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण पंपा नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। अधिकारियों ने बताया कि पत्तनमथिट्टा जिले में राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं। मध्य केरल के अलावा, कोल्लम जिले के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश की सूचना मिली। इसके अलावा, कोझिकोड, मलप्पुरम और पलक्कड़ ज़िलों में बाढ़ और ज़मीन खिसकने की छोटी-मोटी घटनाओं की भी खबर है। कोझिकोड के चलियम में, तेज़ लहरों के बीच एक मछली पकड़ने वाली नाव फँस गई थी, जिसे बाद में बचा लिया गया और मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कुछ हिस्सों में लगातार भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जिसके चलते अधिकारियों ने बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। IMD ने पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड ज़िलों में बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।
केरल में भारी बारिश का तांडव, इडुक्की में भूस्खलन से 3 की मौत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका केरल: शनिवार को केरल के इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग भूस्खलन की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग फंस गए। केरल में लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ और नए भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। मृतक की पहचान इडुक्की जिले के कुदायथूर के पास अडूरमाला इलाके की रहने वाली सुमति के तौर पर हुई है। जिला प्रशासन ने बताया कि शनिवार तड़के भूस्खलन का मलबा उनके घर पर गिरा। पड़ोसियों ने उनके पति और बेटे को बचा लिया। दोनों घायल हो गए और उन्हें थोडुपुझा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन में परिवार का घर नष्ट हो गया। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस और राजस्व अधिकारियों के तलाशी अभियान के बाद सुमति का शव बरामद किया गया। कोट्टायम जिले के पूंजार में पय्यानीथोट्टम में भूस्खलन के दौरान एक युवक की मौत हो गई और उसकी मां मलबे के नीचे दब गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान जॉनी के बेटे जोसेफ के तौर पर हुई है और उसकी मां की तलाश जारी है, जिनके मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। जोसेफ को बचा तो लिया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। भूस्खलन और बाढ़ का कहर एक अन्य घटना में, इडुक्की जिले के वागामोन इलाके में एक घर पर भूस्खलन होने से प्रभाकरन नायर नाम के व्यक्ति की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कोट्टायम के वाइकोम के रहने वाले नायर भूस्खलन के समय अपने रिश्तेदार के घर के एक बेडरूम में सो रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि घंटों की तलाशी के बाद उनका शव बरामद किया जा सका। इडुक्की जिले के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ की सूचना मिली। उप्पुथारा में भूस्खलन से खड़ी पुलिस जीप क्षतिग्रस्त हो गई। पुल्लाकयार नदी का जलस्तर बढ़ने से कोक्कयार का निचला क्रॉसिंग (चप्पथ) पानी में डूब गया है। अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाके में करीब छह घर पानी में डूब गए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों से कई अन्य भूस्खलन की सूचना मिली है। भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर ट्रैफिक भी बाधित हुआ। लैंडस्लाइड के बाद कट्टाप्पना और वझावारा के बीच की सड़क बंद हो गई, जबकि वंडीपेरियार में चोट्टुपारा धारा में पानी का स्तर बढ़ने से नेशनल हाईवे 183 पर जलभराव हो गया। नेल्लीमाला में भी सड़क बंद हो गई, जिससे गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। अधिकारियों ने जिले के छोटे बांधों के शटर खोलने की घोषणा की है। पड़ोसी कोट्टायम जिले में भारी बारिश के कारण एराट्टुपेट्टा, कांजिरप्पल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली में बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई, जिससे रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए, ट्रैफिक बाधित हुआ और बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू करने पड़े। कई घर पानी में डूबे एराट्टुपेट्टा शहर में रात भर में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे अधिकारियों को गाड़ियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। एराट्टुपेट्टा में कई घर, जिनमें नादक्कल और मुरिक्कोली के घर भी शामिल हैं, पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कर्मियों ने घरों की ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित रहा। कूट्टिकल और मुंडाक्कयम में मणिमाला और पुल्लाकयार नदियों के उफान पर आने के बाद पानी का स्तर बढ़ता रहा। कूट्टिकल कॉजवे और निचले स्तर की क्रॉसिंग पानी में डूब गए, जबकि कई घरों में पानी घुस गया। मुंडाक्कयम कॉजवे के पानी में डूबने के बाद भी ट्रैफिक प्रभावित हुआ। पत्तनमथिट्टा जिले के पहाड़ी इलाकों से और भी लैंडस्लाइड की खबरें मिलीं। रानी के विधायक पझाकुलम मधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रानी और आसपास के इलाकों में भारी बाढ़ की सूचना मिली है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया क्योंकि नदी के पानी का स्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया था और कहा कि बाढ़ का पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की आशंका अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के बाद रानी और आसपास के कई इलाके कट गए हैं और जिला प्रशासन ने घरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए नावें तैनात की हैं। अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण पंपा नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। अधिकारियों ने बताया कि पत्तनमथिट्टा जिले में राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं। मध्य केरल के अलावा, कोल्लम जिले के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश की सूचना मिली। इसके अलावा, कोझिकोड, मलप्पुरम और पलक्कड़ ज़िलों में बाढ़ और ज़मीन खिसकने की छोटी-मोटी घटनाओं की भी खबर है। कोझिकोड के चलियम में, तेज़ लहरों के बीच एक मछली पकड़ने वाली नाव फँस गई थी, जिसे बाद में बचा लिया गया और मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कुछ हिस्सों में लगातार भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जिसके चलते अधिकारियों ने बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। IMD ने पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड ज़िलों में बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।
- ਤ੍ਰਿਵੈਣੀ ਰੁੱਖ ਗਲੋਬਲ ਵਾਰਮਿੰਗ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਸਹਾਈ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ - ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਬੰਗੜ ਕਪੂਰਥਲਾ ਤ੍ਰਿਵੈਣੀ ਪਿੱਪਲ ਬੋਹੜ ਤੇ ਨਿੰਮ ਦੇ ਦਰੱਖਤਾਂ ਦੇ ਸੰਗਮ ਨੂੰ ਤ੍ਰਿਵੈਣੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।ਜੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਸਾਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਰਹਿਤ ਬਣਾਉਣਾ ਪਵੇਗਾ। ਦਰੱਖਤਾਂ ਨੂੰ ਕੱਟਣ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣਾ ਪਵੇਗਾ।ਜੇ ਅਸੀਂ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਨਾ ਬਚਾ ਸਕੇ ਤਾਂ ਸਾਨੂੰ ਮੁੱਲ ਦੇ ਸ਼ਾਹ ਲੈਣੇ ਪੈਣਗੇ। ਸਾਡੀਆਂ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋ ਜਾਣਗੀਆਂ। ਬਹੁਤ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਵਾਤਾਵਰਨ ਦੀ ਸ਼ੁੱਧਤਾ ਲਈ ਪੌਦੇ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲੇ ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਬੰਗੜ ਸਟੇਟ ਅਵਾਰਡੀ ਵਾਤਾਵਰਨ ਪ੍ਰੇਮੀ ਤ੍ਰਿਵੈਣੀ ਰੁੱਖ ਪਿੱਪਲ ਬੋਹੜ ਨਿੰਮ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਵਿਸ਼ਵ ਦੇ ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਗ੍ਰੰਥ ਰਿਗਵੇਦ ਵਿੱਚ ਤ੍ਰਿਵੈਣੀ ਦੀ ਤੂਲਨਾ ਬ੍ਰਹਮਾ ਵਿਸ਼ਨੂੰ ਮਹੇਸ਼ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਪਿੱਪਲ ਬੋਹੜ ਨਿੰਮ ਦੀ ਇਸ ਤ੍ਰਿਵੈਣੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਾਣਦਾਨ ਤੇ ਸ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਦੇ ਜੀਵਾਂ ਨੂੰ ਅਮਰਤਾ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਸੰਗਮ ਮੰਨਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਵੇਦਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਮਨੁੱਖ ਵਲੋਂ ਇੱਕ ਤ੍ਰਿਵੈਣੀ ਲਾਉਣ ਨੂੰ ਇੱਕ ਸੌ ਗਊਆਂ ਦੇ ਦਾਨ ਮਗਰੋਂ ਮਿਲਣ ਵਾਲੇ ਪੁੰਨ ਬਰਾਬਰ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ।ਇਹ ਚੌਵੀ ਘੰਟੇ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਆਕਸੀਜਨ ਦੇਣ ਵਾਲਾ ਅਤੇ ਔਸ਼ਧੀ ਗੁਣਾਂ ਵਾਲਾ ਰੁੱਖ ਹੈ ਅਤੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਰਾਮਬਾਣ ਦਵਾਈ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।ਇੰਜ ਰਹੇਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਤੋਂ ਪਿੱਪਲ ਬੋਹੜ ਨਿੰਮ ਦੀਆਂ ਤ੍ਰਿਵੈਣੀਆਂ ਸ਼ੁਧ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨਿਰੋਗੀ ਕਾਇਆ ਅਤੇ ਸੁਖ ਸਮਰਿੱਧੀ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਤੀਕ ਮੰਨੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ। ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਬੰਗੜ ਨੇ ਹਰੇਕ ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਅਗਰ ਸਾਫ਼ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਸਾਹ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਆਸ ਪਾਸ ਰੁੱਖ ਜ਼ਰੂਰ ਲਗਾਓ ਇਸ ਨਾਲ ਵਾਤਾਵਰਣ ਵਿੱਚ ਤਾਂ ਸੁਧਾਰ ਹੋਵੇਗਾ ਹੀ ਮਨੁੱਖ ਨਿਰੋਗ ਵੀ ਹੋਵੇਗਾ।1
- ਫਿਲੌਰ ਲੋਕ ਇਨਸਾਫ ਮੰਚ ਕੀਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਤੇ ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦਾ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਵਸ ਤੇ ਦਿੱਤਾ ਡੀਐਸਪੀ ਫਿਲੌਰ ਨੂੰ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਫਿਲੌਰ ਲੋਕ ਇਨਸਾਫ ਮੰਚ ਕੀਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਤੇ ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦਾ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਵਸ ਤੇ ਦਿੱਤਾ ਡੀਐਸਪੀ ਫਿਲੌਰ ਨੂੰ ਮੰਗ ਪੱਤਰ1
- ਡਾ ਪੀ ਐਸ ਮਾਨ ਬਣੇਂ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਜਿਲਾ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਦੇ ਜਰਨਲ ਸਕੱਤਰ। ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ (ਅਸ਼ਵਨੀ ਸ਼ਰਮਾ) ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਕਾਂਗਰਸ ਵਲੋਂ ਨਵੀਆਂ ਨਿਯੁਕਤੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਚ ਸਰਬੱਤ ਦਾ ਭਲਾ ਵੈਲਫੇਅਰ ਸੁਸਾਇਟੀ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਡਾ ਪੀ ਐਸ ਮਾਨ ਨੂੰ ਜਿਲਾ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਦਾ ਜਰਨਲ ਸਕੱਤਰ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ।1
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- ਸੁਨਾਮ ਵਿਖੇ ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸ਼ਹਾਦਤ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਕੀ ਕਿਹਾ... ਦੇਖੋ ਵੀਡੀਓ... ਸੁਨਾਮ ਵਿਖੇ ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸ਼ਹਾਦਤ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਕੀ ਕਿਹਾ... ਦੇਖੋ ਵੀਡੀਓ... #PunjabNews #BhagwantMann #ShaheedUdhamSingh #SunamNews #punjabkhabar24 #aamadmipartypunjab #newstoday #TodaysUpdate #LatestNews Part 121
- तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे बैठे मजदूरों को कुचला, तीन गंभीर घायल -टूटे गटर से टकराकर फटा टायर, कार बेकाबू हो मजदूरों से टकराई -लोगों ने कार चालक पर नशे में गाड़ी चलाने के लगाए आरोप, पुलिस जांच में जुटी शहर के कपूरथला रोड पर एक तेज रफ़्तार अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे बैठे मजदूरों को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार के एयरबैग तक खुल गए। दुर्घटना में तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार कार तेज रफ्तार में आ रही थी। अचानक चालक का कार से नियंत्रण बिगड़ गया और कार सड़क किनारे बने गटर व पेड़ की ओर जा चढ़ी। इस दौरान वहां मौजूद मजदूर उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और एयरबैग खुल गए। हादसे के बाद चालक ने दावा किया कि वह गाड़ी सामान्य गति से चला रहा था। उसके अनुसार सड़क पर टूटे गटर या बाहर निकले लोहे के सरिए से टकराने के कारण कार का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर मजदूरों की ओर चला गया। चालक ने इसे अचानक हुई दुर्घटना बताया। सूचना मिलते ही थाना बस्ती बावा खेल के नव जांच अधिकारी एएसआई जगतार सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंच गए। उन्होंने क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।3